Haryana Air Pollution News Updates: क्या है हरियाणा में वायु प्रदूषण का हाल और GRAP-3 लागू होने से क्या-क्या बदलेगा? पढ़िए पूरी खबर
चंडीगढ़: हरियाणा प्रदेश में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बेहद चिंताजनक और गंभीर स्थिति में पहुँच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, गुरुग्राम जिले का पंचगांव क्षेत्र 426 एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के साथ देश के 280 निगरानी वाले शहरों में सबसे अधिक प्रदूषित स्थान दर्ज किया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि देश के टॉप-10 सबसे प्रदूषित शहरों में अकेले हरियाणा के 5 शहर शामिल हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए पूरे दिल्ली-NCR क्षेत्र में GRAP-3 (ग्रैप के तीसरे चरण) की पाबंदियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।
📊 पंचगांव पहले तो बल्लभगढ़ देश में तीसरे नंबर पर; कई शहरों में दिल्ली से भी बदतर हुई हवा
प्रदूषण के आंकड़े और शहरों की स्थिति:
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शीर्ष प्रदूषित शहर: CPCB के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश का गजरौला 407 AQI के साथ दूसरे नंबर पर रहा, जबकि हरियाणा का बल्लभगढ़ 397 AQI दर्ज करके देश में तीसरे स्थान पर पहुँच गया। राजधानी दिल्ली का AQI 382 रहा, जबकि गुरुग्राम में 368 और भिवानी में 353 AQI दर्ज हुआ।
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विभिन्न श्रेणियों का हाल: हरियाणा के पंचगांव में हवा 'गंभीर' श्रेणी में है, जबकि बल्लभगढ़, गुरुग्राम, भिवानी, हिसार, मानेसर, बहादुरगढ़, फरीदाबाद, चरखी दादरी और रोहतक में हवा 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज की गई। अंबाला, धारूहेड़ा, सोनीपत, जींद, कुरुक्षेत्र, पानीपत और नारनौल में भी हवा का स्तर 'खराब' रहा। इसके विपरीत, पंचकूला (AQI 59) और पलवल (AQI 135) में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर दर्ज की गई।
⚠️ 6 नवंबर से GRAP-3 की पाबंदियां प्रभावी; हरियाणा के 14 NCR जिलों पर पड़ेगा सीधा असर
कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट के निर्देश:
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अतिरिक्त प्रतिबंध: कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने दिल्ली-NCR में GRAP का तीसरा चरण लागू करने का आदेश जारी किया है। इसके तहत पहले से लागू GRAP-1 और GRAP-2 के साथ अब GRAP-3 की अतिरिक्त सख्त पाबंदियां भी लागू होंगी, जिसका सीधा असर हरियाणा के NCR में शामिल 14 जिलों पर पड़ेगा।
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निर्माण और खनन पर पूरी तरह रोक: GRAP-3 के तहत NCR में खुदाई, पाइलिंग, तोड़फोड़, ईंट-चिनाई, सड़क निर्माण, पेंटिंग और टाइल कटिंग जैसे धूल उड़ाने वाले सभी निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है। हालांकि रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, अस्पताल और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी सार्वजनिक परियोजनाओं को शर्तों के साथ छूट रहेगी। इसके अलावा पूरे NCR में स्टोन क्रशर और खनन गतिविधियां पूरी तरह बंद रहेंगी।
🚗 पुराने वाहनों पर कड़ाई से बैन और स्कूलों-दफ्तरों के लिए जारी हुए नए नियम
वाहन और शैक्षणिक संस्थानों पर असर:
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वाहनों पर प्रतिबंध: नए नियमों के तहत BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल मानक वाले चार पहिया हल्के मोटर वाहनों के संचालन पर दिल्ली के अलावा गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, दिव्यांग व्यक्तियों के विशेष रूप से अनुकूलित वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।
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ऑनलाइन पढ़ाई और वर्क फ्रॉम होम: गुरुग्राम और फरीदाबाद में पांचवीं कक्षा तक के छोटे बच्चों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पढ़ाई का विकल्प देना अनिवार्य कर दिया गया है। अभिभावक अपनी सुविधानुसार ऑनलाइन क्लास चुन सकते हैं। इसके अलावा, सरकारी, नगर निकाय और निजी दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को कार्यालय बुलाने और बाकी को वर्क फ्रॉम होम (WFH) देने की छूट राज्य सरकारों को दी गई है।