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सैनिक से संत बने स्वामी डा. सदानंद जी महाराज हिंदु रत्न से सम्मानित

 

भिवानी :

डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय विचार मंच नई दिल्ली द्वारा आयोजित 12वें राष्ट्रीय अधिवेशन में समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले संत स्वामी डा. सदानंद महाराज को प्रतिष्ठित हिंदु रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

यह अधिवेशन दिल्ली के भारत मंडपम ऑडिटोरियम-1 में आयोजित हुआ, जिसमें देश के सभी राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस सम्मान के साथ स्वामी डा. सदानंद जी महाराज हिंदु रत्न पुरस्कार से सम्मानित होने वाले पहले प्रणामी संत बन गए हैं, जो पूरे क्षेत्र और प्रणामी समाज के लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय है।

श्रीकृष्ण प्रणामी विश्व परिषद के राष्ट्रीय सचिव एवं प्रवक्ता डा. मुरलीधर शास्त्री ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि स्वामी डा. सदानंद महाराज का जीवन बेहद प्रेरणादायक रहा है। वे पहले सैनिक थे और बाद में उन्होंने संत का मार्ग अपनाया। डा. शास्त्री ने आगे बताया कि स्वामी डा. सदानंद महाराज पिछले कई वर्षों से समाजसेवा के क्षेत्र में अपनी सराहनीय भूमिका निभाते आ रहे हैं।

उनका निस्वार्थ सेवाभाव अन्य लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत है। डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय विचार मंच नई दिल्ली ने समाजसेवा के प्रति उनके इसी गहन समर्पण और उत्कृष्ट कार्य से प्रभावित होकर उन्हें यह सर्वोच्च सम्मान प्रदान किया। स्वामी डा. सदानंद जी महाराज को यह सम्मान मिलने से उनके अनुयायियों और क्षेत्र के लोगों में खुशी और गर्व का भाव है। उनका मानना है कि यह सम्मान न केवल महाराज जी के कार्यों को मान्यता देता है, बल्कि समाजसेवा के प्रति समर्पण को भी प्रोत्साहित करता है। यह राष्ट्रीय अधिवेशन और स्वामी डा. सदानंद जी महाराज का सम्मान, देश भर से आए प्रतिनिधियों के लिए एक महत्वपूर्ण घटना रही, जिसने सामाजिक सेवा के महत्व को रेखांकित किया।