{"vars":{"id": "123258:4912"}}

जीएसटी की नई दरों से आमजन को मिलेगी बड़ी राहत: धर्मबीर सिंह 

 

भिवानी।

भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद चौ. धर्मबीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने एक देश-एक कर की नीति को अपनाते हुए जीएसटी पुरानी चार स्तरीय व्यवस्था को हटाकर देशभर में आमजन के काम लाने वाली वस्तुओं पर 5 और 18 प्रतिशत जीएसटी की नई संरचना लागू की है, जिससे देश के आम नागरिकों को भी सीधा लाभ होगा।

इसके साथ ही लग्जरी सामान पर जीएसटी की 40 प्रतिशत की दर रखी है, यह देश को विकसित बनाने में एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि जीएसटी के नए स्लैब से गरीब आदमी को राहत मिली है, जो सबसे जरूरी है।
सांसद धर्मबीर सिंह वीरवार को स्थानीय लोक निर्माण विश्राम गृह में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कौशिक भी मौजूद रहे।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी सुधारों के लिए 3 सितम्बर 2025 को 56 वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में जीएसटी सुधारों के निर्णय लिए गए। यह 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से अब तक का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव है। इससे पारदर्शिता, न्यायसंगत व्यवस्था और कर पालन में आसानी की पुरानी मांगों को पूरा किया गया है।
उन्होंने बताया कि जीएसटी पर ये सुधार नवरात्रि के पहले दिन से लागू होंगे। यह केवल आर्थिक कदम नहीं, बल्कि देश के लिए दिवाली का तोहफा है, इससे करोड़ों परिवारों की बचत सीधे उनके हाथों में जाएगी। जैसे दीपावली पर दीपक घरों को रोशन करते हैं, वैसे ही ये सुधार घरों के खर्च कम करेंगे, किसानों को सशक्त बनाएंगे और कारोबार को गति देंगे, जिससे पूरे भारत में समृद्धि फैलेगी। पत्रकार वार्ता के दौरान मौजूद विभिन्न व्यापारिक व औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जीएसटी की नई दरों के पर अपने विचार प्रकट किए और इसे राष्ट्र के उत्थान में कारगर कदम बताया।
 जीएसटी के मुख्य बिन्दु:
दो-दों की सरलता: अब पुरानी चार-स्तरीय व्यवस्था हटाकर सिर्फ 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दरें रखी गई हैं। इससे भ्रम, कानूनी झंझट और टैक्स भरने की मुश्किलें कम होंगी।
- जनता को राहत: दूध, पनीर, शैम्पू, टूथपेस्ट, साबुन, साइकिल और बच्चों के सामान जैसे जरूरी घरेलू सामान पर अब सिर्फ 5 प्रतिशत या शून्य कर लगेगा। इससे रोजमर्रा के खर्च कम होंगे।
- किसानों को बढ़ावा: ट्रेक्टर, टायर, कीटनाशक और सिंचाई उपकरण पर कर घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे खेती की लागत कम होगी और ग्रामीण भारत को सीधा लाभ मिलेगा।
-स्वास्थ्य क्रांति: व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी पूरी तरह से हटा दिया गया है। दवाइयों, ऑक्सीजन और जांच किट पर कर में बड़ी कटौती की गई है ताकि इलाज सभी के लिए सस्ता हो सके।
-गाडिय़ों और वाहनों में भारी छूट: गाडिय़ों और बाइक पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दी गयी है यानी पुरे -10 प्रतिशत की कटौती - जिससे वाहन खरीददारों को आराम मिलेगा और त्योहारों के समय मांग बढ़ेगी।
-शिक्षा हुई सस्ती: कॉपियों, पेंसिल, नक्शों और अन्य जरूरी छात्र सामग्री पर अब कोई कर नहीं लगेगा।
-लग्जरी पर ज्यादा कर: विलासिता की वस्तुएं (जैसे तंबाकू, पान मसाला) और लग्जरी सामान (जैसे कसीनो, एसबूवी, यॉट) पर अब 40 प्रतिशत कर लगाया गया है। इससे आम लोगो पर बोझ घटेगा।
-व्यापार में आसानी: सरल रजिस्ट्रेशन, तेज रिफंड (90 प्रतिशत ऑटो-अप्रूव) और रिस्क-आधारित कंप्लायंस से एमएसएमई, निर्यातकों और श्रम प्रधान क्षेत्रों को मजबूती मिलेगी।
- वित्तीय सतर्कता: तंबाकू पर सेस तब तक जारी रहेगा जब तक मुआवजे के ऋण चुकते नहीं हैं, जिससे राजस्व प्रबंधन जिम्मेदारी से होगा।
सांसद ने कहा कि दरें कम होने के बावजूद, वित्त वर्ष 25 में जीएसटी संग्रह 22.08 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। केवल अप्रैल-अगस्त 2025 में ही 10.04 लाख करोड़ का संग्रह हुआ, जो विकास और बेहतर अनुपालन का प्रमाण है। पंजीकृत करदाताओं की संख्या 2017 में 65 लाख से बढक़र 2025 में 1.51 करोड में अधिक हो गई, जिससे लाखों लोग औपचारिक अर्थव्यवस्था में शामिल हुए हैं।
सांसद ने कहा कि आम आदमी और घरों में राहत के लिए जैसे दैनिक आवश्यक वस्तुओं पर बड़ी बचत हुई है, जो पहले 12 से 18 था, अब उन वस्तुओं पर पांच प्रतिशत हो गया है। इसी प्रकार से उर्वरकों पर पांच प्रतिशत जीएसटी होने से किसान और कृषि उत्पादन में सीधे किसानों को लाभ होगा। इसी प्रकार भवन निर्माण में प्रयोग होने वाली सीमेंट पर 28 से कम कर 18 प्रतिशत जीएसटी किया गया है।
नए स्लैब में व्यक्तिगत स्वास्थ्य और जीवन बीमा व शिक्षा से संबंधित पेंसिल, मानचित्र, चार्ट, ग्लोब, शार्पन, अभ्यास पुस्तिका, रबड़ और नोट बुक को जीएसटी से मुक्त किया गया है।
विलासिता की वस्तुओं पर बढ़ाया है जीएसटी
सांसद ने बताया कि आम आदमी से हटकर विलासिता और सामाजिक रूप से नुकसान पहुंचाने वाली वस्तुओं पर जीएसटी बढाया है, जिनमें पान, मलासा, सिगरेट, कैफीनयुक्त पेय पदार्थ, उच्च स्तरीय मोटवाहन, कैसीनो, घुड़दौड़ और आईपीएल जैसे खेलों में प्रवेश आदि पर जीएसटी 28 से बढ़ाकर 40 प्रतिशत किया है।
इस दौरान एडवोकेट सुभाष जिंदल, जिला प्रवक्ता विनोद चावला, मीना परमार, रमेश पचेरवाल, इंडस्ट्री एरिया प्रधान शालू जैन व धर्मवीर नेहरा, सीए एसोसिएशन के प्रधान राजेश, नरेश, मीनू अग्रवाल, व्यापार मंडल के प्रधान भानू प्रकाश, जिला बार एसोसिएशन के प्रधान संदीप तंवर व सचिव विनोद शर्मा, एनडी गुप्ता, एनडी गोयनका, मदन लाल, सीए प्रकोष्ठ पवन मितल, धर्मेश शाह, इंडस्ट्री एरिया के मेम्बर राकेश शर्मा, दिनेश वर्मा, इंडस्ट्री एरिया के वाइस प्रेसीडेंट फकीर चंद गर्ग, भाजपा जिला मीडिया प्रभारी राकेश मिश्रा, पूर्व टैक्स बार राजेश पोपली, एडवोकेट टैक्स बार के मेंबर दीपक मितल, टैक्स बार के सचिव हितेश, गोपाल कृष्ण पोपली, एडवोकेट राजेश शर्मा, प्रदीप सोनी, विनोद भारद्वाज, राजकुमार यादव, अतुल रोहिल्ला सहित विभिन्न व्यापारिक व ओद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।