Loharu News: सांसद धर्मबीर सिंह ने लोहारू में सुनीं नागरिकों की समस्याएं, किसानों से की प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील
भिवानी-महेंद्रगढ़ से सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने लोहारू के PWD विश्रामगृह में जनसमस्याएं सुनीं और किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया।
- विकास के साथ-साथ सामाजिक ताना-बाना मजबूत होना जरूरी: सांसद धर्मबीर सिंह
- रासायनिक खादों के प्रयोग का बुरा असर इंसान के स्वास्थ्य के साथ-साथ पशु- पक्षियों और जीव - जंतुओं पर भी पड़ रहा है: सांसद धर्मबीर सिंह
- सांसद चौधरी धर्मवीर सिंह ने लोहारू के लोक निर्माण विश्रामगृह में सुनी नागरिकों की समस्याएं
लोहारू, 11 अक्टूबर। सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने रविवार को लोहारू के लोक निर्माण विश्रामगृह में नागरिकों की समस्याएं सुनी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान हो। इसके साथ ही सांसद ने विशेष कर किसानों से रासायनिक पदार्थों का प्रयोग न करके प्राकृतिक खेती को अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद के अंधाधुंध प्रयोग से हमारी जमीन जहरीली हो गई है, जिसका असर न केवल हमारे स्वास्थ्य पर पड़ा है, बल्कि पशु पक्षियों और जीव जंतुओं की भी अनेकों प्रजातियां विलुप्त हो गई हैं। उन्होंने विकास के साथ-साथ सामाजिक ताने-बाने को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने अभूतपूर्व तरक्की की है। आज भारत देश की विश्व में अपने आप में एक अलग पहचान बनी है। देश में नेशनल हाईवे, रेलवे और एयरवे की कनेक्टिविटी सुदृढ़ और मजबूत हुई है। कई कई घंटे में किए जाने वाला सफर आज मिनटों में तय हो रहा है। इससे हमारी जिंदगी निसंदेह आसान हुई है।
उन्होंने कहा कि आधुनिकता की इस चकाचौंध में हम स्वयं को भूल गए हैं। मोबाइल के इस दौर में बच्चों के साथ-साथ बड़ों पर भी बुरा असर देखने को मिल रहा है। हमारी मानसिकता बदलती जा रही है। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ में हमें सामाजिक और पारिवारिक एकता पर ध्यान देना होगा, जो बहुत जरूरी है।
उन्होंने किसानों से आह्वान करते हुए कहा की वे प्राकृतिक खेती अपनाने के साथ-साथ ड्रिप इरीगेशन पर ध्यान दें। इसके लिए सरकार द्वारा सब्सिडी भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पानी की एक-एक बूंद को बचाना पड़ेगा, नहीं तो आने वाले समय में हमें पानी के लिए तरसना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पानी के प्राकृतिक स्रोत कम होते जा रहे हैं। पर्यावरण के संतुलन के बिगड़ने का असर मौसम पर साफ़ तौर पर दिखाई देता है। सूखाग्रस्त रहने वाले इलाकों में आज बाढ़ की स्थिति बन रही है और जहां अक्सर बारिश होती थी, वहां पर सूखा पड़ रहा है। ऐसे में हमें पर्यावरण संरक्षण के लिए भी आगे आना होगा।
सांसद ने कहा कि हमें फसल अवशेष प्रबंधन पर भी गौर करना होगा। फसल अवशेषों को जलना गलत है, इससे एक तरफ पर्यावरण प्रदूषण होता है, तो दूसरी तरफ जमीन की उर्वरा शक्ति समाप्त होती है। अनेकों जीव जंतु, कीट पतंगे आग में जल जाते हैं।
उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए उन्होंने गांवों में ट्रैक्टर ट्राली दी हुई हैं, इनका प्रयोग गांव की सफाई व्यवस्था के लिए करें, जो की बहुत जरूरी है। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान करते हुए कहा कि वे समाज के अंदर भाईचारा बनाएं। आपसी भाईचारे पर ही विकसित समाज और देश की नींव टिकी है।
इस दौरान सांसद का पगड़ी बांधकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर एसडीएम मनोज कुमार, भाजपा नेता कमलेश भोड़ूका, विजय शेखावत, चुन्नीलाल स्वामी, संजय जांगड़ा सहित अनेक गणमान्य नागरिक और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।