{"vars":{"id": "123258:4912"}}

- सभी विभागों को निविदा एवं अनुबंधों का विवरण वेबसाइट पर करना होगा प्रकाशित: डीसी
 

- सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार सख्त: डीसी
 
 

भिवानी, 21 जुलाई। हरियाणा सरकार ने सार्वजनिक खरीद (पब्लिक प्रोक्योरमेंट) प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, प्राधिकरणों, वैधानिक निकायों, समितियों, मिशनों तथा अन्य सार्वजनिक खरीद संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि वे उच्च मूल्य की निविदाओं एवं अनुबंधों का विवरण नियमित रूप से अपनी वेबसाइटों तथा राज्य की नोडल वेबसाइट डीएसएनडीहरियाणा.जीओवी.ईन पर प्रकाशित करें।
डीसी साहिल गुप्ता ने ये जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने इस संबंध में 29 अगस्त, 2021 को जारी निर्देशों को पुन: कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। सरकार निर्देशानुसार पांच करोड़ रुपये या उससे अधिक मूल्य की वस्तुओं, कार्यों एवं सेवाओं से संबंधित सभी निविदाओं एवं अनुबंधों का विवरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य होगा।
सरकार के निर्देशानुसार प्रकाशित की जाने वाली जानकारी में खरीद करने वाली संस्था का नाम, कार्य अथवा आपूर्ति का संक्षिप्त विवरण एवं निर्धारित समय-सीमा, अनुबंध का कुल मूल्य (करोड़ रुपये में), कार्य आवंटित की गई एजेंसी का नाम तथा कार्यादेश/आवंटन की तिथि शामिल होगी।
उन्होंने बताया कि सरकार के निर्देशों के अनुसार आपूर्ति एवं निपटान निदेशालय द्वारा सभी सार्वजनिक खरीद संस्थाओं के लिए आवश्यक सॉफ्टवेयर, डेटा प्रारूप तथा उपयोगकर्ता लॉगिन की व्यवस्था की जाएगी, ताकि निविदाओं एवं अनुबंधों के आवंटन संबंधी जानकारी राज्य खरीद पोर्टल पर समयबद्ध तरीके से अपलोड की जा सके।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक सार्वजनिक खरीद संस्था के मुख्य सतर्कता अधिकारी को प्रत्येक माह निविदाओं एवं अनुबंधों के आवंटन का विवरण संबंधित वेबसाइटों पर अपडेट करने तथा मुख्य सचिव, हरियाणा (सतर्कता विभाग/शाखा) के कार्यालय को मासिक अनुपालन प्रमाण-पत्र भेजने की जिम्मेदारी होगी।
उन्होंने बताया कि सभी सार्वजनिक खरीद संस्थाओं के मुख्य सतर्कता अधिकारी प्रत्येक माह निविदाओं एवं अनुबंधों के आवंटन का विवरण वेबसाइटों पर प्रकाशित करने के साथ-साथ मुख्य सचिव (सतर्कता विभाग/शाखा) को निर्धारित प्रारूप में मासिक अनुपालन प्रमाण-पत्र भेजना सुनिश्चित करें, ताकि सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया में अधिकतम पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व कायम रखा जा सके।