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छात्र ने रची अपने अपहरण की साजिश 

 

करनाल में 16 साल के छात्र ने अपने ही अपहरण का प्लान रच डाला। इतना ही नहीं, छात्र ने फेक कॉल कर आवाज बदलकर अपने परिवार वालों को कॉल की फिरौती भी मांग ली।

लड़के ने परिवार वालों को कहा कि उनकी बच्चा मेरे कब्जे में है, वो 2 लाख रुपए का इंतजाम कर लें, नहीं तो बेटे से हाथ धो बैठोगे।

इतना सुनने के बाद परिवार वाले दहशत में आ गए। आनन-फानन में वे थाने में पहुंचे। जहां उन्होंने पूरी बात बताई। परिवार वालों की सुनने के बाद पुलिस भी अलर्ट मोड़ में आ गई। उन्होंने आनन-फानन में त्वरित कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने उस नंबर को ट्रेस कर कॉल की, जिससे नंबर से कॉल आई थी।

वो नंबर एक महिला का निकला। पुलिस ने महिला से संपर्क किया तो पूरी बात खुल गई। इसके बाद पुलिस ने ट्रैप लगाकर बच्चे को बरामद कर लिया। बच्चे ने पुलिस पूछताछ में एक के बाद एक सभी पहलुओं से पर्दा उठाया और मामले की सच्चाई बताई।

मामला गांव घीड़ का है। जानकारी देते हुए छात्र के ताऊ सोमनाथ ने बताया कि बच्चा बुधवार दोपहर 2 बजे से घर नहीं लौटा था। परिजनों ने कई जगह तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद गांव के मंदिर में लाउडस्पीकर से घोषणा करवाई गई कि बच्चा जहां भी हो तुरंत घर आ जाए, क्योंकि पूरा परिवार परेशान है।

 यह घोषणा हुई ही थी कि शाम करीब 6 बजे एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉलर ने कहा कि लड़का उनके पास है, 2 लाख रुपए तैयार रखना। कॉल के बाद फोन काट दिया गया। इसके बाद परिवार में दहशत फैल गई और सभी ने मान लिया कि बच्चे का सच में अपहरण हो गया है।

सोमनाथ ने बताया कि बच्चा घीड़ के सरकारी स्कूल में पढ़ता है, लेकिन करीब 15 दिनों से स्कूल नहीं जा रहा था। बुधवार सुबह 11 बजे स्कूल की मैडम ने बच्चों को परिजनों के घर भेजा और बच्चे को बुलाने को कहा। उसी समय पता चला कि वह 15 दिन से स्कूल नहीं जा रहा था।

 जबकि वह रोज घर से स्कूल के लिए तैयार होकर निकलता था और दोपहर का खाना खाकर फिर शाम को घर लौट आता था। परिजनों के मुताबिक, बाद में पता चला कि बच्चा इन दिनों कहीं क्रिकेट खेलने जाता था और स्कूल नहीं पहुंचता था।

 बुधवार को भी वह घर से तो निकला लेकिन वापस नहीं आया। परिवार ने सोचा कि वह कहीं छिपकर बैठ गया होगा, लेकिन शाम तक जब वह घर नहीं लौटा तो सब चिंतित हो गए। इसके बाद फिरौती की कॉल ने सभी को पूरी तरह डरा दिया।