हरियाणा की नौकरियों पर बाहरी लोगों का कब्ज़ा : नरेंद्र राज गागड़वास
भिवानी:
हरियाणा में सरकारी भर्तियों और बेरोजग़ारी के मुद्दे पर कांग्रेस ने प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
सोमवार को यहां एक निजी रेस्तरां में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र राज गागड़वास ने तीखे हमले करते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार की नीतियों के कारण हरियाणा के शिक्षित युवा सडक़ों पर घूम रहे हैं, जबकि प्रदेश की मलाईदार नौकरियां बाहरी राज्यों के युवाओं को परोसी जा रही हैं।
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र राज गागड़वास ने हरियाणा लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि हरियाणा जैसे सक्षम राज्य में, जहां प्रतिभावान और अनुभवी अधिकारियों की कोई कमी नहीं है, वहां एचपीएससी का चेयरमैन बिहार राज्य से नियुक्त किया गया है।
उन्होंने मांग की कि एचपीएससी के चेयरमैन पद पर किसी योग्य हरियाणावासी को नियुक्त किया जाए। जब तक आयोग की कमान प्रदेश की मिट्टी से जुड़े व्यक्ति के हाथ में नहीं होगी, तब तक हरियाणा के युवाओं के हितों की रक्षा संभव नहीं है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने आंकड़ों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि एचपीएसी के माध्यम से होने वाली भर्तियों में 60 प्रतिशत से अधिक नौकरियां बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों को दी जा रही हैं।
उन्होंने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब प्रदेश का युवा हर योग्यता पूरी करता है, तो उसे अपनी ही ज़मीन पर नौकरी से वंचित क्यों किया जा रहा है? भर्ती प्रक्रियाओं में होने वाली देरी और अनिश्चितता पर प्रहार करते हुए नरेंद्र राज गागड़वास ने एक पारदर्शी वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट रूप से प्रक्रिया का खाका पेश किया, जिसमें समय पर विज्ञापन निकले, निर्धारित तिथि पर परीक्षा हो, पारदर्शिता के साथ परिणाम घोषित हो और तय समय सीमा में नियुक्ति पत्र दिए जाएं।
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता गागड़वास ने बताया कि एक ओर सरकार डिजिटल इंडिया' का ढोल पीट रही है, वहीं दूसरी ओर 2019 से कंप्यूटर साइंस के शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं।
उन्होंने इसे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। इसके अलावा, इंग्लिश असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में आई खामियों का जि़क्र करते हुए उन्होंने एचपीएससी चेयरमैन के उस कथित बयान की कड़ी निंदा की, जिसमें उन्होंने युवाओं से कहा था कि तुम्हारे विश्वविद्यालयों ने तुम्हें ढंग से नहीं पढ़ाया। गागड़वास ने कहा कि अगर विश्वविद्यालय सही शिक्षा नहीं दे रहे, तो इसकी नैतिक जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री की है और उन्हें तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
केंद्र और राज्य सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर जी राम जी करने और राज्यों का वित्तीय हिस्सा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने पर भी गागड़वास ने कड़ा ऐतराज जताया।
उन्होंने कहा कि राज्य का हिस्सा बढ़ाने से गरीबों और राज्य के खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने सवाल किया कि यदि मनरेगा में खामियां थीं, तो भाजपा ने 2014 से 2026 तक इसे क्यों चलाया? क्या 12 साल बाद सरकार को इसकी खामियां नजऱ आईं?
पत्रकार वार्ता के अंत में नरेंद्र राज गागड़वास ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि हरियाणा के युवाओं और गरीबों के साथ हो रहा यह अन्याय तुरंत बंद नहीं हुआ, तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। पार्टी इस लड़ाई को सडक़ से लेकर सदन तक लड़ेगी। इस मौके पर अमितायवान कटारिया प्रदेश सचिव एससी कांग्रेस, मंजीत लांगायन एनएसयूआई जिला अध्यक्ष भिवानी और रजनीश कॉन्टिया मुख्य रूप से मौजूद रहे।