11 हरियाणा बटालियन एनसीसी के कैंप में सेना में भर्ती होने की प्रक्रिया के बारे में दी जानकारी
आज 11 हरियाणा बटालियन एनसीसी द्वारा आयोजित 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल थॉमस कुट्टी एनसी ने एनसीसी कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि सेना में भर्ती होने के लिए विभिन्न तरीको में NCC कैडेट्स का चयन एक श्रेष्ठ विधि है, जिससे नौसेना, वायुसेना, और भारतीय सेना में युवा कैडेट्स को शामिल किया जाता है। NCC अधिकारियों की भर्ती विभिन्न तरीकों से हो सकती है। NCC सर्टिफिकेट के आधार पर, आप सेना भर्ती रैलियों या एग्जामिनेशन के माध्यम से भारतीय सेना में अधिकारी के पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने अग्निवीर भर्ती के बारे में भी पूरी प्रक्रिया को विस्तार से बताया।
भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में शामिल होने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रवेश हैं। नेशनल डिफेंस अकैडमी परीक्षा यह परीक्षा 12वीं कक्षा के उत्तीर्ण छात्रों के लिए एक विकल्प है। एयर फोर्स, आर्मी, और नौसेना के लिए एक आवेदन प्रक्रिया के अंतर्गत इस परीक्षा को दिया जाता है। संयुक्त रक्षा सेवा परीक्षा CDS परीक्षा भारतीय वायुसेना, भारतीय थलसेना, और भारतीय नौसेना में अधिकारी बनने के लिए एक अन्य विकल्प है। यह परीक्षा स्नातक स्तर के उम्मीदवारों के लिए है ।टेक्निकल एंट्री स्कीम यह योजना सैन्य विज्ञान और इंजीनियरिंग के स्नातकों के लिए एक विशेष प्रवेश प्रक्रिया प्रदान करती है जो भारतीय आर्मी में अधिकारी बनना चाहते हैं।
अकादमिक एंट्री स्कीम यह एक विशेष एंट्री स्कीम है जिसके तहत शैक्षिक संस्थानों में अध्ययन कर रहे उम्मीदवारों को इंडियन आर्मी में अधिकारी बनने का मौका मिलता है।
जूनियर कमिशन ऑफिसर यह एक अन्य विकल्प है जिसमें भारतीय आर्मी में अधिकारी बनने के लिए नायक अधिकारियों को चयन किया जाता है।
ये कुछ मुख्य प्रवेश प्रक्रियाएं हैं, लेकिन याद रखें कि इनमें से प्रत्येक प्रक्रिया के लिए योग्यता मानदंड विभिन्न हो सकते है। लेफ्टिनेंट कर्नल थॉमस कुट्टी एनसी ने कैडेट्स से प्रश्न पूछे और सही उत्तर देने वाले कैडेट्स को भी सम्मानित किया। कैडेट्स के भर्ती प्रक्रिया से संबंधित पाठन सामग्री भी वितरित की गई। इस अवसर पर बटालियन सूबेदार मेजर डी गोपाल कृष्णन ने कहा कि कैंप में कैप्टन अशोक कुमार,फर्स्ट ऑफिसर राजेश कुमार मुखी, फर्स्ट ऑफिसर नीता चौहान,थर्ड ऑफिसर परविन्द्र, थर्ड ऑफिसर सतेंद्र केयर टेकर जोगेंद्र सिंह, केयर टेकर रेनू , जीसीआई ज्योति, सूबेदार सुरेंद्र, बीएचएम संजीव, नायब सूबेदार हरिराम, सूबेदार पीतम, नायब सूबेदार लोकेश कुमार, हवलदार अमित कुमार, गुरमुख, गुरचरण, रविन्द्र, सीएचएम रविंदर,संजय, सीएचएम संजीव कुमार, प्रदीप, क्लर्क चैनसुख, एडम क्लर्क दिनेश कुमार व प्रशिक्षण शाखा से दिनेश और कृष्ण उपस्थित रहे।
बहल में स्वच्छता अभियान भी 11 हरियाणा बटालियन एनसीसी कैडेट्स द्वारा चलाया गया। जिसमें कैडेट्स ने बढ़चढकर भाग लिया। आज मोटिवेश्नल व्याख्यान के लिए डॉ प्रोमिला दहिया डायरेक्टर सेल्फ फाइनेंस डिपार्टमेंट और डॉ अनिल तंवर हेड प्रोफेसर हिंदी विभाग वैश्य कॉलेज भिवानी ने शिरकत की। डॉ प्रोमिला दहिया और डॉ अनिल तंवर का स्वागत पुष्प गुच्छ देकर किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में डॉ प्रोमिला दहिया ने कहा कि छात्र.छात्राओं को अपने केरियर को लेकर सदैव जागरूक रहना चाहिए व जिंदगी में कामयाबी के लिए आत्मविश्वास एवं अपनी प्रतिभा को पहचान कर लक्ष्य का निर्धारण कर आगें बढ़ना चाहिए तभी लक्ष्य की प्राप्ति की जा सकती हैं उन्होंने कैडेट्स को विभिन्न गेम के माध्यम से जीवन में केरियर की बाधाओं और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने विधार्थियों को आह्वान किया कि वो अपने अंदर की झिझक खत्म करके अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाए। विधार्थी उचाईयों के नए शिखर को प्राप्त करने के लिए अथक मेहनत एवं प्रयास करें । इसके लिए नॉलेज कठिन परिश्रम एवं सकारात्मक विचारों का बहुत बड़ा योगदान है।
बच्चों को अपने अंदर छुपी प्रतिभा को निखारने की आवश्यकता होती है। इसके बल पर ही वो लक्ष्य की बुलंदियों तक पहुंच पाते हैं। उन्होंने कहा कि हौसले एवं काबिलियत के बल पर ही विद्यार्थी अपने मुकाम को हासिल कर सकता है। किसी भी विद्यार्थी के जीवन में जिंदगी को जीने की कला एवं पहनावे का अहम रोल होता है। इसके लिए विद्यार्थी का व्यवहार कुशल होना भी जरूरी है।
कार्यक्रम में डॉ प्रोमिला दहिया को 11 हरियाणा बटालियन एनसीसी के कैंप कमांडेंट द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इसके पश्चात एनसीसी कैडेट्स द्वारा एनसीसी गान प्रस्तुत किया गया।