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ज्योति के परिवार को 16 लाख का मुआवजा और भाई को नौकरी, PU प्रशासन का बड़ा फैसला

पंजाब यूनिवर्सिटी ने करंट लगने से मृत PhD छात्रा ज्योति के परिवार को 16 लाख रुपये का राहत पैकेज और भाई को इलेक्ट्रीशियन पद पर नौकरी देने का ऐलान किया है।

 

चंडीगढ़: पंजाब यूनिवर्सिटी में करंट लगने से पीएचडी शोधार्थी ज्योति की मौत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनके परिवार के लिए राहत पैकेज की घोषणा की है. कुलपति प्रो. रेणु विग ने मंगलवार को परिजनों से मुलाकात कर आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का भरोसा दिया. यह फैसला परिजनों की मांगों पर विचार-विमर्श के बाद लिया गया.

परिजनों को आर्थिक राहत का ऐलान: यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मृतक शोधार्थी के परिवार को कुल 16 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है. इसमें 5 लाख रुपये कुलपति के विवेकाधीन कोष से और 11 लाख रुपये डीन स्टूडेंट वेलफेयर (डीएसडब्ल्यू) कार्यालय के माध्यम से दिए जाएंगे. प्रशासन का कहना है कि यह सहायता परिवार को कठिन समय में संबल देने के उद्देश्य से दी जा रही है.

भाई को नौकरी की पेशकश: विश्वविद्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार ज्योति के भाई, जिन्होंने 10+2 और आईटीआई (इलेक्ट्रिकल) की योग्यता प्राप्त की है, उनको निर्धारित प्रक्रिया और पात्रता पूरी होने के बाद इलेक्ट्रीशियन के पद पर नियुक्ति की पेशकश की जाएगी. यह नियुक्ति पंजाब सरकार के लागू नियमों के अनुसार वेतनमान और अन्य भत्तों के साथ होगी.

कुलपति ने जताया शोक: कुलपति प्रो. रेणु विग ने परिजनों से मुलाकात के दौरान कहा कि, "ज्योति का असामयिक निधन पूरे विश्वविद्यालय परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है. इस कठिन समय में पंजाब यूनिवर्सिटी पूरी संवेदनशीलता के साथ परिवार के साथ खड़ी है और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी."

हादसे के बाद उठा जांच का मुद्दा: वहीं, मंगलवार सुबह सेक्टर-25 स्थित साउथ कैंपस के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में करंट लगने से पीएचडी शोधार्थी ज्योति की मौत हो गई थी. घटना के बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की. वहीं, परिजनों ने भी मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग उठाई. विश्वविद्यालय की ओर से आर्थिक सहायता और नौकरी की घोषणा इसी घटनाक्रम के बाद की गई है.