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Haryana Jal Jeevan Mission Update: जल जीवन मिशन 2.0 में गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का बड़ा बयान

नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल व जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटील ने जल जीवन मिशन 2.0 की प्रगति और प्राथमिकताओं पर हरियाणा के सांसदों संग बैठक की।

 

चंडीगढ़  : केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन 2.0 को नई गति देने की दिशा में केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने एक बार फिर ग्रामीण विकास और आधारभूत सुविधाओं को लेकर केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया है। नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटील की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में मनोहर लाल ने हरियाणा के सांसदों के साथ मिशन की प्रगति, चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य मिशन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना था, ताकि देश के प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित, स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के विभिन्न आयामों पर गंभीर मंथन हुआ। इसमें परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, कार्यों की गुणवत्ता, निगरानी व्यवस्था, जल स्रोतों की स्थिरता, तकनीकी सुधार तथा जनभागीदारी को बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। हरियाणा के सांसदों ने अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों के अनुभव साझा किए और कई व्यावहारिक सुझाव भी दिए, जिन्हें मिशन के आगामी चरणों में शामिल करने पर सहमति बनी।

मनोहर लाल ने रखा विकास का व्यापक दृष्टिकोण

बैठक में मनोहर लाल ने कहा कि किसी भी विकसित राष्ट्र की पहचान उसकी आधारभूत सुविधाओं से होती है। यदि गांवों तक शुद्ध पेयजल, बेहतर सड़कें, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचती हैं, तभी विकास का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन 2.0 केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के जीवन स्तर में व्यापक बदलाव लाने का अभियान है।उन्होंने कहा कि सुरक्षित पेयजल का सीधा संबंध लोगों के स्वास्थ्य, महिलाओं की गरिमा, बच्चों की शिक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ा हुआ है। गांवों में नल से नियमित जलापूर्ति होने से महिलाओं और बच्चियों को पानी लाने में लगने वाले समय से मुक्ति मिलेगी और वे शिक्षा, रोजगार तथा अन्य सामाजिक गतिविधियों में अधिक भागीदारी कर सकेंगी।

समयबद्ध क्रियान्वयन पर दिया विशेष बल

बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि जल जीवन मिशन 2.0 की सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा करना केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मनोहर लाल ने कहा कि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी न हो, इसके लिए नियमित समीक्षा, तकनीकी निगरानी और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक परियोजना की प्रगति पर लगातार नजर रखी जाए और जहां भी किसी प्रकार की बाधा आए, उसका त्वरित समाधान किया जाए। इससे न केवल योजनाएं समय पर पूरी होंगी, बल्कि उनकी गुणवत्ता भी बेहतर बनी रहेगी।

गुणवत्ता से नहीं होगा कोई समझौता

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि मिशन के तहत केवल पाइपलाइन बिछाना या नल कनेक्शन देना ही पर्याप्त नहीं है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ग्रामीण परिवारों को लगातार गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो।मनोहर लाल ने कहा कि जलापूर्ति व्यवस्था की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीक का अधिकाधिक उपयोग किया जाएगा। जल की गुणवत्ता की नियमित जांच, पाइपलाइन नेटवर्क का रखरखाव तथा जल स्रोतों की सुरक्षा को मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को शहरी क्षेत्रों जैसी बेहतर जलापूर्ति सुविधाएं उपलब्ध हों।

जनभागीदारी बनेगी मिशन की सबसे बड़ी ताकत

समीक्षा बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि जल जीवन मिशन 2.0 की सफलता केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए ग्राम पंचायतों, जल समितियों, स्वयं सहायता समूहों तथा आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।मनोहर लाल ने कहा कि जब स्थानीय समुदाय किसी योजना से स्वयं जुड़ता है तो उसका रखरखाव भी बेहतर होता है और पारदर्शिता भी बढ़ती है। उन्होंने लोगों से जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।

सांसदों के सुझावों को मिलेगा प्राथमिकता

बैठक में उपस्थित हरियाणा के सांसदों ने अपने क्षेत्रों से जुड़े अनेक सुझाव दिए। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था को और मजबूत बनाने, परियोजनाओं की गति तेज करने, नई तकनीकों के उपयोग तथा निगरानी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने जैसे विषय शामिल रहे।मनोहर लाल ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सुझाव जमीनी हकीकत पर आधारित होते हैं और इनसे योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का समाधान निकलता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सांसदों द्वारा दिए गए सभी उपयोगी सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

मोदी सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे आगे ग्रामीण विकास

मनोहर लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पिछले वर्षों में ग्रामीण भारत के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री का लक्ष्य है कि गांवों में रहने वाले लोगों को भी वही मूलभूत सुविधाएं मिलें जो शहरों में उपलब्ध हैं।उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत और अन्य योजनाओं ने ग्रामीण भारत के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाया है। जल जीवन मिशन 2.0 इन्हीं प्रयासों की अगली कड़ी है, जिसका उद्देश्य हर घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है।

जल संरक्षण के बिना मिशन अधूरा

बैठक में यह भी माना गया कि केवल जलापूर्ति व्यवस्था विकसित कर देना पर्याप्त नहीं होगा। जल स्रोतों का संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल स्तर में सुधार तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग को भी समान महत्व देना होगा। मनोहर लाल ने कहा कि यदि जल संरक्षण पर गंभीरता से काम नहीं किया गया तो भविष्य में जल संकट और गहरा सकता है। इसलिए सरकार जल जीवन मिशन को जल संरक्षण अभियानों के साथ जोड़कर आगे बढ़ा रही है।

तकनीक और पारदर्शिता पर रहेगा विशेष फोकस

बैठक में परियोजनाओं की निगरानी के लिए आधुनिक डिजिटल तकनीकों के उपयोग पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मनोहर लाल ने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही ही किसी भी सरकारी योजना की सफलता का आधार होती है। इसलिए मिशन के प्रत्येक चरण में तकनीकी निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

हरियाणा की भूमिका भी होगी महत्वपूर्ण

बैठक में हरियाणा में जल जीवन मिशन 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने के लिए चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की गई तथा लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने पर बल दिया गया।मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा विकास के कई क्षेत्रों में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है और जल जीवन मिशन के सफल क्रियान्वयन में भी राज्य उदाहरण प्रस्तुत कर सकता है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगी।

ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने का अभियान

बैठक का निष्कर्ष यही रहा कि जल जीवन मिशन 2.0 केवल पेयजल उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की जीवनशैली, स्वास्थ्य और सामाजिक-आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाला व्यापक अभियान है। सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होने से जलजनित बीमारियों में कमी आएगी, महिलाओं का श्रम बचेगा, बच्चों की शिक्षा प्रभावित नहीं होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता बेहतर होगी।

मनोहर लाल ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के मार्गदर्शन, राज्यों के सहयोग और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से जल जीवन मिशन 2.0 अपने सभी लक्ष्यों को समय पर प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का संकल्प है कि देश का कोई भी ग्रामीण परिवार सुरक्षित, स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य के साथ मिशन को नई गति, नई सोच और नई प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।