शिक्षकों की समस्याओं को लेकर हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने किया प्रदर्शन
भिवानी :
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ संबद्ध सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और स्कूल टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर भिवानी में जिला स्तरीय धरना-प्रदर्शन किया तथा भिवानी के जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से राज्य सरकार को एक ज्ञापन प्रेषित किया, जिसमें स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षकों की सेवा शर्तों से जुड़ी 21 प्रमुख मांगों को तत्काल हल करने की अपील की गई है।
स्थानीय लघु सचिवालय के समक्ष धरने-प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान अजीत राठी ने की तथा संचालन जिला सचिव सुमेर आर्य ने किया। इस दौरान जिला वरिष्ठ उप प्रधान अंजू देवी, सुनील सूरा, सुनीता रानी, राज्य उप प्रधान सुशील देवी, राज्य संगठन सचिव सुखदर्शन सरोहा, जगमंत, रेखा देवी, विनोद बॉक्सर, राजेश पोटलिया, संजय गौरीपुर, लाजपत जाखड़, अनूप सिवाच, संजय सैनी सहित अनेक अध्यापकगण मौजूद रहे। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से इन समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जि़म्मेदारी शिक्षा विभाग और हरियाणा सरकार की होगी।
इस मौके पर जिला प्रधान अजीत राठी व जिला सचिव सुमेर आर्य ने कहा कि 9 जून 2025 को तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग और निदेशक, माध्यमिक एवं मौलिक शिक्षा की उपस्थिति में संगठन के साथ हुई बातचीत में कई मांगों पर सहमति बनी थी।
संघ ने आरोप लगाया कि सहमति बनने के बावजूद उन मांगों को अभी तक लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से एसीपी लाभ, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, एलटीसी का निपटान, सभी वर्गों के तबादले, गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ, और छात्रों की प्रोत्साहन राशियां जारी न होने जैसी अनेकों समस्याओं से जूझ रहे हैं। इन समस्याओं के समाधान में हो रही देरी ने हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ को 13 से 31 अक्टूबर तक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करने के लिए विवश किया है। उन्होंने बताया कि 8 नवंबर को पानीपत में शिक्षा मंत्री के कैप कार्यालय का घेराव कर प्रदेश भर के अध्यापक अपनी मांगों को मजबूती से उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि उनकी मांगों में एसीपी लाभ, नियमितीकरण और भर्ती, एचकेआरएन टैक्स पर रोक, ट्रांसफर ड्राइव, पदोन्नति, टीजीटी नियुक्ति लाभ, मेवात और मोरनी का दुर्गम भत्ता, पुरानी पेंशन बहाली, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, एलटीसी का लाभ, शिशु देखभाल अवकाश गैर-शैक्षणिक कार्यों पर रोक सहित अन्य मांगों को लेकर शिक्षक काफभ्समय से संघर्षरत्त है, लेकिन सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है।
जिसके चलते शिक्षकों में अब रोष पनप रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विभाग और सरकार ने इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जि़म्मेदारी आला अधिकारियों और हरियाणा सरकार की होगी।