देहरादून से शुरू हुई साइकिल यात्रा पहुंची भिवानी : किसान नेता रवि आजाद की रिहाई के लिए उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन, सीबीआई जांच की मांग
रवि आजाद मामले में सच्चाई सामने लाने के लिए सीबीआई जांच जरूरी : राष्ट्रीय अध्यक्ष टिंकू शर्मा
May 25, 2026, 14:45 IST
भिवानी, 25 मई : किसान नेता रवि आजाद की रिहाई और उनके मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर उत्तराखंड के देहरादून से शुरू हुई जन-जागृति साइकिल यात्रा आज हरियाणा के भिवानी पहुंची। भिवानी पहुंचने पर साइकिल यात्रा का स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और किसान नेताओं द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। इसके बाद यात्रा का नेतृत्व कर रहे भारतीय किसान यूनियन अखंड क्रांति के राष्ट्रीय अध्यक्ष टिंकू शर्मा ने अपनी टीम के साथ भिवानी के उपायुक्त से मुलाकात की और राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
भिवानी उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने के बाद भारतीय किसान यूनियन अखंड क्रांति के राष्ट्रीय अध्यक्ष टिंकू शर्मा ने कहा कि किसान नेता रवि आजाद को एक साजिश के तहत फंसाया गया है। प्रशासन और सरकार की यह कार्रवाई किसान आवाज को दबाने का प्रयास है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम देहरादून से साइकिलों पर निकलकर लगातार सफर तय करते हुए भिवानी पहुंचे हैं। हमारा उद्देश्य केवल रवि आजाद की रिहाई नहीं, बल्कि व्यवस्था में निष्पक्षता की बहाली है। जिस तरह से रवि आजाद पर मामले दर्ज किए गए हैं, उससे साफ है कि स्थानीय स्तर पर जांच प्रभावित हो रही है। इसलिए हमारी मुख्य मांग है कि इस पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। जब तक रवि आजाद को रिहा नहीं किया जाता, हमारा यह लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।
साइकिल यात्रा के भिवानी की सीमा में प्रवेश करने पर प्रमुख समाजसेवी विनोद सांगवान मिताथल और अजीत धनना ने अपनी टीम के साथ यात्रियों का भव्य स्वागत किया। उन्होंने ने कहा कि न्याय की इस लड़ाई में भिवानी का समाज पूरी तरह से साइकिल यात्रियों और किसान संगठन के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि रवि आजाद हमेशा किसानों, मजदूरों और आम जनता के हक की आवाज उठाते रहे हैं। आज अगर वह किसी संकट में हैं, तो यह पूरे किसान समाज और न्यायप्रिय लोगों का कर्तव्य है कि उनके साथ खड़े हों। टिंकू शर्मा और उनकी टीम ने देहरादून से भिवानी तक साइकिल यात्रा निकालकर जो जज्बा दिखाया है, वह काबिले-तारीफ है। हम सरकार और प्रशासन से मांग करते हैं कि इस मामले में तुरंत संज्ञान लिया जाए, जांच को पूरी तरह निष्पक्ष रखा जाए और किसी भी बेकसूर को राजनीतिक द्वेष का शिकार न बनाया जाए।
उपायुक्त को सौंप ज्ञापन के माध्यम से मांग उठाई गई कि किसान नेता रवि आजाद को बिना किसी देरी के तुरंत रिहा किया जाए, मामले की वर्तमान जांच को रोककर इसे पूरी तरह निष्पक्ष बनाया जाए तथा स्थानीय प्रभाव से मुक्त रखने के लिए पूरे मामले की जांच सीबीआई को ट्रांसफर की जाए ताकि सच सामने आ सके।
भिवानी उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने के बाद भारतीय किसान यूनियन अखंड क्रांति के राष्ट्रीय अध्यक्ष टिंकू शर्मा ने कहा कि किसान नेता रवि आजाद को एक साजिश के तहत फंसाया गया है। प्रशासन और सरकार की यह कार्रवाई किसान आवाज को दबाने का प्रयास है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम देहरादून से साइकिलों पर निकलकर लगातार सफर तय करते हुए भिवानी पहुंचे हैं। हमारा उद्देश्य केवल रवि आजाद की रिहाई नहीं, बल्कि व्यवस्था में निष्पक्षता की बहाली है। जिस तरह से रवि आजाद पर मामले दर्ज किए गए हैं, उससे साफ है कि स्थानीय स्तर पर जांच प्रभावित हो रही है। इसलिए हमारी मुख्य मांग है कि इस पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। जब तक रवि आजाद को रिहा नहीं किया जाता, हमारा यह लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।
साइकिल यात्रा के भिवानी की सीमा में प्रवेश करने पर प्रमुख समाजसेवी विनोद सांगवान मिताथल और अजीत धनना ने अपनी टीम के साथ यात्रियों का भव्य स्वागत किया। उन्होंने ने कहा कि न्याय की इस लड़ाई में भिवानी का समाज पूरी तरह से साइकिल यात्रियों और किसान संगठन के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि रवि आजाद हमेशा किसानों, मजदूरों और आम जनता के हक की आवाज उठाते रहे हैं। आज अगर वह किसी संकट में हैं, तो यह पूरे किसान समाज और न्यायप्रिय लोगों का कर्तव्य है कि उनके साथ खड़े हों। टिंकू शर्मा और उनकी टीम ने देहरादून से भिवानी तक साइकिल यात्रा निकालकर जो जज्बा दिखाया है, वह काबिले-तारीफ है। हम सरकार और प्रशासन से मांग करते हैं कि इस मामले में तुरंत संज्ञान लिया जाए, जांच को पूरी तरह निष्पक्ष रखा जाए और किसी भी बेकसूर को राजनीतिक द्वेष का शिकार न बनाया जाए।
उपायुक्त को सौंप ज्ञापन के माध्यम से मांग उठाई गई कि किसान नेता रवि आजाद को बिना किसी देरी के तुरंत रिहा किया जाए, मामले की वर्तमान जांच को रोककर इसे पूरी तरह निष्पक्ष बनाया जाए तथा स्थानीय प्रभाव से मुक्त रखने के लिए पूरे मामले की जांच सीबीआई को ट्रांसफर की जाए ताकि सच सामने आ सके।