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ADCP Gangapar Pushkar Verma Nawabganj Case: नवाबगंज में जमीन में गड़े 3 ड्रमों से निकला करोड़ों का कैश; 4 हिरासत में, आयकर विभाग जांच में जुटा

नवाबगंज के बरईपुर रामनगर में एक घर में ज़मीन के नीचे गड़े तीन ड्रमों से लगभग 4 से 5 करोड़ रुपये का कैश बरामद हुआ है। पुलिस ने 4 लोगों को हिरासत में लिया है।
 

नवाबगंज क्षेत्र के बरईपुर रामनगर गांव में बुधवार देर शाम एक सनसनीखेज और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक मकान के भीतर जमीन में गड़े तीन प्लास्टिक के ड्रमों से लगभग 4 से 5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम नकदी (Cash) बरामद हुई है। इतनी बड़ी रकम कहाँ से आई, इसे ड्रमों में भरकर जमीन के नीचे क्यों दबाया गया और इसके पीछे कौन-सा गिरोह या नेटवर्क काम कर रहा है? पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां अब इन सवालों के जवाब तलाशने में जुट गई हैं। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 4 लोगों को हिरासत में ले लिया है।

बुधवार देर शाम पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बरईपुर रामनगर निवासी राकेश यादव के मकान में चोरी या अवैध तरीके से कमाए गए करोड़ों रुपये जमीन के नीचे गाड़े गए हैं। सूचना मिलते ही एडीसीपी गंगापार (ADCP Gangapar) पुष्कर वर्मा समेत भारी पुलिस बल और उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे। जब चिह्नित स्थान की खुदाई कराई गई, तो जमीन के अंदर दबाकर रखे गए 3 बड़े ड्रम मिले, जिनमें 500-500 रुपये के नोटों के बंडल खचाखच भरे हुए थे। पुलिस ने तुरंत आयकर (Income Tax) विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों को सूचित करते हुए पूरी नकदी को सील कर दिया है, जिसकी आधिकारिक गिनती कराई जा रही है।

🚚 पुणे कनेक्शन आया सामने: कोरोना काल और लॉकडाउन से जुड़े हैं तार?

पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच और स्थानीय लोगों से पूछताछ में कई बड़े सुराग हाथ लगे हैं:

  • पुणे से लाए गए थे रुपये: पता चला है कि राकेश यादव का भाई बबलू यादव पिछले कई वर्षों से महाराष्ट्र के पुणे में रहता था।

  • कोरोना काल का घटनाक्रम: वर्ष 2020 में कोरोना काल के दौरान लागू लॉकडाउन के समय वह अपने दो जीजा और साढ़ू के साथ गांव लौटा था। इलाके में चर्चा है कि यह भारी-भरकम कैश उसी दौरान पुणे से लाकर यहाँ छुपाया गया था। पुलिस अब इन सभी कड़ियों और व्यक्तियों के बैकग्राउंड की जांच कर रही है।

💥 परिवार में कुछ दिन पहले हुआ था विवाद; पुलिस खंगाल रही है रंजिश का एंगल

जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि हाल ही में राकेश यादव के परिवार में किसी बात को लेकर तीखा घरेलू विवाद हुआ था।

  • मुखबिरी की आशंका: पुलिस इस विवाद को भी जांच के मुख्य दायरे में रखकर पड़ताल कर रही है कि कहीं परिवार की अंदरूनी रंजिश के चलते ही तो यह गुप्त सूचना बाहर नहीं लीक हुई। हालांकि, पारिवारिक कलह और गड़े मिले करोड़ों रुपये के बीच सीधा संबंध है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। पुलिस हिरासत में लिए गए राकेश यादव समेत चारों संदिग्धों से गुप्त स्थान पर पूछताछ कर रही है।

🚜 गांव में तेजी से बनाई करोड़ों की संपत्ति: डेढ़ करोड़ का मकान, खेत और ट्रैक्टर

ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि साधारण पृष्ठभूमि वाले राकेश यादव ने पिछले कुछ ही वर्षों में गांव में अप्रत्याशित रूप से संपत्ति बनाई है:

  1. आलीशान मकान: उसने लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की भारी लागत से गांव में एक भव्य मकान बनवाया।

  2. जमीन और गाड़ियां: इसके अलावा कई बीघे कृषि योग्य खेत खरीदे, साथ ही दो नए ट्रैक्टर और डीजे (DJ) सेटअप भी खरीदा।

पुलिस अब राकेश यादव की इस अकूत संपत्ति जुटाने के असली स्रोतों, बैंक खातों और नकदी के पूरे लेनदेन के रिकॉर्ड्स खंगाल रही है।

🗣️ पुलिस का आधिकारिक बयान: गिनती के बाद साफ होगी सटीक रकम

पुलिस अधिकारियों के अनुसार:

"राकेश यादव के मकान के भीतर जमीन में गाड़े गए तीन ड्रमों से भारी मात्रा में कैश मिला है। रुपये की जब्ती बनाकर संबंधित आयकर विभाग को अधिकृत सूचना दे दी गई है। गिनती पूरी होने के बाद ही कुल सटीक राशि का पता चल सकेगा। यह अवैध नकदी कहाँ से आई और इसका असली मालिक कौन है, इसकी गहन तकनीकी जांच जारी है।"