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 महंत डॉ. अशोकगिरि महाराज ने हाइवे पर लगाई 151 त्रिवेणी  

 

भिवानी।

पर्यावरण संरक्षण और जनजागरण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल करते हुए शिव शक्ति जनकल्याण सेवा ट्रस्ट एवं सिद्ध पीठ बाबा जहरगिरी आश्रम के पीठाधीश्वर  महंत डॉ. अशोकगिरि महाराज ने वन महोत्सव कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग पर 151 त्रिवेणी लगाई ।

इससे पूर्व विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर भी 137 त्रिवेणियां लगाई गई थीं। आज 151 पौधे बड़ पीपल और नीम के लगाए गए हैं।

इस अभियान का उद्देश्य न केवल पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना है, बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को भी सशक्त करना है।महंत डॉ. अशोकगिरि महाराज ने सेवकों के साथ मिलकर हलवास चौक से देवसर मोड़ तक हाईवे बाईपास के किनारे 151 त्रिवेणियों को रोपित किया है। उन्होंने स्वयं गड्ढे खोदकर वृक्ष लगाए और सभी लोगों से “एक पेड़ मां के नाम” पौधारोपण की अपील की। उन्होंने बताया कि वे श्री श्री 1008 बाबा शंकरगिरी महाराज के स्मृति दिवस तक 1001 त्रिवेणियां लगाने का संकल्प ले चुके हैं, जिसकी देखरेख 1001 परिवारों द्वारा की जाएगी।

महंत डॉ. अशोकगिरि ने बताया कि बड़, पीपल और नीम के वृक्षों का विशेष महत्व है। ये न केवल अधिक मात्रा में ऑक्सीजन उत्पन्न करते हैं, बल्कि वायु प्रदूषण को भी कम करते हैं। नीम रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, पीपल श्वसन संबंधी समस्याओं को दूर करता है, जबकि बरगद मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है। धार्मिक दृष्टिकोण से भी ये वृक्ष अत्यंत पूज्यनीय हैं और हिंदू संस्कृति में इनका विशेष स्थान है।

उन्होंने बताया कि संत-महात्माओं और ऋषि-मुनियों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए त्रिवेणियों का रोपण किया जा रहा है। यह पहल न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ी है, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण का निर्माण करने का भी माध्यम है। उन्होंने कहा कि जब ये पौधे विकसित होंगे, तो हाईवे क्षेत्र में प्रदूषण की मात्रा स्वतः कम हो जाएगी।

इस अवसर पर वन महोत्सव के तहत त्रिवेणी कार्यक्रम में आचार्य पंडित बसंत शास्त्री, आनंद पांडे, दीपू सेन ,मांडी जांगड़ा, जतिन स्वामी, राहुल, योगेश सैनी, डिसू, निक्कू सोनी , कार्तिक पंडित , भारत सरकार से राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता अशोक कुमार भारद्वाज,मोहन दत्त  सहित अनेक सेवकों ने महंत डॉक्टर अशोकगिरि महाराज के सानिध्य में त्रिवेणी लगाने में सेवा की। श्री महंत ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक वृक्ष लगाएं और प्रकृति संरक्षण में भागीदार बनें।