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Rupee vs Dollar: डॉलर के मुकाबले रुपया हुआ मजबूत, जानें क्यों आई रिकॉर्ड तेजी

डॉलर के मुकाबले रुपये में लगातार तीसरे दिन जबरदस्त उछाल। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और भारत-अमेरिका ट्रेड डील की खबरों से रुपये को मिला बूस्ट। जानें ताजा रेट।

 

इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमते और डॉलर इंडेक्स धराशाई होते हुए दिखाई दे रहे हैं. जिसकी वजह से डॉलर के सामने रुपए में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है. आंकड़ों को देखें तो डॉलर के सामने रुपए में लगातार तीसरे दिन तेजी देखने को मिल रही है. इन तीन दिनों में डॉलर के सामने रुपए में 1.50 फीसदी से ज्यादा का इजाफा देखने को मिल चुका है. जानकारों की मानें तो ईरान वॉर के खत्म होने की उम्मीदें और अमेरिका के साथ भारत की ट्रेड डील को लेकर पॉजिटिव खबरें आने से रुपए को सपोर्ट मिलता हुआ दिखाई दे रहा है. वहीं दूसरी ओर इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने के कारण भी रुपए में जोश देखने को मिल रहा है. जानकारों के अनुसार अगर रुपए में ऐसी ही तेजी देखने को मिली तो डॉलर के सामने रुपया 93.50 के लेवल पर दिखाई दे सकता है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर करेंसी मार्केट में रुपए को लेकर किस तरह​ के आंकड़े देखने को मिल रहे हैं.

रुपए में 40 पैसे का इजाफा

सोमवार को शुरुआती कारोबार में, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 40 पैसे मजबूत होकर 95.20 पर पहुंच गया. इसकी वजह यह उम्मीद थी कि अमेरिका और ईरान शांति समझौते के करीब पहुंच रहे हैं, भले ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नाकेबंदी जैसे अहम मुद्दों पर उनके बीच मतभेद बने हुए हैं. फॉरेक्स ट्रेडर्स ने बताया कि रुपया सकारात्मक रुख के साथ खुला, क्योंकि अमेरिका और ईरान ने लगभग तीन महीने से चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए एक शांति समझौते पर “काफी हद तक बातचीत” पूरी कर ली है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने वार्ताकारों से कहा है कि वे “किसी भी समझौते को लेकर जल्दबाजी न करें” और “दोनों पक्षों को अपना समय लेना चाहिए और इसे सही तरीके से करना चाहिए. इसके अलावा, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि अमेरिका और भारत एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के कगार पर हैं. यह प्रगति अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के जल्द ही भारत दौरे पर आने के बाद हुई है.

तीन दिनों में 166 पैसे की तेजी

इंटरबैंक फॉरेन करेंसी विदेशी मुद्रा बाज़ार में, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.36 पर खुला, और फिर शुरुआती कारोबार में 95.20 के स्तर को छू लिया, जो इसके पिछले बंद भाव से 40 पैसे अधिक था. शुक्रवार को, रुपया 75 पैसे मज़बूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.60 पर बंद हुआ था. खास बात तो ये है कि लगातार तीन कारोबारी दिनों में रुपए में 1.70 फीसदी से ज्यादा का इजाफा देखने को मिल चुका है. आंकड़ों को देखें तो पिछले हफ्ते बुधवार को डॉलर के सामने रुपया 96.86 के लेवल के साथ लाइफ टाइम लोअर लेवल पर था. उसके बाद से इसमें 1.66 रुपए की तेजी देखने को मिल चुकी है. जानकारों की मानें तो रुपए में और तेजी देखने को मिल सकती है.

बाजार का हाल

  1. इस बीच, डॉलर इंडेक्स-जो छह मुद्राओं की एक टोकरी के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मज़बूती को मापता है-99.04 पर कारोबार कर रहा था, जिसमें 0.20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.
  2. इंटरनेशनल मार्केट में खाड़ी देशों का कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड, जो तेल का ग्लोबल बेंचमार्क है, फ्यूचर्स ट्रेड में 5.43 परसेंट गिरकर 97.92 USD प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था.
  3. घरेलू इक्विटी मार्केट की बात करें तो, शुरुआती ट्रेड में सेंसेक्स 908.98 पॉइंट उछलकर 76,317.85 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 262.65 पॉइंट बढ़कर 23,977.70 पर पहुंच गया. वहीं दूसदी ओर एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को नेट आधार पर 4,440.47 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.
  4. इस बीच, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को बताया कि 15 मई को खत्म हुए हफ़्ते के दौरान देश का विदेशी मुद्रा भंडार 8.094 अरब USD घटकर 688.894 अरब USD रह गया. इससे पिछले हफ्ते जो 8 मई को खत्म हुआ था, कुल भंडार 6.295 अरब USD बढ़कर 696.988 अरब USD हो गया था.

क्या कहते हैं जानकार

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स LLP के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा कि यह व्यापार समझौता अमेरिका और भारत, दोनों के लिए फायदेमंद होगा. भंसाली ने आगे कहा कि आज अमेरिका में छुट्टी होने के कारण नकदी की मांग कम रहेगी, लेकिन महीने के अंत की मांग बढ़ सकती है. वहीं, डॉलर पर नज़र रखने के लिए RBI मौजूद रहेगा. रूबियो ने रविवार को कहा कि भारत और अमेरिका जल्द ही उस बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए तैयार हैं, जो “फायदेमंद” और “टिकाऊ” दोनों होगा, और दोनों देशों के आपसी हितों को आगे बढ़ाएगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि कुल मिलाकर द्विपक्षीय संबंधों में तेज़ी देखने को मिलेगी. रूबियो, जो अभी भारत की चार दिवसीय यात्रा पर हैं, ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ व्यापक बातचीत के बाद ये टिप्पणियाँ कीं. इस बातचीत का मुख्य ज़ोर व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों, ऊर्जा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने पर था.