{"vars":{"id": "123258:4912"}}

अध्यापिका मनीषा की हत्या के विरोध में व्यापारी उतरे सडक़ों पर, निकाला रोष मार्च 

 

भिवानी :

गांव सिंघानी में हुई अध्यापिका मनीषा की निर्मम हत्या के विरोध में सोमवार को स्थानीय हांसी गेट बाजार के व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखकर शहर में रोष मार्च निकाला।

व्यापारियों ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अपनी ही बेटियों को सुरक्षा देने में नाकाम साबित हुई है।

इस मौके पर हांसी चौक व्यापारी संगठन के प्रधान प्रेम धमीजा ने इस घटना पर दुख और गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि मनीषा के साथ हुई क्रूरता ने उन्हें अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित कर दिया है।

उन्होंने कहा कि जब एक शिक्षिका अपने ही घर के पास सुरक्षित नहीं है, तो हम आम लोग अपनी बेटियों को घर से बाहर कैसे भेजेंगे? उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरे समाज को हिला कर रख दिया है और जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पुलिस प्रशासन जल्द से जल्द मनीषा के हत्यारों को गिरफ्तार कर उन्हें न्याय नहीं दिलाता है, तो वे पूरे भिवानी शहर को बंद करके अपना विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मनीषा की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह हर उस बेटी की लड़ाई है जो सुरक्षित रहना चाहती है। उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरे भिवानी में शोक और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है।

इस अवसर पर हांसी चौक व्यापारी संगठन की कार्यकारिणी के सदस्य विजय गर्ग, दीपक जांगड़ा, दीपक बंसल, मनीष बंसल, अंकित महता, अशोक तायल, सुरेश सैन, सहित व्यापारी संदीप गौड, सन्नी, शुभम मित्तल, मनोज, संजय,, महेंद्र, मनीष तिगड़ाना, अभिषक, गौरव, भारत, संदीप चहल, मोहित परमार, गोरी शंकर, अमर बलेचा, हिमांशु तनेजा, अनिल भारद्वाज, बिशन सिंह, राहुल गौड, पंकज कसेरा, दीपक तोला सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।