{"vars":{"id": "123258:4912"}}

स्वास्थ्य ठेका कर्मचारियों का फूटा गुस्सा 

 

भिवानी :

हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएनएल) के तहत स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत ठेका कर्मचारियों के सब्र का बांध आखिरकार मंगलवार को टूट गया। वेतन विसंगतियों और पोर्टल पर नाम दर्ज न होने से नाराज स्वास्थ्य ठेका कर्मचारी यूनियन के बैनर तले सैकड़ों कर्मचारियों ने स्थानीय चौ. बंसीलाल नागरिक अस्पताल से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक जोरदार प्रदर्शन किया और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के नाम एक मांग पत्र सौंपा।

ठेका कर्मचारियों के प्रदर्शन व मांगों को सर्व कर्मचारी संघ से सुखदर्शन सरोहा, रोड़वेज यूनियन अनिल फौजी, बिजली कर्मचारी यूनियन से लोकेश कुमार, सीटू से कामरेड अनिल कुमार, माकपा से कामरेड ओमप्रकाश सहित अन्य ने भी समर्थन किया।
     प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रधान दीपक तंवर ने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए। मीडिया से बात करते हुए दीपक तंवर ने भावुक और कड़े लहजे में कहा कि वे पिछले 3 महीनों से बिना वेतन के काम कर रहे हैं।

विडंबना देखिए कि जिन कर्मचारियों ने कोरोना काल में अपनी जान की परवाह किए बिना निस्वार्थ भाव से जनता की सेवा की, आज वही कर्मचारी अपने परिवार का पालन-पोषण करने में असमर्थ हैं। हमारे कई साथियों के नाम अभी तक एचकेआरएनएल पोर्टल पर शो नहीं हो रहे हैं, जिसके कारण उनकी नौकरी पर तलवार लटकी हुई है।
      तंवर ने बताया कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों को पहले भी कई बार मौखिक और लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन आश्वासन के अलावा धरातल पर कुछ नहीं बदला।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप धारण करेगा। मांगपत्र के माध्यम से कर्मचारियों ने मांग की कि बकाया वेतन तुरंत जारी किया जाए, जिन कर्मचारियों के नाम अभी तक पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं, उन्हें तत्काल अपडेट किया जाए ताकि उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
      यूनियन के अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि वेतन न मिलने से कर्मचारी न केवल आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, बल्कि मानसिक रूप से भी परेशान हैं। घर का राशन, बच्चों की स्कूल फीस और अन्य खर्चों के लिए उन्हें कर्ज लेने पर मजबूर होना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे ईमानदारी से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनके बुनियादी हक (वेतन) को देने में भी देरी कर रही है।