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Shabdakshar National Literature Festival Bhiwani: 25 राज्यों के साहित्यकारों का महाकुंभ, हास्य और व्यंग्य से सजा मंच

भिवानी में आयोजित शब्दाक्षर राष्ट्रीय साहित्योत्सव 2026 के दूसरे दिन 25 राज्यों के साहित्यकारों ने शिरकत की। एडीसी दीपक बाबूलाल करवा ने कार्यक्रम और अपना घर आश्रम का दौरा किया।

 

हास्य, व्यंग्य, कविता और कहानी का अद्भुत संगम है शब्दाक्षर महाकुंभ: एडीसी दीपक बाबूलाल करवा

शब्दाक्षर बना राष्ट्रीय एकता का मंच, 25 राज्यों के साहित्यकारों का संगम

भिवानी में शब्दाक्षर राष्ट्रीय साहित्योत्सव दूसरे दिन भी जारी, कवियों ने बांधा समां

 एडीसी दीपक बाबूलाल करवा ने की अपना घर आश्रम का किया दौरा प्रभुजनों के लिए सुदृढ़ व्यवस्था की सराहना की

भिवानी, 26 अक्तूबर। सांस्कृतिक और साहित्यिक चेतना की संवाहक राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था शब्दाक्षर के तत्वावधान में स्थानीय दादरी गेट स्थित श्रीकृष्ण प्रणामी मंदिर में त्रिदिवसीय शब्दाक्षर हरियाणा राष्ट्रीय साहित्योत्सव 2026 का आयोजन स्वामी डा. सदानंद महाराज के सान्निध्य में भव्य आयोजन हो रहा है। सोमवार को कार्यक्रम के दूसरे दिन देश के 25 विभिन्न राज्यों से प्रतिष्ठित कवि, साहित्यकार और लेखक एक ही मंच पर एकत्र हुए। इस त्रिदिवसीय महाकुंभ में हिंदी साहित्य, काव्य पाठ, कार्यशालाओं और साहित्य शिल्प से जुड़े विभिन्न सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे नई पीढ़ी को अपनी भाषाई जड़ों से जुडऩे की प्रेरणा मिल रही है।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करने पहुंचे अतिरिक्त उपायुक्त दीपक बाबूलाल करवा ने अपने अनुभव साझा किए और कहा कि शब्दाक्षर कार्यक्रम में उन्होंने कुछ क्षण बिताए और यह काफी मनोरंजक, हास्य, व्यंग्य, कविता और कहानी देने वाला था। उन्होंने कहा कि इसमें एक तरीके से पूरा देश ही एक जगह पर समाहित हो गया, जहां सभी प्रदेशों और राज्यों से लोग आए और अपनी-अपनी भाषा में काव्य पठन किया। एडीसी ने सराहना करते हुए कहा कि यह काफी अच्छा मंच है जिसके माध्यम से सभी साहित्यकार एकत्रित होकर अपनी बात मंच से रख रहे हैं।

एडीसी ने मनोचिकित्सक डॉ. किरण के साथ प्रणामी आश्रम द्वारा संचालित अपना घर आश्रम का दौरा किया। उन्होंने वहां बेसहारा, पीडि़त और प्रभुजनों के सेवा कार्यों की प्रशंसा की। एडीसी ने अपना घर आश्रम में दी गई सुदृढ़ और अच्छी व्यवस्थाओं की सराहना की।

संस्था के प्रदेश संरक्षक डा. मुरलीधर द्विवेदी ने बताया कि शब्दाक्षर एक ऐसा राष्ट्रीय संस्थान है, जहां पूरे भारतवर्ष के लगभग 25 प्रदेशों के साहित्यकारों ने उपस्थित होकर अपनी साहित्य साधना की है और राष्ट्रीयता, राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया है। इस दौरान मध्य प्रदेश से राकेश कुमार व बृजेश त्रिवेदी, छत्तीसगढ़ से डॉ. महेंद्र ठाकुर, राजस्थान से सुरेश जांगिड़ और महाराष्ट्र से टेकचंद सिंधवी ने अपनी कविताओं और रचनाओं से समां बांधा।

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय संरक्षक एवं अंतर्राष्ट्रीय गीतकार डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि प्रताप सिंह ने भी अपने विचार रखे और स्वामी डॉ. सदानंद महाराज द्वारा समाजहित में किए जा रहे कार्यों की जमकर प्रशंसा की। वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के राष्ट्रीय साहित्योत्सव वैचारिक आदान-प्रदान और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का कार्य करते हैं। तीन दिवसीय इस आयोजन के माध्यम से देश भर की साहित्यिक प्रतिभाओं को एक सशक्त मंच मिला है, जो आने वाली पीढ़ी को साहित्य, संस्कृति और संस्कारों से जोडऩे में मील का पत्थर साबित हो रहा है।