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INLD Rally in Nuh: चौधरी देवीलाल जयंती पर नूंह में इनेलो की बड़ी हुंकार, अभय चौटाला ने किया 20 हजार से ज्यादा लोगों के पहुंचने का दावा

चौधरी देवीलाल जयंती पर 27 सितंबर को नूंह में होने वाली इनेलो रैली की तैयारियां जोरों पर। अभय चौटाला ने सिरसा से 20 हजार लोगों के पहुंचने का किया दावा।
 

चौधरी देवीलाल जयंती पर नूंह में इनेलो की बड़ी हुंकार की तैयारी

अभय चौटाला बोले—सिरसा से 20 हजार से अधिक लोग पहुंचेंगे, 2500 छोटे-बड़े वाहनों का दावा; प्रदेश के सभी 90 हलकों में कार्यकर्ता सम्मेलन पूरे करने की बात

सिरसा। चौधरी देवीलाल की जयंती पर आगामी 27 सितंबर को नूंह में होने वाली इनेलो की रैली को लेकर पार्टी ने प्रदेशभर में तैयारियां तेज कर दी हैं। इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने दावा किया है कि अकेले सिरसा जिले से ही 20 हजार से अधिक लोग नूंह पहुंचेंगे और करीब 2500 छोटे-बड़े वाहनों का काफिला रैली में शामिल होगा। रैली की तैयारियों को लेकर इनेलो नेतृत्व ने प्रदेश के सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में कार्यकर्ता सम्मेलन करने का दावा किया है। अब नूंह में होने वाला कार्यक्रम पार्टी के संगठनात्मक दावों और जमीनी सक्रियता के प्रदर्शन का बड़ा अवसर माना जा रहा है। बुधवार को डबवाली रोड स्थित इनेलो जिला कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए अभय चौटाला ने रैली से संबंधित जिम्मेदारियां पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को सौंपीं।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों को नूंह रैली का निमंत्रण दें। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए चौटाला ने कहा कि उन्होंने प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा के साथ मिलकर प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया है और कार्यकर्ताओं में रैली को लेकर उत्साह देखा है। अभय चौटाला ने कहा कि नूंह में रैली के लिए करीब 300 फुट चौड़ा और 1000 फुट लंबा मैदान निर्धारित किया गया है। उनके अनुसार मैदान में लगभग तीन लाख लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में रैली को लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है, उससे मैदान की लंबाई-चौड़ाई बढ़ाने की जरूरत भी पड़ सकती है। चौटाला ने कहा कि रैली में चौधरी देवीलाल की विचारधारा से सहमति रखने वाले तथा गैर-भाजपाई नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। उनके अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य जननायक चौधरी देवीलाल को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाने का संदेश देना है। सिरसा की बैठक में अभय चौटाला ने कार्यकर्ताओं से रैली को लेकर अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का आह्वान किया।

उन्होंने जिले से 20 हजार से अधिक लोगों की भागीदारी का दावा किया। इसके लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अलग-अलग स्तर पर संपर्क अभियान चलाने तथा वाहनों की व्यवस्था करने की बात कही गई। इनेलो के स्थानीय संगठन की ओर से भी रैली को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। बैठक में जिलाध्यक्ष जसवीर सिंह जस्सा सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें मंदर सिंह ओढ़ां, जसविंद्र बिंदु, हरमीत सिंह पंडोरीवाला, गुरविंद्र सिंह गिल, होशियार सिंह खोड़, महावीर शर्मा, धर्मवीर नैन, महेंद्र बाना, भगवान कोटली, रामकुमार नैन, प्रदीप मेहता, नरेंद्र मेहता और मनोहर मेहता सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे। पत्रकारों से बातचीत के दौरान अभय चौटाला ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि हुड्डा के मुख्यमंत्री रहते किसानों की 72 हजार एकड़ जमीन 20 से 22 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से रिलायंस को दी गई थी। वहीं मौजूदा भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि शहरों में अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार के मंत्री और विधायक भी कॉलोनियां काटने में लगे हुए हैं। कुछ शहरों में मुख्यमंत्री के भी कॉलोनियों में पार्टनर होने का आरोप उन्होंने लगाया। इन आरोपों के संबंध में उन्होंने सरकार से जवाब मांगा।

कानून-व्यवस्था और नशे को बनाया मुद्दा

अभय चौटाला ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बदमाशों का प्रभाव बढ़ रहा है और लोगों को धमकियां मिलना रोजमर्रा की बात बन गई है। मुख्यमंत्री कष्ट निवारण समिति की बैठकों का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वहां फरियादियों की समस्याएं सुनने के बजाय उन्हें धमकाया जाता है और अधिकारियों का पक्ष लिया जाता है। उन्होंने प्रदेश में नशे की बढ़ती समस्या को भी अपराध से जोड़ते हुए कहा कि नशा बढ़ने के कारण अपराध का ग्राफ भी ऊपर जा रहा है। इनेलो की ओर से आने वाले दिनों में इन मुद्दों को राजनीतिक अभियान में प्रमुखता से उठाने के संकेत भी दिए गए।

मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर भी सवाल

अभय चौटाला ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार की घोषणाएं जमीन पर पूरी नहीं हो रही हैं। उन्होंने चौटाला गांव में इंडोर स्टेडियम बनाने की कथित घोषणा का उदाहरण दिया और कहा कि करीब साढ़े सात वर्ष बीतने के बावजूद यह परियोजना पूरी नहीं हुई। उन्होंने गेहूं खरीद का मुद्दा भी उठाया। चौटाला ने दावा किया कि किसानों को अभी तक गेहूं की पूरी रकम का भुगतान नहीं हुआ है और सरकार इस मामले में उदासीन बनी हुई है। उन्होंने सरकार से किसानों के भुगतान से जुड़े मामलों को जल्द निपटाने की मांग की। इनेलो नेता ने कहा कि प्रदेश के कई जिलों में बरसात की कमी के कारण किसानों की ग्वार, नरमा-कपास और धान की फसल प्रभावित हुई है। उन्होंने सरकार से प्रभावित किसानों की फसलों का सर्वे करवाकर उचित मुआवजा देने की मांग की। चौटाला ने कहा कि किसानों की समस्याओं को केवल घोषणाओं तक सीमित रखने के बजाय सरकार को जमीनी स्तर पर राहत देनी चाहिए। इस मुद्दे को भी नूंह रैली में उठाए जाने की संभावना है।

रोहतक के बाद अब नूंह पर टिकी निगाहें

नूंह रैली से पहले इनेलो के पिछले कुछ वर्षों के बड़े आयोजनों पर नजर डालें तो पार्टी ने अलग-अलग जिलों में रैलियों के जरिए संगठन की सक्रियता दिखाने की कोशिश की है। 2021 में जींद, 2022 में फतेहाबाद, 2023 में कैथल और 2024 में उचाना में इनेलो ने बड़े कार्यक्रम आयोजित किए थे। इसके बाद पिछले वर्ष 25 सितंबर को रोहतक में अभय चौटाला ने अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी ओमप्रकाश चौटाला की गैरमौजूदगी में रैली की थी। रोहतक इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि यह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का गृह क्षेत्र है। उस कार्यक्रम के जरिए अभय चौटाला ने अपनी पार्टी की सक्रियता प्रदर्शित करने का प्रयास किया था। अब नूंह का चयन भी राजनीतिक दृष्टि से अलग महत्व रखता है, क्योंकि यह दक्षिण हरियाणा का महत्वपूर्ण क्षेत्र है और यहां विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक समीकरण देखने को मिलते हैं। पिछले कुछ समय में अभय चौटाला ने संगठनात्मक गतिविधियों को बढ़ाने पर जोर दिया है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में कार्यकर्ता बैठकें, सम्मेलन और जनसंपर्क अभियान किए गए हैं। रामपाल माजरा के प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद भी संगठन को सक्रिय करने की कवायद जारी है। इनेलो नेतृत्व का दावा है कि 90 विधानसभा क्षेत्रों में कार्यकर्ता सम्मेलन पूरे होने के बाद अब रैली के लिए बूथ और गांव स्तर तक संपर्क बढ़ाया जा रहा है। ऐसे में नूंह रैली में जुटने वाली भीड़ के साथ-साथ प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं की भागीदारी भी संगठन की सक्रियता का एक महत्वपूर्ण संकेतक होगी।

पेंशन से गेहूं खरीद तक मुद्दों पर सक्रियता का दावा

इनेलो की ओर से लगातार यह दावा किया जाता रहा है कि पार्टी ने बुजुर्गों की पेंशन, गेहूं खरीद, किसान समस्याओं, नशे और अपराध जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। पार्टी नेताओं के अनुसार जब बुजुर्गों की पेंशन से जुड़े मामले सामने आए तो इनेलो ने इस पर आवाज उठाई। गेहूं खरीद में लगाई गई शर्तों को लेकर भी पार्टी ने सरकार से सवाल किए। अब नूंह रैली में इन मुद्दों के अलावा किसानों की फसल, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और नशे जैसे विषयों को भी राजनीतिक मुद्दा बनाया जा सकता है। चौधरी देवीलाल की किसान-केंद्रित राजनीतिक विरासत को आधार बनाकर इनेलो इन मुद्दों को जनता के बीच ले जाने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।