तोशाम मे धूमधाम से मनाया गया 75 वां सोमनाथ स्वाभिमान पर्व।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सोमनाथ से और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का कुरुक्षेत्र से हूआ लाइव प्रसारण:-
May 11, 2026, 16:17 IST
तोशाम, 11 मई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाईव प्रसारण पर 75 वें सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर जानकारी देते हुए कहा कि
इससे पहले जनवरी 2025 में भी "सोमनाथ स्वाभिमान पर्व" में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि 1026 में महमूद गजनवी के पहले आक्रमण के 1000 साल पूरे हुए है । सोमनाथ मंदिर बार-बार टूटा पर हर बार बना। उन्होंने कहा कि 11 मई 1951 को राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने पुनर्निर्मित मंदिर का लोकार्पण किया था। अब उसके 75 साल पूरे हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सोमनाथ सिर्फ मंदिर नहीं, हमारी सभ्यता का अटूट संकल्प है। यहाँ की मिट्टी का हर कण शौर्य, साहस का साक्षी है। वर्ष 1026 से 2026 तक विध्वंस से सृजन की यात्राओ में विशेष रुप से सरदार पटेल, के.एम. मुंशी के प्रयासों को याद किया। वीर हमीरजी गोहिल को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने 1299 में मंदिर की रक्षा में बलिदान दिया था।
कार्यक्रम में मंदिर में दर्शन-पूजन, ओंकार मंत्र का जाप और ड्रोन शो हुआ। जबकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र से लाईव प्रसारण में लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश के गौरवशाली इतिहास से जुड़ने का कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व नई पीढ़ी को अखंड भारत बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।
तोशाम में सोमनाथ मंदिर विरासत के 1000 वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में स्थानीय श्री शिव श्याम मंदिर में उपमंडल स्तरीय सोमनाथ स्वाभिमान पर्व कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शिव मंदिर में जलाभिषेक किया गया और भारतीय संस्कृति, विरासत और आध्यात्मिक परंपराओं पर आधारित कार्यक्रम का प्रसारण किया गया। कार्यक्रम में मीना जी महाराज, मास्टर आत्माराम और चतुर्भेज व अन्य
वक्ताओ ने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की अटूट सांस्कृतिक शक्ति और स्वाभिमान का प्रतीक है। लगभग 1000 वर्ष पूर्व कई बार आक्रमणों के बाद भी ज्यो का त्यों रहा और विनाश का सामना करने के बावजूद सोमनाथ मंदिर आज भी देश की सभ्यता, साहस और आत्मगौरव की मिसाल बनकर खड़ा है।
कार्यक्रम में मीना जी महाराज मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। जबकि मास्टर आत्माराम और चतुर्भेज की गरिमामयी उपस्थिति रही ।
एसडीएम संदीप कुमार ने
बताया कि उपमंडल में यह आयोजन पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ संपन्न कराया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं सोमनाथ मंदिर पहुंच कर देशवासियों को लाइव संबोधित किया । इसका सीधा प्रसारण तोशाम में भी लाईव प्रसारण दिखाया गया। लाइव प्रसारण में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों की विशेष भागीदारी रही। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का लाईव संदेश भी अनुकरणीय रहा।
इस अवसर पर सरपंच राजेश तंवर, मार्केट कमेटी के चेयरमैन चरण देव मेहता, वाइस चेयरमैन सचिन जटासरा, पंचायत समिति के वाइस चेयरमैन सुनील भारीवास,अशवनी मास्टर, सुनील सूरा, मंदिर कमेटी प्रधान अनिल बागनवालिया, जय कुमार, अनिल कामरा, पंकज देवला, शम्मी खनेजा, नरेश चौहान, दीनानाथ मेहता, तोशाम मंडल अध्यक्ष विक्की मेहता,मंडल अध्यक्ष कुलदीप, पुजारी प्रमोद शर्मा, श्रीकांत शर्मा, कपिल अत्रि,कवश्याम दास, पुनीत शर्मा सहित अन्य अधिकारी गण उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाईव प्रसारण पर 75 वें सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर जानकारी देते हुए कहा कि
इससे पहले जनवरी 2025 में भी "सोमनाथ स्वाभिमान पर्व" में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि 1026 में महमूद गजनवी के पहले आक्रमण के 1000 साल पूरे हुए है । सोमनाथ मंदिर बार-बार टूटा पर हर बार बना। उन्होंने कहा कि 11 मई 1951 को राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने पुनर्निर्मित मंदिर का लोकार्पण किया था। अब उसके 75 साल पूरे हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सोमनाथ सिर्फ मंदिर नहीं, हमारी सभ्यता का अटूट संकल्प है। यहाँ की मिट्टी का हर कण शौर्य, साहस का साक्षी है। वर्ष 1026 से 2026 तक विध्वंस से सृजन की यात्राओ में विशेष रुप से सरदार पटेल, के.एम. मुंशी के प्रयासों को याद किया। वीर हमीरजी गोहिल को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने 1299 में मंदिर की रक्षा में बलिदान दिया था।
कार्यक्रम में मंदिर में दर्शन-पूजन, ओंकार मंत्र का जाप और ड्रोन शो हुआ। जबकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र से लाईव प्रसारण में लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश के गौरवशाली इतिहास से जुड़ने का कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व नई पीढ़ी को अखंड भारत बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।
तोशाम में सोमनाथ मंदिर विरासत के 1000 वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में स्थानीय श्री शिव श्याम मंदिर में उपमंडल स्तरीय सोमनाथ स्वाभिमान पर्व कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शिव मंदिर में जलाभिषेक किया गया और भारतीय संस्कृति, विरासत और आध्यात्मिक परंपराओं पर आधारित कार्यक्रम का प्रसारण किया गया। कार्यक्रम में मीना जी महाराज, मास्टर आत्माराम और चतुर्भेज व अन्य
वक्ताओ ने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की अटूट सांस्कृतिक शक्ति और स्वाभिमान का प्रतीक है। लगभग 1000 वर्ष पूर्व कई बार आक्रमणों के बाद भी ज्यो का त्यों रहा और विनाश का सामना करने के बावजूद सोमनाथ मंदिर आज भी देश की सभ्यता, साहस और आत्मगौरव की मिसाल बनकर खड़ा है।
कार्यक्रम में मीना जी महाराज मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। जबकि मास्टर आत्माराम और चतुर्भेज की गरिमामयी उपस्थिति रही ।
एसडीएम संदीप कुमार ने
बताया कि उपमंडल में यह आयोजन पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ संपन्न कराया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं सोमनाथ मंदिर पहुंच कर देशवासियों को लाइव संबोधित किया । इसका सीधा प्रसारण तोशाम में भी लाईव प्रसारण दिखाया गया। लाइव प्रसारण में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों की विशेष भागीदारी रही। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का लाईव संदेश भी अनुकरणीय रहा।
इस अवसर पर सरपंच राजेश तंवर, मार्केट कमेटी के चेयरमैन चरण देव मेहता, वाइस चेयरमैन सचिन जटासरा, पंचायत समिति के वाइस चेयरमैन सुनील भारीवास,अशवनी मास्टर, सुनील सूरा, मंदिर कमेटी प्रधान अनिल बागनवालिया, जय कुमार, अनिल कामरा, पंकज देवला, शम्मी खनेजा, नरेश चौहान, दीनानाथ मेहता, तोशाम मंडल अध्यक्ष विक्की मेहता,मंडल अध्यक्ष कुलदीप, पुजारी प्रमोद शर्मा, श्रीकांत शर्मा, कपिल अत्रि,कवश्याम दास, पुनीत शर्मा सहित अन्य अधिकारी गण उपस्थित रहे।