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लोगों की शिकायतों का मौके पर हो निपटारा:एसडीएम प्रदीप अहलावत 

 

तोशाम।
तोशाम के एसडीएम प्रदीप अहलावत ने कहा कि मूलभूत समस्याओं का त्वरित समाधान करना ही समाधान शिविर का मुख्य उद्देश्य है। एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि लोगों की शिकायतों का मौके पर ही निपटारा होना चाहिए।
 उन्होंने कहा कि उपमंडल स्तर पर लोगों की समस्याओं की सुनवाई करके अधिकारी त्वरित समाधान करना सुनिश्चित करें। समाधान शिविर सुशासन व प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद हैं।
 एसडीएम प्रदीप अहलावत सोमवार को अपने कार्यालय में समाधान शिविर के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दिशा निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि जनता के लिए समाधान शिविर सुशासन का सशक्त माध्यम बन गए हैं। समाधान शिविर की विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य जनता की समस्याओं जैसे बिजली, पानी, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ी तमाम शिकायतो का मौके पर ही समाधान करना और प्रशासन में पारदर्शिता लाना। जहां नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज कराते हैं।
 समाधान शिविर सप्ताह में दो दिन सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक आयोजित किए जा रहे हैं। आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से  सरकार के दिशा निर्देश पर उच्च अधिकारियों के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित किए जाते हैं। समाधान शिविर में आई शिकायतों की की निगरानी भी जिला और प्रदेश मुख्यालय तथा मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा भी की जा रही है।उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही इस पहल को जनता का भी भरपूर समर्थन और सराहना मिल रही है। समय पर समाधान, समर्पित अधिकारियों और आम जनता की भागीदारी से ये शिविर आज सुशासन का सशक्त उदाहरण बनकर उभरे हैं।
  एसडीएम प्रदीप अहलावत ने बताया कि जिला और प्रदेश मुख्यालय स्तर पर समाधान प्रकोष्ठ की स्थापना की गई है। जहां समाधान शिविर की शिकायतों की निगरानी की जाती है। हर सप्ताह शुक्रवार को समाधान शिविर की शिकायतों की समीक्षा की जाती है। जिन शिकायतों का त्वरित समाधान हो सकता है, उनका मौके पर ही समाधान कर नागरिकों को राहत पहुंचाई जाती है।

लेकिन जो समस्याएं नीति निर्धारण से संबंधित होती हैं, उन्हें मुख्यालय भेजा जाता है। ताकि उनका समय पर समाधान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
 एसडीएम ने बताया कि समाधान शिविर में राशन कार्ड, परिवार पहचान पत्र आईडी में सुधार, जमीनों पर अवैध कब्ज़ा हटवाना, आदि शामिल हैं। इन शिविरों की मॉनिटरिंग स्वयं मुख्यमंत्री कार्यालय करता है, जिससे सुशासन व प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हो रहा है।एक छत के नीचे समाधान किया जाता है। सभी विभागों के अधिकारी एक साथ उपस्थित होते हैं, जिससे बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ते। ये शिविर जनता और प्रशासन के बीच की दूरी को कम कर रहे हैं और समस्याओं का तेजी से निवारण कर रहे हैं। 
इस अवसर पर एसईपीओ अजय कुमार सहित अन्य विभागो के अधिकारी मौजूद रहे।