राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की सख्त कार्यवाही, भिवानी एसपी तलब
भिवानी
घुसकानी में पिता द्वारा बेटी के साथ बर्बरता किए जाने की रिपोर्ट ना भेजने पर एस पी को भेजा व्यक्तिगत उपस्थिति का नोटिस !
आयोग के सदस्य प्रियंक क़ानूनगो ने मानव अधिकार संरक्षण एक्ट की धारा 13 का उपयोग करते हुए एसपी को तलब किया है! बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य सुशील वर्मा ने इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत की थी! 8 अगस्त को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा संज्ञान लेकर भिवानी के एसपी को नोटिस जारी करके मामले की रिपोर्ट माँगी गई थी! एसपी कार्यालय द्वारा निर्धारित समय में रिपोर्ट नहीं भेजने पर आयोग ने 10 सितंबर को एसपी को रिमांडर भेजा था। रिपोर्ट ना मिलने पर 1 अक्टूबर को दूसरा रिमाइंडर नोटिस भेजा गया था!
इसके बावजूद भी एसपी द्वारा आयोग को रिपोर्ट नहीं भेजी गई! इस लापरवाही पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग द्वारा सख्त कदम उठाते हुए भिवानी के एसपी को दिनांक 1 दिसंबर को व्यक्तिगत उपस्थिति का नोटिस जारी किया गया है!
आयोग द्वारा जारी नोटिस में लिखा गया है कि एस पी स्वयं या अपने अधीनस्थ अधिकारी जिसे घुसकानी मामले की समस्त जानकारी हो, आयोग के समक्ष उपस्थित हों! आयोग द्वारा नोटिस के अनुसार यदि 26 नवंबर तक माँगी गई रिपोर्ट आयोग को मिल जाती है तो व्यक्तिगत उपस्थित होने पर एसपी को छूट मिल जाएगी।
मामला :
घुसकानी निवासी एक व्यक्ति पर सुशील वर्मा ने आरोप लगाया था कि उसने अपनी पंद्रह वर्षीय बेटी के ऊपर तेज़ाब डालकर उसे घर के आंगन में बनी हुई पानी की टंकी में डुबोकर मारने का प्रयास किया था! इस मामले में लड़की को गंभीर हालत में पुलिस द्वारा पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया गया था! आयोग के दखल के बाद पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार किया था।