बिजली कर्मचारियों का हल्लाबोल : एग्रो डिस्काउंट और स्मार्ट मीटर के विरोध में भिवानी में फूटा बिजली कर्मचारियों का गुस्सा
स्मार्ट मीटर से किसानों को झेलना होगा संकट, सब्सिडी और सस्ती बिजली होगी खत्म : अशोक गोयत
रिचार्ज खत्म होने पर तुरंत कटेगी बिजली, 25-30 हजार के मीटर का खर्च और 2500 मरम्मत लागत उपभोक्ताओं से वसूली जाएगी : धर्मवीर सिंह भाटी
भिवानी, 16 जून : इलेक्ट्रिसिटी एंप्लाइज फेडरेशन ऑफ़ इंडिया व सर्व कर्मचारी संघ से संबंधित ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर यूनियन ने प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूनियन के आह्वान पर मंगलवार को पूरे हरियाणा में एग्रो डिस्काउंट की नोटिफिकेशन की प्रतियां फूंककर और काले बिल्ले लगाकर तीखा विरोध दर्ज कराया गया। इसी कड़ी में सर्कल भिवानी में भी कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए सरकार के इस कदम को पूरी तरह जन-विरोधी करार दिया।
इस मौके पर सर्कल सचिव अशोक कुमार ने बताया कि साल 1997-98 में भाजपा समर्थित तत्कालीन हरियाणा सरकार ने घाटे का हवाला देकर बिजली बोर्ड को तोड़ा था। उस समय तर्क दिया गया था कि बिजली बोर्ड 450 करोड़ रुपये के घाटे में है, इसलिए इसे चार कंपनियों में विभाजित किया जा रहा है। लेकिन आज इतिहास खुद को दोहरा रहा है। अब हरियाणा एग्रो डिस्काउंट प्राइवेट लिमिटेड नाम से एक नई कंपनी का आगाज किया जा रहा है, जिसे शुरुआत में ही 5 हजार 427 करोड़ रुपये के भारी-भरकम घाटे के साथ शुरू किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नई कंपनी के आने से किसानों को मिलने वाली सस्ती बिजली, सब्सिडी और क्रॉस सब्सिडी पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। सरकार और निजी कंपनियां मिलकर उपभोक्ताओं पर भारी आर्थिक बोझ लादने की तैयारी में हैं। उन्होंने हाल ही में आए बिजली मंत्री के उस बयान पर भी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने कहा था कि स्मार्ट मीटर लगाने की शुरुआत सबसे पहले कर्मचारियों के घरों से होगी।
ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर यूनियन के राज्य ऑडिटर धर्मवीर सिंह भाटी ने उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में लगे स्मार्ट मीटरों के रेट का हवाला देते हुए हरियाणा के मौजूदा रेट से तुलना की। उन्होंने कहा कि क यूनिट से 100 यूनिट तक 4.79 पैसे प्रति यूनिट, 101 यूनिट से लेकर के 300 यूनिट तक 10.88 पैसे, 301 यूनिट से लेकर 500 यूनिट तक 14.55 पैसे प्रति यूनिट, 500 से 17.88 पैसे प्रति यूनिट दी जा रही है। जबकि हरियाणा में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम में 1 से 50 यूनिट तक 2.50 पैसे प्रति यूनिट, एक से 150 यूनिट तक 4.50 पैसे प्रति यूनिट है, 151 से 300 यूनिट तक 5.35 पैसे प्रति यूनिट, 301 से 500 यूनिट तक 6.78 पैसे प्रति यूनिट, 500 से अधिक यूनिट पर 7.88 पैसे प्रति यूनिट होगा। यानी के आने वाले समय में अगर स्मार्ट मीटर लगा दिए गए हैं लगा दिए जाएंगे तो हमारी बिजली 2 गुना से भी ज्यादा रेट बढ़ा दिए जाएंगे।
धर्मवीर सिंह भाटी ने कहा कि यह व्यवस्था बेहद क्रूर है। अगर किसी उपभोक्ता का रिचार्ज रात के 12 बजे खत्म होता है, तो बिजली उसी वक्त गुल हो जाएगी। इसके अलावा 25 से 30 हजार रुपये की कीमत वाले इस मीटर का खर्च धीरे-धीरे उपभोक्ताओं के बिल में जोडक़र वसूला जाएगा। यदि मीटर में कोई खराबी आती है या वह जल जाता है, तो उसकी 2500 की मरम्मत लागत भी उपभोक्ता की जेब से ही काटी जाएगी।
राज्य सचिव लोकेश व राज्य कमेटी सदस्य चांदराम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नया एग्रो डिस्काउंट बनने से बिजली व्यवस्था निजी हाथों में चली जाएगी और आम जनता का शोषण होगा। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने तत्काल प्रभाव से एग्रो डिस्कॉम का गठन, स्मार्ट मीटर लगवाने का फैसला और समांतर लाइसेंस देने की प्रक्रिया को रद्द नहीं किया तो ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर यूनियन किसानों और अन्य जन-संगठनों के साथ मिलकर इस आंदोलन को और ज्यादा तीखा व राष्ट्रव्यापी रूप देगी। इस अवसर पर रविंद्र यादव, सतीश तंवर, सुखबीर, राजीव, धर्मबीर, मुकेश, अनिल फोरमैन, ललित यादव, अजीत, उमेश श्योराण, प्रवेश जांगड़ा सहित अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।