पर्वतारोही नरेंद्र सिंह यादव ने मेक्सिको में गाड़ा झंडा; पिको डी ओरिजाबा पर फहराया तिरंगा
रेवाड़ी के नरेंद्र सिंह यादव ने उत्तरी अमेरिका की सबसे ऊंची ज्वालामुखीय चोटी माउंट पिको डी ओरिजाबा पर सफल आरोहण किया। -20 डिग्री तापमान में रचा एक और इतिहास।
कोसली : कोसली उपमंडल के गांव नेहरूगढ़ निवासी युवा पर्वतारोही, सेवन समिट्स विजेता एवं 23 विश्व रिकॉर्ड धारक नरेंद्र सिंह यादव ने उत्तरी अमेरिका की सबसे ऊंची ज्वालामुखीय चोटी माउंट पिको डी ओरिजाबा (5,636 मीटर), मेक्सिको पर सफल आरोहण कर भारत का तिरंगा फहराया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने एक बार फिर देश, प्रदेश और क्षेत्र का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।
एनएसवाई आउटडोर द्वारा आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय अभियान में विभिन्न देशों के 12 पर्वतारोहियों ने भाग लिया था, जिनमें से केवल 7 पर्वतारोही ही शिखर तक पहुंच सके। इस चुनौतीपूर्ण अभियान का नेतृत्व भारतीय पर्वतारोही नरेंद्र सिंह यादव ने किया, जो देश के लिए गर्व की बात है। नरेंद्र सिंह यादव 26 मई 2026 को भारत से मेक्सिको के लिए रवाना हुए थे। पांच दिनों तक चले कठिन अभियान के बाद उन्होंने 30 मई 2026 को सुबह 10:14 बजे सफलतापूर्वक शिखर पर पहुंचकर तिरंगा लहराया।
अभियान के दौरान उन्होंने मेक्सिको सिटी, प्यूएबला और बेस कैंप से आगे बढ़ते हुए प्रतिकूल मौसम और ऊंचाई से जुड़ी कठिन परिस्थितियों का सामना किया। इस अभियान का सबसे कठिन और निर्णायक चरण ‘सिंगल पुश समिट’ रहा, जिसमें लगभग 1,400 मीटर की अत्यंत खड़ी चढ़ाई शामिल थी। इस दौरान तापमान -15 से -20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। तेज हवाओं के कारण उत्पन्न विंडचिल प्रभाव ने परिस्थितियों को और अधिक कठिन व जोखिमपूर्ण बना दिया। अत्यधिक ठंड, ऑक्सीजन की कमी और दुर्गम भू-भाग जैसी चुनौतियों के बावजूद नरेंद्र सिंह यादव ने अदम्य साहस, धैर्य और दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए सफलता हासिल की।
सातों महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों पर किया सफल आरोहण
यह ऐतिहासिक उपलब्धि उनके महत्वाकांक्षी ‘सेवन वोल्कैनिक समिट्स प्रोजेक्ट’ का हिस्सा है, जिसके तहत वे विश्व के सातों महाद्वीपों की प्रमुख ज्वालामुखीय चोटियों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। नरेंद्र सिंह यादव भारत के पहले युवा पुरुष पर्वतारोही हैं जिन्होंने सातों महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों (सेवन समिट्स) पर सफल आरोहण किया है। वे विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर भी दो बार सफलतापूर्वक चढ़ाई कर चुके हैं। उनका अगला लक्ष्य ‘एक्सप्लोरर्स ग्रैंड स्लैम’ और ‘सेवन वोल्कैनिक समिट्स’ को पूरा कर भारत का गौरव वैश्विक मंच पर और ऊंचा करना है।