{"vars":{"id": "123258:4912"}}

Sampat Singh on Power Tariff: पूर्व मंत्री संपत सिंह के विरोध के बाद बिजली निगमों की याचिका खारिज, उपभोक्ताओं को मिली बड़ी राहत

हरियाणा बिजली विनियामक आयोग (HERC) ने 84 लाख उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए 1134.54 करोड़ रुपये के FSA की याचिका खारिज कर दी है।

 

हरियाणा बिजली विनियामक आयोग (HERC) ने प्रदेश के करीब 84 लाख बिजली उपभोक्ताओं को बहुत बड़ी राहत दी है। आयोग ने बिजली निगमों की उस याचिका को सिरे से अस्वीकार कर दिया है, जिसके तहत उपभोक्ताओं से ईंधन सरचार्ज समायोजन (FSA) के रूप में 1134.54 करोड़ रुपये वसूले जाने थे। इस फैसले से आम जनता और छोटे कारोबारियों पर पड़ने वाला अतिरिक्त आर्थिक बोझ टल गया है।

⚖️ प्रो. संपत सिंह के कड़े विरोध का असर, निगमों की प्रशासनिक लापरवाही पर आयोग की सख्त मुहर

पूर्व मंत्री एवं इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. संपत सिंह ने HERC में सुनवाई के दौरान इस याचिका का पुरजोर विरोध किया था। उन्होंने तर्क दिया था कि बिजली कंपनियां कानून और निर्धारित समय-सीमा की अनदेखी कर उपभोक्ताओं पर बोझ नहीं डाल सकतीं। उत्तर और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगमों द्वारा नवंबर 2025 में इस राशि की वसूली का प्रयास किया गया था, लेकिन तय समय में बिलों में न जोड़े जाने के कारण जनवरी 2026 में यह राशि नियमों के तहत जब्त हो चुकी थी।

🔍 दो साल की समय-सीमा और नियमों की अनदेखी बनी निगमों की असफलता का मुख्य कारण

सुनवाई के दौरान बिजली निगमों ने खुद स्वीकार किया कि मांगी गई कुल राशि में से लगभग 950.09 करोड़ रुपये (84 प्रतिशत) सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जुड़ी पिछली देनदारियां थीं। नियमों के अनुसार ऐसी पुरानी बकाया राशि अधिकतम दो वर्ष के भीतर वसूली जानी चाहिए, जबकि निगम वित्तीय वर्ष 2022-23 से जुड़े बकाये को वसूलने का प्रयास कर रहे थे। HERC के इस फैसले के बाद उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है, हालांकि अभी कई अन्य मुद्दों पर भी सुनवाई जारी रहना तय है।