जान से मारने की धमकी देकर रुपए छिनने के मामले में दो आरोपियों को 10-10 वर्ष कारावास व जुर्माना
गाड़ी चालक से मारपीट कर जान से मारने की धमकी देकर रुपए छिनने के मामले में दो आरोपियों को 10-10 वर्ष कारावास व 36,500-36,500 हजार रुपए का लगाया जुर्माना।
जिला सत्र न्यायाधीश डी आर चालिया के न्यायालय द्वारा आरोपियों को सजा सुनाई गई।
सज्जन निवासी जूई खुर्द ने थाना जूई कला पुलिस को एक शिकायत दर्ज करवाई थी जिसमें शिकायतकर्ता ने पुलिस को बतलाया कि दिनांक 20.11.2020 को अपनी गाड़ी में हिसार से वापस जूई खुर्द के लिए आ रहा था जो जुई खुर्द में मंदिर के पास पहुंचने पर एक बोलेरो गाड़ी में सवार दो लड़कों ने अपनी बोलोरो गाड़ी को शिकायतकर्ता की गाड़ी के आगे लगा दिया और शिकायतकर्ता के साथ मारपीट करके शिकायतकर्ता की जेब से ₹ 60,000/- छीन कर ले गए थे। जो इस शिकायत पर पुलिस ने अभियोग संख्या 275 दिनांक 21.11.2020 धारा 379बी,325,341,34,506 भारतीय दंड संहिता के तहत थाना जुई खुर्द में दर्ज किया था।
अभियोग में प्रभावी कार्यवाही करते हुए थाना जुई खुर्द के द्वारा आरोपीयों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के सम्मुख पेश किया गया था। माननीय न्यायालय के द्वारा अभियोग के ट्रायल के दौरान आरोपीयों को दोषी पाते हुए प्रत्येक आरोपी को 10-10 वर्ष की कैद व जुर्माना लगाया है।
माननीय न्यायालय के द्वारा आरोपी सोमबीर पुत्र होशियार सिंह निवासी जूई बिचली जिला भिवानी व सतेंद्र पुत्र करण सिंह निवासी जूई बिचली जिला भिवानी को निम्नलिखित धाराओं में सजा व जुर्माना लगाया है।
माननीय न्यायालय के द्वारा उपरोक्त दोनों आरोपियों को धारा 379 बी 34 भारतीय दंड संहिता के तहत 10 वर्ष कैद व ₹ 25,000/- का जुर्माना लगाया है, धारा 341, 34 भारतीय दंड संहिता के तहत एक महीने की सजा व ₹ 500/- जुर्माना लगाया है, धारा 506 भारतीय दंड संहिता के तहत 03 वर्ष कैद व ₹ 5,000/- का जुर्माना लगाया है, धारा 323, 34 भारतीय दंड संहिता के तहत 1 वर्ष कैद व ₹ 1,000/- का जुर्माना लगाया है, धारा 325, 34 भारतीय दंड संहिता के तहत 03 वर्ष कैद व ₹ 5,000/- का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न भरने पर आरोपियों को अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी।
पुलिस अधीक्षक भिवानी सुमित कुमार ने जिले के सभी क्राइम यूनिट प्रभारी, प्रबंधक थाना व चोकी इंचार्ज को सख्त निर्देश दिए हैं कि जिले में संगीन अपराध करने वाले आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर न्यायालय में ट्रायल के दौरान आरोपियों के विरुद्ध प्रभावी पैरवी करते हुए आरोपी को सजा दिलाने व पीड़ित को न्याय दिलाने का काम करें ।