Hisar Court Complex Murder Update: गैंगस्टर विनोद पानू मर्डर केस का आरोपी दिल्ली में चलाता था कैब, 3 दिन के रिमांड पर
हिसार : हिसार कोर्ट परिसर की पार्किंग में गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काणा की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक पोस्ट ने पूरे मामले को लेकर सनसनी बढ़ा दी। पोस्ट में लॉरेंस गैंग की ओर से हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। हालांकि हिसार पुलिस अधीक्षक सिद्धान्त जैन ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी बताया है।
एसपी सिद्धान्त जैन ने कहा कि पुलिस की जांच में ऐसा कोई वास्तविक सोशल मीडिया अकाउंट सामने नहीं आया है, जिससे यह पुष्टि हो कि लॉरेंस गैंग ने इस वारदात की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने कहा कि इस तरह की फर्जी पोस्ट लोगों में डर और सनसनी पैदा करने के लिए फैलाई जाती हैं। इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी पोस्ट को बिना पुलिस की पुष्टि के सच नहीं माना जाना चाहिए।
इस बीच पुलिस की जांच में कोर्ट परिसर में हुई हत्या को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। मामले में गिरफ्तार आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस अब रिमांड के दौरान उससे वारदात की पूरी योजना, हत्या के कारण, हथियार की व्यवस्था, दूसरे आरोपी से संपर्क और अन्य लोगों की भूमिका को लेकर पूछताछ करेगी।
हत्या करने वाला आरोपी बना था कैब ड्राइवर
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी हत्या से पहले दिल्ली में कैब ड्राइवर के रूप में काम कर रहा था। जांच में उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दिल्ली में कैब चलाने के दौरान आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और विनोद पानू की हत्या की साजिश में उसे किसने शामिल किया। पुलिस रिमांड में इन बिंदुओं पर भी पूछताछ की जाएगी।
दूसरे शूटर की भी पहचान
एसपी सिद्धान्त जैन ने बताया कि वारदात में शामिल दूसरे आरोपी की भी पहचान कर ली गई है। उसके खिलाफ भी पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों आरोपियों के बीच संपर्क कैसे हुआ, उन्हें हत्या के लिए किसने भेजा और वारदात के पीछे किसी अन्य व्यक्ति या गिरोह की भूमिका है या नहीं।
फर्जी पोस्ट के जरिए गैंग का नाम जोड़ने की कोशिश
विनोद पानू की हत्या के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुई पोस्ट में लॉरेंस गैंग का नाम सामने आने से मामले ने अलग मोड़ ले लिया था। पोस्ट के जरिए ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की गई कि हत्या किसी बड़े गैंग की ओर से कराई गई है।
लेकिन एसपी ने स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस को ऐसे किसी वास्तविक अकाउंट की जानकारी नहीं मिली है। उनके अनुसार इस तरह की पोस्ट सिर्फ दहशत पैदा करने और लोगों को भ्रमित करने के लिए फैलाई जाती हैं। पुलिस अब सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट की भी जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इसे किसने बनाया और किस उद्देश्य से फैलाया गया।
तीन दिन के रिमांड में खुलेगी वारदात की कड़ी
गिरफ्तार आरोपी से पुलिस रिमांड के दौरान हत्या की साजिश से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे। पुलिस हथियार की व्यवस्था, हमले से पहले और बाद में आरोपियों की गतिविधियों, उनके संपर्कों तथा संभावित साजिशकर्ताओं के बारे में जानकारी जुटाएगी। एसपी सिद्धान्त जैन ने कहा कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस की जांच में एक बात साफ होती दिखाई दे रही है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुई लॉरेंस गैंग की जिम्मेदारी वाली पोस्ट को पुलिस ने खारिज कर दिया है, जबकि पुलिस के हाथ लगे आरोपी और पहचाने गए दूसरे आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि की भी जांच की जा रही है। रिमांड के दौरान इस हत्याकांड की पूरी साजिश की तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।