जंतर-मंतर पथराव में 2 ACP समेत 6 पुलिसकर्मी घायल, CJP अध्यक्ष बोले- आंदोलन को किया जा रहा बदनाम
जंतर-मंतर के पास बुधवार रात हुए पथराव और बवाल से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने पल्ला झाड़ लिया है। उन्होंने पथराव में अपने समर्थकों के शामिल होने की बात से इनकार करते हुए पल्ला भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर फोड़ने की कोशिश की है।दीपके ने गुरुवार सुबह मीडिया से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि आंदोलन को बड़ा होते देख भाजपा अपने गुंडों को भेज रही है।
दो दिनों से पथराव और पुलिस पर हमले की हिंसक घटनाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर अभिजीत दीपके ने कहा, ‘बाहर से लोग भेजे जा रहे हैं, प्रोस्टेट को खराब करने के लिए। हम यहां पर एक महीने से बैठे हुए थे, एक महीने से कोई वारदात नहीं हुई। लेकिन अब क्या हो रहा है, जैसे प्रोटेस्ट बड़ा हो गया है बाहर से गुंडे भेजे जा रहे हैं बीजेपी के द्वारा। जानबूझकर लोगों को उकसाने के लिए।’
अभिजीत दीपके ने कहा- पुलिस लाती है पत्थर, बीजेपी वाले करते हैं पथराव
अभिजीत दीपके ने पथराव के पीछे पुलिस और बीजेपी की मिलीभगत का दावा किया। उन्होंने कहा कि पुलिस पत्थर लाती है और बीजेपी के लोग इन्हें फेंकते हैं। उन्होंने कहा, ' बीजेपी के लोग हैं जो पथराव कर रहे हैं। पुलिस यहां पत्थर वाले ट्रक लाकर खड़ा करती है और बीजेपी के गुंडे आकर पथराव करते हैं और फिर वे कॉकरोच जनता पार्टी के लोगों को बदनाम करते हैं।'
जमकर हुआ पथराव, दो एसीपी समेत 6 घायल
जंतर मंतर के पास रात को प्रदर्शनकारियों ने जमकर पथराव किया। इस घटना में कम से कम दो सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) और चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस के एक बयान में कहा गया है कि पहली घटना में, शाम लगभग साढ़े चार बजे प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और एक पत्थर एसीपी जय प्रकाश के माथे पर लगा जिससे वह घायल हो गए। उनकी मौजूदा तैनाती पंजाबी बाग उपमंडल में है। इसके बाद एक बार फिर रात को पुलिस को निशाना बनाया गया, जिसमें एक और एसीपी को गहरी चोटें आईं। उन्हें पहले आरएमएल अस्पताल और फिर बाद में एम्स ले जाया गया।
उपद्रिवियों की तलाश में पुलिस, कार्रवाई नहीं चाहती सीजेपी
अभिजीत दीपके भले ही पथराव और हिंसा करने करने वालों 'बीजेपी के गुंडे' बता रहे हैं लेकिन सीजेपी और विपक्षी दलों की ओर पुलिस कार्रवाई का विरोध किया जा रहा है। 20 जुलाई को हिंसा के बाद पकड़े गए लोगों को छुड़ाने के लिए आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल थाने तक पहुंच गए थे। 26 दिन से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक ने भी सरकार के सामने अब यही शर्त रखी है कि किसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई ना की जाए।