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बरसात से मकान की छत गिरी, 3 बच्चियों की मौत, माता-पिता और बेटा घायल

 

 

भिवानी। 
जिले के गांव कलिंगा में बारिश के बीच एक मकान गिर गया। देर रात घटना के बाद परिवार तड़पता रहा पड़ोसियों ने सुबह संभाला। मलबे में दबने से 3 बच्चियों की मौत हो गई जबकि माता पिता और बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए।

सूचना मिलते ही डीसी साहित गुप्ता व एसडीएम महेष कुमार मौके पर पहुंचे और परिजनों को हरसंभव सहायता का आष्वास दिया। डीसी साहिल गुप्ता ने कहा रोहतक पीजीआई के डाक्टरों से बात हो गई है। घायल हुए लोगों को किसी प्रकार की कमी ईलाज में नही रहने दी जाएगी। डीसी ने कहा कि प्रत्येक गांव में कंडम मकानों की सर्वे की जाएगी। चिन्हित मकान के सदस्यों को जिला प्रषासन की तरफ से रहने की व्यवस्था करवाई जाएगी। उनके साथ एसपी सुमित कुमार भी मौजूद रहे। 
मृतकों की पहचान कलिंगा गांव निवासी अंशिका 15साल दिशा, और भारती 7 साल के रूप में हुई है। ओमपाल 45 साल उसकी पत्नी अनिता 40साल और बेटा ध्रुव 5 साल घायल हैं। जिस समय हादसा हुआ सभी लोग सो रहे थे।
पूरी रात दर्द से तड़पता रहा परिवार
घायल ओमपाल ने बताया कि छत गिरने की घटना मंगलवार रात करीब साढ़े 9 बजे हुई। जब हम लोग दब गए तो बचाव के लिए पड़ोसियों को आवाज लगाई लेकिन किसी ने नहीं सुना। रातभर हम मलबे में ही दबे रहे। लड़कियों की दबने के बाद आवाज ही नहीं आई। सुबह जब लोगों ने मलबा पड़ा देखा तो वे मौके पर आए और हमें बाहर निकाला। बारिश के कारण मकान के पीछे पानी भर गया था।

इसलिए मकान की नींव कच्ची हो गई और गिर गया।  घटना के बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार जयबीर ने बताया कि ओमपाल अपने 4 बच्चों व पत्नी सहित गांव के बाहरी क्षेत्र में कृष्ण के मकान में 4 साल से किराए पर रह रहा था। वह मजदूरी करता है। गांव में उसका खुद का मकान भी हैए लेकिन जर्जर हालत में होने के कारण वह रहने लायक नहीं है।
तहसीलदार ने बताया प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सर्वे के बाद ओमपाल को मकान बनाने के लिए इस योजना में भी शामिल किया गया थाए लेकिन उसका मकान बनना अभी बाकी था। इसलिएए ओमपाल परिवार के साथ किराए पर रह रहा था।