पारदर्शिता के लिए रबी फसल खरीद प्रक्रिया को बनाया गया है पूरी तरह डिजीटल: डीसी
भिवानी
डीसी साहिल गुप्ता ने कहा है कि पारदर्शिता के लिए गेहूं व सरसों की खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह डिजीटल बनाया गया है। ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण, गेट पास, खरीद और भुगतान की प्रक्रिया पूरी होती है।
किसानों को भुगतान 48 से 72 घंटे के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मंडियों में सीसीटीवी कैमरे और आधुनिक वजन प्रणाली लागू की गई है।
डीसी साहिल गुप्ता ने अपने आदेशों में कहा है कि सरकार के निर्देशानुसार जिले में गेहूं की खरीद एक अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है, जो कि 15 मई 2026 तक न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जाएगी।
किसी भी किसान को निर्धारित एमएसपी से कम कीमत नहीं दी जाएगी। मंडियों में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। सभी मंडियों में स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था और पार्किंग जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं, जिनके लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं।
वहीं खरीद एजेंसियों को पर्याप्त मात्रा में बोरी, तिरपाल और अन्य आवश्यक सामग्री पहले से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। गुणवत्ता नियंत्रण पर विशेष निगरानी की जा रही है।
शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए मंडी और जिला स्तर पर समितियां गठित की गई हैं। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, एचएएफडी एफसीआई और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा आवंटित मंडियों में खरीद कार्य किया जा रहा है। प्रत्येक एजेंसी को मंडियों में पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती निरंतर उपस्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।