Nifty IT में कोहराम: एक हफ्ते में ₹2.5 लाख करोड़ साफ, 2020 के बाद सबसे बड़ी गिरावट
आईटी सेक्टर में हाहाकार! निफ्टी आईटी इंडेक्स एक हफ्ते में 10% टूटा। इंफोसिस और टीसीएस के कमजोर नतीजों से निवेशकों के डूबे 2.5 लाख करोड़ रुपये। जानें एक्सपर्ट्स की राय।
कमजो चौथी तिमाही और मैनेजमेंट की सतर्क गाइडेंस से बुरी तरह प्रभावित होकर, भारत का टेक्नोलॉजी इंडेक्स, Nifty IT, एक ही हफ्मे में लगभग 10 फीसदी गिर गया. खास बात तो ये है कि इंडेक्स ने पांच हफ्तों कीी बढ़त को एक ही हफ्ते में गंवा दिया और एक ऐतिहासिक गिरावट की शुरुआत कर दी. जानकारों ने चेतावनी दी है कि ये अभी शुरुआत है. आने वाले हफ्तों में इसमें और भी गिरावट देखने को मिल सकती है. आंकड़ों को देखें तो टेक इंडेक्स में गिरावट की वजह से निवेशकों को 2.5 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है. जोकि मार्च 2020 के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट मानी जा रही है. तब कोविड 19 महामारी के कारण इंडेक्स 13.6 फीसदी तक डूब गया था.
लॉन्ग-टर्म गिरावट के दौर में आईटी इंडेक्स
जैनम ब्रोकिंग में रिसर्च रिटेल ब्रोकिंग के प्रमुख हिमांशु गुप्ता ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि तीनों प्रमुख IT शेयरों के लॉन्ग-टर्म चार्ट खराब दिख रहे हैं, और यह साफ है कि पैसा बाहर निकल रहा है. तीनों शेयर अपने-अपने 200-हफ्ते के मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहे हैं और निचले साइक्लिकल लो बना रहे हैं — जो भारत के IT सेक्टर में ना के बराबर देखने को मिला है, जिससे पता चलता है कि वे लॉन्ग-टर्म गिरावट के दौर में हैं. एनालिस्ट सभी लार्ज-कैप IT शेयरों पर ‘अंडरवेट’ बने हुए हैं और उनका मानना है कि इस सेक्टर में न केवल और प्राइस करेक्शन होने की संभावना है, बल्कि ‘टाइम करेक्शन’ भी हो सकता है, जहां निवेशकों को अगले 2-3 तिमाहियों में कोई खास रिटर्न नहीं मिल पाएगा.
बेहतर नहीं तिमाही नतीजे
टीसीएस, इंफोसिस और एचसीएल टेक सभी ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए, जिनमें मैक्रोइकोनॉमिक चिंताओं के बीच मिली-जुली रेवेन्यू ग्रोथ देखने को मिली. TCS के मज़बूत मार्जिन से ज्यादा राहत नहीं मिली. इसका सबसे बड़ा कारण है कि दूसरी कंपनियों की कमजोर गाइडेंस का बाजरर के सेंटिमेंट पर काफी बुरा असर पड़ा. शुक्रवार को Infosys द्वारा अपनी तिमाही रिपोर्ट जारी करने के बाद बिकवाली और तेज हो गई. LKP Securities के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि निफ्टी आईटी में ‘बियर्स’ (बिकवाली करने वालों) की वापसी देखने को मिली, क्योंकि इंफोसिस के तिमाही नतीजों के बाद इंडेक्स में भारी बिकवाली हुई. RSI ने ‘बेयरिश क्रॉसओवर’ में प्रवेश कर लिया है और नीचे गिर रहा है. डे 25,500 पर सपोर्ट और 32,000 पर रेजिस्टेंस देख रहे हैं, और चेतावनी दे रहे हैं कि इंडेक्स निचले स्तरों की ओर गिरना जारी रख सकता है.
टूटा विदेशी निवेशकों का विश्वास
निफ्टी आईटी इंडेक्स में कैलेंडर वर्ष की शुरुआत से अब तक लगभग 25 फीसदी की गिरावट आ चुकी है. Emkay का मॉडल पोर्टफोलियो भी लार्ज-कैप सेगमेंट में इसी तरह की सावधानी दिखाता है. इसने टेक्नोलॉजी सेक्टर में अपना निवेश कम रखा है और इसे सिर्फ 7 फीसदी वेटेज दिया है. इस सेक्टर में इसने सिर्फ Infosys और HCL Tech को ही अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया है. IT सेक्टर में FIIs (विदेशी संस्थागत निवेशक) सबसे बड़े बिकवाल रहे हैं. इस साल अप्रैल के मिड तक, उन्होंने इस सेक्टर में अपनी हिस्सेदारी में से लगभग 20,000 करोड़ रुपए के शेयर बेच दिए हैं. अभी के लिए, तकनीकी संकेतकों के कमजोर पड़ने और संस्थागत निवेशकों के भरोसे में कमी आने के कारण, भारत का कभी पसंदीदा रहा IT सेक्टर का कारोबार अब पूरी तरह से पीछे हटता हुआ नजर आ रहा है.