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गीता जयंती के समापन अवसर पर स्थानीय हनुमान जोहड़ी धाम मंदिर में हुआ दीपोत्सव

 

भिवानी।

प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार एवं उपायुक्त साहिल गुप्ता के मार्गदर्शन में जिला में आयोजित तीन दिवसीय गीता जयंती महोत्सव का समापन सोमवार देर शाम स्थानीय हनुमान जोहड़ी धाम मंदिर में दीपोत्सव के साथ हुआ।

मंदिर के महंत बाल योगी चरण दास महाराज के सानिध्य में बड़ी संख्या में महिला व नागरिकों ने गीता ज्ञान स्वरूपी दीप जलाए।
दीपोत्सव के अवसर पर महंत चरण दास ने संदेश देते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत गीता एक ऐसे दीपक की तरह है जो जीवन में आंतरिक व बाह्य दोनों तरह से प्रकाश लाने का कार्य करती है।

जिस प्रकार एक दीपक अंधकार को दूर करता है। उसी प्रकार से गीता ज्ञान को जीवन में धारण करने से उजाला होता है। दीपक की तरह ही गीता सही रास्ता दिखाने का काम करती है। उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण द्वारा दिया गया गीता का उपदेश किसी एक व्यक्ति विशेष के लिए नहीं बल्कि सम्पूर्ण मानव जाति के लिए है। गीता को निरंतर पढऩे से मनुष्य को बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान नजर आ जाता है।
उन्होंने दीपोत्सव के अवसर पर संदेश देते हुए कहा है कि हमें गीता में दिए गए उपदेश पर चलना चाहिए। गीता में कर्म को प्रधान माना गया है। इंसान को अपना लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करनी चाहिए। मेहनत का फल अवश्य मिलता है।
 इस दौरान प्रजापिता ब्रह्माकुमारी से बीके सुमित्रा ने कहा कि संसार में सब कुछ भगवान की इच्छा के अनुसार ही चलता है। इंसान का ईश्वर में विश्वास होना चाहिए। जो कुछ होता है वह सही ही होता है।

जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी सुरेन्द्र सिंगल ने दीपोत्सव पर मौजूद संतगण, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों और मातृ शक्ति का आभार प्रकट करते हुए कहा कि सरकार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के आयोजन का उद्देश्य भगवान श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए गीता उपदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।