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Maharana Pratap Horticultural University Karnal: 19 सितंबर से लगेगा दो दिवसीय उद्यान मेला एवं हॉर्टी एक्सपो, सीएम नायब सैनी करेंगे शुभारंभ

19-20 सितंबर को लगेगा उद्यान मेला एवं हॉर्टी एक्सपो। मुख्यमंत्री नायब सैनी करेंगे शुभारंभ।

 

महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय करनाल में उद्यान मेला एवं हॉर्टी एक्सपो 19 से, मुख्यमंत्री नायब सैनी करेंगे शुभारंभ

एमएचयू करनाल का रीजनल सेंटर भिवानी के गांव खरकड़ी में है,इस क्षेत्र से भी मेले में भाग लेंगे हजारो किसान,

बागवानी की नई तकनीकों की लगेंगी प्रदर्शनी

भिवानी, 12 सितंबर। महाराणा प्रताप हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी करनाल में दो दिवसीय प्रथम उद्यान मेला एवं हॉर्टी एक्सपो का आयोजन 19-20 सितंबर तक किया जाएगा। उद्यान मेला एवं हॉर्टी एक्सपो का शुभारंभ मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा 19 सितंबर सुबह 11 बजे किया जाएगा, कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा द्वारा की जाएगी। एमएचयू करनाल का रीजनल सेंटर भिवानी के गांव खरकड़ी में है,इस क्षेत्र से भी मेले में हजारों किसान भाग लेंगे और बागवानी की नई तकनीकों की प्रदर्शनी भी लगेंगी ।

ये जानकारी देते हुए एमएचयू के कुलपति प्रो. सुरेश मल्होत्रा ने बताया कि उद्यान मेला में प्रदेशभर से हजारों की संख्या में किसान भाई शिरकत करेंगे। मेले में किसान समूह, महिला किसान, उद्यमी स्टॉल लगाकर अपने-अपने बागवानी संबंधित उत्पादों का प्रदर्शनी लगाएंगे, करीब 100 से अधिक स्टॉल लगाएं जाएगे। 

कुलपति ने बताया कि मेला का आकर्षण का केंद्र हाईटेक बागवानी से संरक्षति खेती, फूल, फल, सब्जियों की प्रदर्शनी, उन्नत किस्मों के फलदार पौधों की क्लमें, सब्जियों के बीज उचित मूल्यों, प्रोसेसिंग व मूल्य संवर्धन पैकेंजिंग तकनीक एवं खादय उत्पादों की प्रदर्शनी, किसानों का सीधे तौर पर वैज्ञानिकों से संवाद रहेगा। माननीय कुलपति प्रो. सुरेश मल्होत्रा ने कहा कि किसान भाई बागवानी खेती करके पहले की अपेक्षा ओर समुद्ध बने, इसी उदेश्य को पूरा करने के लिए एमएचयू लगातार प्रयास कर रहा है, वैज्ञानिक किसानों तक नवाचारों को पहुंचाने के लिए काम कर रहे है। जिससे किसान भाईयों को फायदा हो सकें। उन्होंने कहा कि बागवानी की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा माननीय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में अनेकों योजनाएं चलाई जा रही है, जिनका सीधे तौर पर किसानों तक फायदा पहुंच रहा है, किसान योजनाओं से लाभविंत हो रहे है।