- पीड़ित लोगों को दयालु-द्वितीय योजना का लाभ जरूर मिलना चाहिए: एडीसी
- एडीसी दीपक बाबू लाल करवा ने दयालु द्वितीय योजना की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश
May 26, 2026, 15:45 IST
भिवानी, 26 मई। डीसी साहिल गुप्ता के मार्गदर्शन में लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए सभागार में दयालु-द्वितीय योजना की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता एडीसी दीपक बाबू लाल करवा ने की। बैठक में डॉग बाइट के कुल 22 मामलों पर विचार किया गया। इसमें 13 केसों की सहायता राशि सुनिश्चित करने तथा 9 केसों को खारिज करने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
एडीसी श्री करवा ने कहा कि दयालु-द्वितीय योजना के तहत बेसहारा/जंगली पशुओं गाय, बैल, कुत्ते, नील गाय, भैंस आदि के काटने-चोट मारने से हुई आकस्मिक मृत्यु/ घायल होने/ दिव्यांगता की स्थिति में वित्तीय सहायता प्रदान करना है। मृत्यु या नॉर्म अनुसार प्रतिशत दिव्यांगता होने पर एक से पांच लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
बैठक के दौरान इस दौरान जिला सांख्यिकी अधिकारी एवं दयालु योजना के सदस्य सचिव डॉ. भागीरथ कौशिक ने एडीसी को बताया कि पीड़ित लोगों के जरूरी दस्तावेज पूरे करवाए गए हैं। उन्होंने बताया कि दस्तावेजों में दुर्घटना स्थल फोटो, परिवार पहचान पत्र, एफआईआर/डीडीआर, मृत्यु प्रमाण पत्र और अस्पताल डिस्चार्ज प्रमाण पत्र जरूरी है।
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- इस प्रकार मिलता है पीड़ित लोगों को दयालु-द्वितीय योजना का लाभ
कुत्ते के काटने के मामले में मुआवजे की राशि न्यूनतम 10 हजार रुपए प्रति दांत के निशान पर होगी और जहां मांस त्वचा से अलग हो गया है, कुत्ते के काटने के मामले में यह न्यूनतम 20 हजार रूपए प्रति 0.2 सेमी घाव पर होगी। इसी प्रकार से 12 वर्ष तक आयु के बच्चों के लिए एक लाख रुपए, 12 से 18 वर्ष के लिए दो लाख रुपए, 18-25 वर्ष के लिए तीन लाख, 25 से 45 वर्ष आयु तक के लिए पांच लाख रुपए, 45 वर्ष से अधिक वायु वाले के लिए तीन लाख रुपए आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है। लाभार्थी/दावेदार को दुर्घटना के 90 दिनों के भीतर सहायता हेतु योजना के ऑनलाइन पोर्टल द्धह्लह्लश्चह्य://स्रड्डश्चह्य4.द्घद्बठ्ठद्धह्म्4.द्दश1.द्बठ्ठ के माध्यम से सभी आवश्यक विवरण और आवश्यक दस्तावेजों सहित एक आवेदन पत्र भरकर दावा दायर करना होगा।
बैठक में सिवानी की एसडीएम विजया मलिक और लोहारू के एसडीएम मनोज दलाल वीसी के माध्यम से जुड़े, वहीं एसडीएम महेश कुमार बैठक में मौजूद रहे। एडीसी ने सिवानी के एसडीएम को कस्बा सिवानी में आवारा कुत्तों को पकड़वाकर उनकी नसबंदी करवाने के निर्देश दिए। बैठक में जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी सोमबीर कादयान के अलावा लोक निर्माण विभाग और चिकित्सा विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
एडीसी श्री करवा ने कहा कि दयालु-द्वितीय योजना के तहत बेसहारा/जंगली पशुओं गाय, बैल, कुत्ते, नील गाय, भैंस आदि के काटने-चोट मारने से हुई आकस्मिक मृत्यु/ घायल होने/ दिव्यांगता की स्थिति में वित्तीय सहायता प्रदान करना है। मृत्यु या नॉर्म अनुसार प्रतिशत दिव्यांगता होने पर एक से पांच लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
बैठक के दौरान इस दौरान जिला सांख्यिकी अधिकारी एवं दयालु योजना के सदस्य सचिव डॉ. भागीरथ कौशिक ने एडीसी को बताया कि पीड़ित लोगों के जरूरी दस्तावेज पूरे करवाए गए हैं। उन्होंने बताया कि दस्तावेजों में दुर्घटना स्थल फोटो, परिवार पहचान पत्र, एफआईआर/डीडीआर, मृत्यु प्रमाण पत्र और अस्पताल डिस्चार्ज प्रमाण पत्र जरूरी है।
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- इस प्रकार मिलता है पीड़ित लोगों को दयालु-द्वितीय योजना का लाभ
कुत्ते के काटने के मामले में मुआवजे की राशि न्यूनतम 10 हजार रुपए प्रति दांत के निशान पर होगी और जहां मांस त्वचा से अलग हो गया है, कुत्ते के काटने के मामले में यह न्यूनतम 20 हजार रूपए प्रति 0.2 सेमी घाव पर होगी। इसी प्रकार से 12 वर्ष तक आयु के बच्चों के लिए एक लाख रुपए, 12 से 18 वर्ष के लिए दो लाख रुपए, 18-25 वर्ष के लिए तीन लाख, 25 से 45 वर्ष आयु तक के लिए पांच लाख रुपए, 45 वर्ष से अधिक वायु वाले के लिए तीन लाख रुपए आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है। लाभार्थी/दावेदार को दुर्घटना के 90 दिनों के भीतर सहायता हेतु योजना के ऑनलाइन पोर्टल द्धह्लह्लश्चह्य://स्रड्डश्चह्य4.द्घद्बठ्ठद्धह्म्4.द्दश1.द्बठ्ठ के माध्यम से सभी आवश्यक विवरण और आवश्यक दस्तावेजों सहित एक आवेदन पत्र भरकर दावा दायर करना होगा।
बैठक में सिवानी की एसडीएम विजया मलिक और लोहारू के एसडीएम मनोज दलाल वीसी के माध्यम से जुड़े, वहीं एसडीएम महेश कुमार बैठक में मौजूद रहे। एडीसी ने सिवानी के एसडीएम को कस्बा सिवानी में आवारा कुत्तों को पकड़वाकर उनकी नसबंदी करवाने के निर्देश दिए। बैठक में जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी सोमबीर कादयान के अलावा लोक निर्माण विभाग और चिकित्सा विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।