Haryana Rain News: हरियाणा में मानसून एक्टिव, 3 जिलों में ऑरेंज और 11 में येलो अलर्ट; जलभराव से थमी रफ्तार
हरियाणा में मानसून सक्रिय होने से औसतन 4.9°C तापमान गिरा है। मौसम विभाग ने अंबाला, पंचकूला व यमुनानगर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पढ़ें प्रदेश भर का मौसम हाल।
हिसार: हरियाणा में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह और पलवल में यलो अलर्ट घोषित किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश की संभावना है. लगातार बारिश के कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में औसतन 4.9 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है.
बारिश ने खोली व्यवस्थाओं की पोल: एक ओर बारिश ने लोगों को राहत तो दी, लेकिन कई शहरों में नगर निकायों की तैयारियों की पोल भी खोल दी. सड़कों पर जलभराव, जाम और बंद पड़े वाहन आम दृश्य बन गए. कई इलाकों में लोगों को घंटों तक पानी के बीच आवाजाही करनी पड़ी. फरीदाबाद में ट्यूबवेल के करंट से दो कुत्तों और एक बछड़े की मौत की घटना ने लोगों की चिंता भी बढ़ा दी.
हिसार में आधे घंटे की बारिश से शहर पानी-पानी: हिसार में करीब 37 एमएम बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की हकीकत सामने ला दी. कृष्णा नगर, जवाहर नगर, फव्वारा चौक, कैमरी रोड, अर्बन एस्टेट और कैंप चौक पुल सहित कई इलाके जलमग्न हो गए. कैंप चौक पुल पर पानी भरने से दोपहिया वाहन बंद हो गए और लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी. हिसारी के स्थानीय निवासी हरिकेश ढांडा और दीपक राजेश ने कहा कि, "बारिश से पहले सीवरेज की सफाई और पानी निकासी के उचित इंतजाम होने चाहिए थे. थोड़ी बारिश में ही शहर जलमग्न हो जाता है." वहीं मौसम वैज्ञानिक डॉ. चंद्र मोहन ने कहा कि, "आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना बनी हुई है."
फरीदाबाद में जलभराव से थमी रफ्तार: इधर, फरीदाबाद में मंगलवार की बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी. कई प्रमुख सड़कें, कॉलोनियां और पॉश इलाके पानी में डूब गए. स्कूल जाने वाले बच्चों, अभिभावकों और दफ्तर जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी. कई बाइक सवार फिसलकर गिर गए, जबकि ऑटो और अन्य वाहन जलभराव में फंस गए. दिल्ली-मथुरा रोड पर भी लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा. स्थानीय लोगों का कहना है कि "मानसून से पहले प्रशासन ने जलभराव नहीं होने के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन पहली ही तेज बारिश ने उन सभी दावों की पोल खोल दी. अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि स्थायी समाधान की जरूरत है."
तावडू में दुकानों तक पहुंचा बारिश का पानी: वहीं, नूंह जिले के तावडू में सीजन की पहली मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर को पानी-पानी कर दिया. करीब डेढ़ घंटे तक हुई बारिश के बाद जाट चौक पर तेज बहाव में दोपहिया वाहन बहने लगे. नई अनाज मंडी परिसर और मुख्य बाजार पूरी तरह जलमग्न हो गए. कई दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों का सामान खराब हो गया और आवागमन भी प्रभावित रहा. स्थानीय ग्रामीण मोहम्मद इनाम ने कहा कि, "जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह नाकाम है. थोड़ी सी बारिश में ही पूरा शहर डूब जाता है और लोगों को हर बार परेशानियों का सामना करना पड़ता है."
आगे भी भारी बारिश की संभावना: मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है. ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखने और संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी बनाए रखने की होगी. यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो लगातार बारिश के दौरान जनजीवन और अधिक प्रभावित हो सकता है.