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हरियाणा मौसम अपडेट: 8 जिलों में ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट, तापमान में भारी गिरावट

हरियाणा के 8 जिलों में 80km/h की रफ्तार से आंधी और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट। तापमान में 4.7°C की गिरावट से मिली राहत। जानें मानसून और जून की गर्मी का ताजा अपडेट।

 

चंडीगढ़: हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान पर बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से मौसम ने अचानक करवट ले ली है. पिछले दो दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के आठ जिलों में तूफान और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.

ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में बढ़ी चिंता: मौसम विभाग के अनुसार सिरसा, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, नूंह, पलवल और यमुनानगर में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है. विभाग का अनुमान है कि हवा की गति कुछ क्षेत्रों में 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है.

कई जिलों में येलो अलर्ट जारी: प्रदेश के उत्तर और मध्य भाग के जिलों पंचकूला, अंबाला, हिसार, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, जींद, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद और रोहतक में येलो अलर्ट जारी किया गया है. इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है.

तापमान में रिकॉर्ड गिरावट से राहत: मौसम में आए बदलाव का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया है. पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में 4.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई. चरखी दादरी में दिन का तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया. वहीं सिरसा में अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस, अंबाला में 36 डिग्री और रोहतक में 34.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. रात के तापमान में भी कमी आई और गुरुग्राम प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा.

जून में फिर बढ़ेगी गर्मी: मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा राहत अस्थायी है. बारिश का दौर खत्म होने के बाद जून में तापमान फिर तेजी से बढ़ सकता है और कई जिलों में पारा 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने की आशंका है. विशेषज्ञों के अनुसार 22 से 25 जून के बीच हरियाणा में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो सकती हैं, जबकि मानसून के जुलाई के पहले सप्ताह में पहुंचने की संभावना जताई जा रही है.