मांगों को लेकर भिवानी में अध्यापकों का फूटा गुस्सा : डीईओ कार्यालय पर की सांकेतिक भूख हड़ताल
भिवानी, 30 जून : अपनी न्यायसंगत मांगों और जलते मुद्दों को लेकर प्रदेश के अध्यापकों का सब्र अब जवाब दे गया है। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के आह्वान पर मंगलवार को प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत भिवानी सहित सभी जिलों में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। इसी कड़ी में भिवानी में अध्यापकों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ गहरा रोष प्रकट करते हुए एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल का आयोजन किया। इस दौरान सैकड़ों अध्यापक जिला सचिवालय के सामने इक_ा हुए। इसके बाद सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अध्यापक संघ भिवानी के जिला प्रधान अजीत राठी, जिला सचिव सुमेर आर्य, भिवानी ब्लॉक प्रधान संजय गौरीपुर, ब्लॉक सचिव लाजपत जाखड़, राज्य संगठन सचिव सुखदर्शन सरोहा, पांच अध्यापकों को सांकेतिक भूख हड़ताल पर बैठाया गया। भूख हड़ताल शुरू करने से पहले सर्व कर्मचारी संघ के वरिष्ठ नेताओं सूरजभान जटासरा, अशोक गोयत और शंकर आदि ने इन सभी आंदोलनकारी अध्यापकों को फूल मालाएं पहनाकर उनके इस संघर्ष का हौसला बढ़ाया और समर्थन किया। धरना स्थल पर अध्यापकों के भारी हुजूम को संबोधित करते हुए जिला प्रधान अजीत राठी, जिला सचिव सुमेर आर्य ने सरकार की शिक्षा और कर्मचारी विरोधी नीतियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के अधिकार और इसके विस्तार को लेकर गंभीर नहीं है। हमारी स्पष्ट मांग है कि सार्वजनिक शिक्षा के विस्तार के लिए आबादी के हिसाब से तुरंत नए स्कूल खोले जाएं। स्कूलों में शिक्षकों के हजारों पद खाली पड़े हैं, जिन्हें भरने की बजाय सरकार आंखें मूंदे बैठी है; इन खाली पदों पर तुरंत नियमित भर्ती की जाए। इसके साथ ही, सालों से सेवाएं दे रहे कच्चे कर्मचारियों को बिना किसी देरी के पक्का किया जाए। अध्यापक नेताओं ने मांग की कि अध्यापकों से गैर-शैक्षणिक कार्य करवाना तुरंत बंद किया जाए ताकि वे बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दे सकें। हमारी वर्षों पुरानी मांग पुरानी पेंशन बहाली को सरकार तुरंत लागू करे। इसके अलावा अध्यापकों के स्थानांतरण अप्रैल महीने में ही पूरे किए जाने चाहिए ताकि नए सत्र की शुरुआत से ही बच्चों को शिक्षक मिल सकें। पूरी व्यवस्था का व्यावहारिक रेशनलाइजेशन होना बेहद जरूरी है। नेताओं ने साफ किया कि यह तो महज एक सांकेतिक प्रदर्शन था, यदि सरकार ने अब भी उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज किया, तो आने वाले समय में प्रदेश स्तर पर एक बड़ा और निर्णायक आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस अवसर पर राज्य सचिव महेंद्र सिंह, लोहारू से अनिल डंडवाल, राजेश, मुकेश, सतीश, नरेश सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और अन्य अध्यापक नेता मुख्य रूप से उपस्थित रहे और अपनी आवाज बुलंद की।