Power Cut And High Bill Controversy Bhiwani: बिजली की खपत कम, बिल आया भारी-भरकम; भिवानी में भड़कीं रेणू बाला
बिजली बिलों में चार्ज का करंट, ऊपर से रातभर बिजली गुल : रेणू बाला
जनता की जेब पर डाका व विभाग मालामाल : ग्रामीण जिला उपाध्यक्ष रेणू बाला का सरकार पर हमला
भिवानी, 21 अगस्त : हरियाणा में भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली विभाग और सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश फूट पड़ा है। एक तरफ जहां भारी-भरकम बिजली बिलों में फिक्स्ड चार्ज, फ्यूल सरचार्ज और एडवांस सिक्योरिटी के नाम पर जनता की जेब ढीली की जा रही है, वही दूसरी ओर अघोषित बिजली कटौती ने आम जनता का जीना मुहाल कर रखा है। कांग्रेस ग्रामीण जिला उपाध्यक्ष रेणू बाला ने बिजली विभाग और सरकार की नीतियों को जनविरोधी करार देते हुए जोरदार हमला बोला है। उन्होंने अपने स्वयं के घरेलू बिजली बिल और क्षेत्र के अन्य उपभोक्ताओं के बिलों को सार्वजनिक करते हुए विभाग के जोड़-तोड़ और वसूली के खेल की पोल खोली।
कांग्रेस ग्रामीण जिला उपाध्यक्ष रेणू बाला ने अपने घरेलू बिजली बिल का ब्योरा साझा करते हुए कहा कि बिजली विभाग जनता को लूटने की खुली छूट लेकर बैठा है। उन्होंने बताया कि मेरे घर का बिजली बिल आया है, जिसमें यूनिट, फिक्स्ड चार्ज, फ्यूल सरचार्ज, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी और म्युनिसिपल टैक्स जैसे तमाम तरह के शुल्क थौंपे गए हैं। 762 यूनिट की खपत पर जब इन तमाम शुल्कों को जोड़ा जाता है, तो बिल का गणित ही समझ से परे हो जाता है। कुल बिल 5 हजार 365 रुपये थमा दिया गया है। इसमें 1500 रुपये की सिक्योरिटी अलग से दर्शाई गई है। बिजली विभाग आम जनता का खून चूसकर बिजली मंत्री अनिल विज और सरकार का खजाना भरने में लगा है।
रेणू बाला ने बवानीखेड़ा शहर के एक अन्य उपभोक्ता के बिजली बिल का उदाहरण देते हुए कहा कि मध्यमवर्गीय और किराए पर रहने वाले गरीब परिवारों पर विभाग द्वारा खुला अत्याचार किया जा रहा है। इस बिल में वास्तविक बिजली खपत मात्र 3,342.11 है। इसमें 1770 से अधिक के अतिरिक्त चार्ज सहित कुल देय राशि 5 हजार 115 रूपये बनती है। उन्होंने कहा कि एक गरीब किराएदार जो दो वक्त की रोटी के लिए जूझ रहा है, उस पर बिना किसी स्पष्ट कारण के लगभग 1774 रुपये का अतिरिक्त आर्थिक दंड ठोक दिया गया। बिजली की वास्तविक खपत 3342 रुपये है, लेकिन थमाया जा रहा है 5115 रुपये का बिल। यह खुली लूट है।
कांग्रेस नेत्री ने बिजली आपूर्ति की लचर व्यवस्था पर रोष जताते हुए कहा कि प्रदेश में भीषण गर्मी के मौसम में रात-रात भर बिजली गायब रहती है। अघोषित बिजली कटौती के कारण छोटे-छोटे बच्चे रातभर रोते रहते हैं, बुजुर्गों और बीमारों का बुरा हाल है, लेकिन विभाग कुंभकर्णी नींद में सोया है। यही नहीं बिजली बोर्ड हर महीने भारी भरकम मेंटेनेंस और फिक्स्ड चार्ज वसूलता है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि हल्की सी हवा चलते ही ट्रांसफार्मर और फीडर ठप हो जाते हैं। रेणू बाला ने सरकार व बिजली निगम कोचेतावनी देते हुए कहा कि बिजली कोई विलासिता नहीं, बल्कि मूलभूत आवश्यकता है। सरकार सरचार्ज, एडवांस सिक्योरिटी और अनाप-शनाप टैक्स लगाकर आम आदमी की कमर तोड़ रही है।
उन्होंने मांग की कि कि बिजली बिलों पर थोपे गए अनुचित फ्यूल सरचार्ज व एडवांस सिक्योरिटी वसूली तुरंत वापस ली जाए। घरेलू उपभोक्ताओं को बिना किसी कटौती के 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। त्रुटिपूर्ण और भारी-भरकम बिलों की समीक्षा कर उपभोक्ताओं को तत्काल राहत दी जाए।