पीने के पानी की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश
फील्ड में रहकर आमजन की समस्याएं तुरंत हल करे अधिकारी: कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा
May 27, 2026, 17:04 IST
प्रदेशभर में जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द, मुख्यालय मैंटेन रखे अधिकारी
पेयजल व्यवस्था में लापरवाही पर 2 एसडीओ और 2 जेई सस्पेंड, 2 अधिकारियों को किया चार्जशीट
पानी की बर्बादी रोकने, जल संरक्षण बढ़ाने और हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने पर सरकार का विशेष फोकस
जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को प्राथमिकता से हल करने और फील्ड विजिट बढ़ाने के निर्देश
चंडीगढ़, 27 मई - हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोकनिर्माण मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने गर्मी के इस मौसम में पेयजल की सुचारु सप्लाई को लेकर जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग को पूरी तरह अलर्ट मोड पर कर दिया है। उन्होंने विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि गर्मी के इस चुनौतीपूर्ण सीजन में आमजन को किसी भी प्रकार की पेयजल समस्या का सामना न करना पड़े। इसके लिए अधिकारी फील्ड में रहकर कार्य करें, शिकायतों का त्वरित समाधान करें तथा जलापूर्ति व्यवस्था को पूरी क्षमता के साथ संचालित रखें।
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि गर्मी का अगला महीना भी विभाग के लिए सबसे महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण होता हैं। ऐसे समय में विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी और कर्मचारी मुख्यालय पर उपलब्ध रहें तथा बिना अनुमति मुख्यालय न छोड़ें। साथ ही गर्मी के मौसम को देखते हुए कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी स्थिति में पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो।
जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने बुधवार को विभागीय के अधिकारियों के साथ पेयजल व्यवस्था, जल संरक्षण, जल निकासी तथा फ्लड सीजन की तैयारियों को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक की है। बैठक में प्रदेश के सभी सर्कलों की पेयजल व्यवस्था की अलग-अलग समीक्षा की गई तथा उन क्षेत्रों की विशेष रूप से चर्चा की गई जहां से पेयजल संकट की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं। इस दौरान मुख्य अभियंता श्री देवेंद्र दाहिमा सहित विभिन्न सर्कलों के अभियंता उपस्थित रहे, जबकि सभी सर्कलों के अंतर्गत आने वाले अधीक्षण अभियंता (एसई) और उपमंडल अभियंता (एसडीओ) वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।
मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने बैठक के दौरान कहा कि प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक तक स्वच्छ, सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से सरकार “हर घर नल में नल और उसमें स्वच्छ जल” के तहत कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य केवल पानी पहुंचाना ही नहीं, बल्कि हर परिवार तक गुणवत्तापूर्ण और नियमित पेयजल उपलब्ध कराना है। विभागीय अधिकारी इस उद्देश्य को मिशन मोड में पूरा करें।
पेयजल व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं
बैठक के दौरान मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने पेयजल व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए 2 एसडीओ और 2 जेई को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने के निर्देश दिए। इनमें चरखी दादरी तथा हांसी क्षेत्र के अधिकारी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त आदमपुर के 2 अधिकारियों को चार्जशीट करने के भी निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने कहा कि आमजन को यदि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा के लिए परेशान होना पड़ता है तो यह बेहद गंभीर विषय है और ऐसी लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी पेयजल संकट, जलघर की बदहाली, पाइपलाइन लीकेज या पानी की सप्लाई में बाधा जैसी समस्याएं सामने आएंगी, वहां संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
हांसी के चानौत गांव मामले में भी कार्रवाई
हांसी के चानौत गांव में पेयजल समस्या को लेकर चल रहे धरने और अधिकारियों से मिली रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए मंत्री ने संबंधित एसडीओ और जेई को सस्पेंड करने के निर्देश दिए। जांच में सामने आया कि वहां के जिम्मेवार अधिकारियों द्वारा समस्या समाधान में अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई गई, जिसके कारण लोगों को लंबे समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा।
आदमपुर जलघर मामले में जवाब तलब
बैठक में हिसार जिला के आदमपुर जलघर की बदहाल स्थिति तथा वहां पेयजल आपूर्ति में आ रही समस्याओं पर भी संज्ञान लिया गया। मंत्री ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित एसडीओ और जेई को चार्जशीट कर जवाब तलब करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलघरों की नियमित साफ-सफाई, मशीनों का रखरखाव, मोटरों की कार्यशील स्थिति तथा पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करना विभागीय अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि जलघर केवल पानी संग्रहण का केंद्र नहीं बल्कि लाखों लोगों की दैनिक जरूरतों से जुड़ी महत्वपूर्ण व्यवस्था है। ऐसे में वहां किसी प्रकार की गंदगी, अव्यवस्था या तकनीकी खराबी नहीं होनी चाहिए।
फील्ड में रहकर करें काम, खराबी पर तुरंत लें एक्शन
जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने एक्सईएन, एसडीओ और जेई स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से अपने क्षेत्रों का दौरा करें तथा पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की स्वयं निगरानी करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल कार्यालयों में बैठकर कार्य न करें बल्कि गांवों और शहरों में जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा लें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी ट्यूबवेल, मोटर, पाइपलाइन, बूस्टिंग स्टेशन या जलघर में खराबी आती है तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाए। मरम्मत कार्य में देरी के कारण यदि किसी क्षेत्र में पेयजल संकट उत्पन्न होता है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सिंचाई विभाग के साथ बेहतर समन्वय बनाने के निर्देश
कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि गर्मी के मौसम में पानी की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए सिंचाई विभाग के साथ बेहतर तालमेल आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक सप्ताह सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करें और नहरों में पानी की उपलब्धता, जल वितरण तथा भविष्य की आवश्यकताओं पर चर्चा करें। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में भूमिगत जल स्तर कम है वहां विशेष रणनीति बनाकर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को टैंकरों या अन्य वैकल्पिक साधनों पर निर्भर न रहना पड़े।
पानी की बर्बादी रोकने के लिए विशेष अभियान
जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने बैठक के दौरान जल संरक्षण को लेकर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में पानी की बर्बादी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। विभागीय कर्मचारी घर-घर जाकर सर्वे करें और जहां पानी की अनावश्यक बर्बादी होती दिखाई दे वहां नोटिस जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि पेयजल की सप्लाई आने पर कई स्थानों पर लोगों के घरों से व्यर्थ पानी बह रहा होता है, इस प्रकार की लापरवाही पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि पानी की बर्बादी किसी सूरत में नहीं होनी चाहिए। इसके लिए जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ नियमों के तहत कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। मंत्री ने कहा कि जल संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि वर्तमान समय में पानी बचाने की दिशा में गंभीर प्रयास नहीं किए गए तो भविष्य में जल संकट और गंभीर हो सकता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को पानी बचाने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
जल गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में दूषित पानी से जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए फिल्ट्रेशन तथा जल परीक्षण की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि गांवों और शहरों में पानी के सैंपल नियमित रूप से लिए जाएं तथा यदि कहीं पानी की गुणवत्ता खराब पाई जाती है तो तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। बैठक के दौरान बहादुरगढ़ के आदर्श नगर क्षेत्र में ओवरफ्लो की समस्या, चरखी दादरी के विद्यानगर, हनुमान ढाणी और टिब्बा बस्ती में पेयजल संकट तथा गुरुग्राम के मुजैदपुर क्षेत्र में पानी की कमी को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
जनप्रतिनिधियों के फोन नहीं उठाने पर जताई नाराजगी
बैठक में मंत्री ने कहा कि कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा यह शिकायत दी है कि विभाग के कुछ अधिकारी उनके फोन नहीं उठाते और समस्याओं पर गंभीरता नहीं दिखाते। इस पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों के फोन हर हाल में रिसीव करें और जनता की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है और अधिकारियों का व्यवहार भी संवेदनशील तथा जिम्मेदार होना चाहिए।
सरकार की प्राथमिकता : हर घर तक स्वच्छ पेयजल
बैठक में मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। विभागीय अधिकारी पूरी जिम्मेदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें तथा यह सुनिश्चित करें कि गर्मी के इस मौसम में प्रदेश के किसी भी गांव या शहर में पेयजल संकट उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि सरकार आमजन की सुविधा और बेहतर बुनियादी सेवाओं को लेकर पूरी तरह गंभीर है तथा पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
पेयजल व्यवस्था में लापरवाही पर 2 एसडीओ और 2 जेई सस्पेंड, 2 अधिकारियों को किया चार्जशीट
पानी की बर्बादी रोकने, जल संरक्षण बढ़ाने और हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने पर सरकार का विशेष फोकस
जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को प्राथमिकता से हल करने और फील्ड विजिट बढ़ाने के निर्देश
चंडीगढ़, 27 मई - हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोकनिर्माण मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने गर्मी के इस मौसम में पेयजल की सुचारु सप्लाई को लेकर जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग को पूरी तरह अलर्ट मोड पर कर दिया है। उन्होंने विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि गर्मी के इस चुनौतीपूर्ण सीजन में आमजन को किसी भी प्रकार की पेयजल समस्या का सामना न करना पड़े। इसके लिए अधिकारी फील्ड में रहकर कार्य करें, शिकायतों का त्वरित समाधान करें तथा जलापूर्ति व्यवस्था को पूरी क्षमता के साथ संचालित रखें।
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि गर्मी का अगला महीना भी विभाग के लिए सबसे महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण होता हैं। ऐसे समय में विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी और कर्मचारी मुख्यालय पर उपलब्ध रहें तथा बिना अनुमति मुख्यालय न छोड़ें। साथ ही गर्मी के मौसम को देखते हुए कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी स्थिति में पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो।
जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने बुधवार को विभागीय के अधिकारियों के साथ पेयजल व्यवस्था, जल संरक्षण, जल निकासी तथा फ्लड सीजन की तैयारियों को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक की है। बैठक में प्रदेश के सभी सर्कलों की पेयजल व्यवस्था की अलग-अलग समीक्षा की गई तथा उन क्षेत्रों की विशेष रूप से चर्चा की गई जहां से पेयजल संकट की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं। इस दौरान मुख्य अभियंता श्री देवेंद्र दाहिमा सहित विभिन्न सर्कलों के अभियंता उपस्थित रहे, जबकि सभी सर्कलों के अंतर्गत आने वाले अधीक्षण अभियंता (एसई) और उपमंडल अभियंता (एसडीओ) वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।
मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने बैठक के दौरान कहा कि प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक तक स्वच्छ, सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से सरकार “हर घर नल में नल और उसमें स्वच्छ जल” के तहत कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य केवल पानी पहुंचाना ही नहीं, बल्कि हर परिवार तक गुणवत्तापूर्ण और नियमित पेयजल उपलब्ध कराना है। विभागीय अधिकारी इस उद्देश्य को मिशन मोड में पूरा करें।
पेयजल व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं
बैठक के दौरान मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने पेयजल व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए 2 एसडीओ और 2 जेई को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने के निर्देश दिए। इनमें चरखी दादरी तथा हांसी क्षेत्र के अधिकारी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त आदमपुर के 2 अधिकारियों को चार्जशीट करने के भी निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने कहा कि आमजन को यदि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा के लिए परेशान होना पड़ता है तो यह बेहद गंभीर विषय है और ऐसी लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी पेयजल संकट, जलघर की बदहाली, पाइपलाइन लीकेज या पानी की सप्लाई में बाधा जैसी समस्याएं सामने आएंगी, वहां संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
हांसी के चानौत गांव मामले में भी कार्रवाई
हांसी के चानौत गांव में पेयजल समस्या को लेकर चल रहे धरने और अधिकारियों से मिली रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए मंत्री ने संबंधित एसडीओ और जेई को सस्पेंड करने के निर्देश दिए। जांच में सामने आया कि वहां के जिम्मेवार अधिकारियों द्वारा समस्या समाधान में अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई गई, जिसके कारण लोगों को लंबे समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा।
आदमपुर जलघर मामले में जवाब तलब
बैठक में हिसार जिला के आदमपुर जलघर की बदहाल स्थिति तथा वहां पेयजल आपूर्ति में आ रही समस्याओं पर भी संज्ञान लिया गया। मंत्री ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित एसडीओ और जेई को चार्जशीट कर जवाब तलब करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलघरों की नियमित साफ-सफाई, मशीनों का रखरखाव, मोटरों की कार्यशील स्थिति तथा पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करना विभागीय अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि जलघर केवल पानी संग्रहण का केंद्र नहीं बल्कि लाखों लोगों की दैनिक जरूरतों से जुड़ी महत्वपूर्ण व्यवस्था है। ऐसे में वहां किसी प्रकार की गंदगी, अव्यवस्था या तकनीकी खराबी नहीं होनी चाहिए।
फील्ड में रहकर करें काम, खराबी पर तुरंत लें एक्शन
जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने एक्सईएन, एसडीओ और जेई स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से अपने क्षेत्रों का दौरा करें तथा पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की स्वयं निगरानी करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल कार्यालयों में बैठकर कार्य न करें बल्कि गांवों और शहरों में जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा लें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी ट्यूबवेल, मोटर, पाइपलाइन, बूस्टिंग स्टेशन या जलघर में खराबी आती है तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाए। मरम्मत कार्य में देरी के कारण यदि किसी क्षेत्र में पेयजल संकट उत्पन्न होता है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सिंचाई विभाग के साथ बेहतर समन्वय बनाने के निर्देश
कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि गर्मी के मौसम में पानी की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए सिंचाई विभाग के साथ बेहतर तालमेल आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक सप्ताह सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करें और नहरों में पानी की उपलब्धता, जल वितरण तथा भविष्य की आवश्यकताओं पर चर्चा करें। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में भूमिगत जल स्तर कम है वहां विशेष रणनीति बनाकर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को टैंकरों या अन्य वैकल्पिक साधनों पर निर्भर न रहना पड़े।
पानी की बर्बादी रोकने के लिए विशेष अभियान
जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने बैठक के दौरान जल संरक्षण को लेकर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में पानी की बर्बादी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। विभागीय कर्मचारी घर-घर जाकर सर्वे करें और जहां पानी की अनावश्यक बर्बादी होती दिखाई दे वहां नोटिस जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि पेयजल की सप्लाई आने पर कई स्थानों पर लोगों के घरों से व्यर्थ पानी बह रहा होता है, इस प्रकार की लापरवाही पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि पानी की बर्बादी किसी सूरत में नहीं होनी चाहिए। इसके लिए जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ नियमों के तहत कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। मंत्री ने कहा कि जल संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि वर्तमान समय में पानी बचाने की दिशा में गंभीर प्रयास नहीं किए गए तो भविष्य में जल संकट और गंभीर हो सकता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को पानी बचाने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
जल गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में दूषित पानी से जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए फिल्ट्रेशन तथा जल परीक्षण की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि गांवों और शहरों में पानी के सैंपल नियमित रूप से लिए जाएं तथा यदि कहीं पानी की गुणवत्ता खराब पाई जाती है तो तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। बैठक के दौरान बहादुरगढ़ के आदर्श नगर क्षेत्र में ओवरफ्लो की समस्या, चरखी दादरी के विद्यानगर, हनुमान ढाणी और टिब्बा बस्ती में पेयजल संकट तथा गुरुग्राम के मुजैदपुर क्षेत्र में पानी की कमी को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
जनप्रतिनिधियों के फोन नहीं उठाने पर जताई नाराजगी
बैठक में मंत्री ने कहा कि कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा यह शिकायत दी है कि विभाग के कुछ अधिकारी उनके फोन नहीं उठाते और समस्याओं पर गंभीरता नहीं दिखाते। इस पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों के फोन हर हाल में रिसीव करें और जनता की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है और अधिकारियों का व्यवहार भी संवेदनशील तथा जिम्मेदार होना चाहिए।
सरकार की प्राथमिकता : हर घर तक स्वच्छ पेयजल
बैठक में मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। विभागीय अधिकारी पूरी जिम्मेदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें तथा यह सुनिश्चित करें कि गर्मी के इस मौसम में प्रदेश के किसी भी गांव या शहर में पेयजल संकट उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि सरकार आमजन की सुविधा और बेहतर बुनियादी सेवाओं को लेकर पूरी तरह गंभीर है तथा पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।