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NPCI Decision on UPI MDR: एनपीसीआई ने दी राहत, अब दिवाली के बाद तय होगी यूपीआई मर्चेंट डिस्काउंट रेट की नई तारीख

एनपीसीआई ने भारत में यूपीआई ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने का फैसला दिवाली 2026 तक टाल दिया है। इससे फिनटेक शेयरों में तेजी आई है।

 

भारत में डिजिटल पेमेंट करने वाले करोड़ों उपयोगकर्ताओं और कारोबारियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने के अपने फैसले को फिलहाल दिवाली 2026 तक के लिए टाल दिया है। एनपीसीआई की यूपीआई और सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी ने त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए यह अहम निर्णय लिया है। यह प्रस्तावित नियम आगामी 15 अक्टूबर से लागू होना था, लेकिन अब इसके लिए नई तारीख की घोषणा दिवाली के तुरंत बाद की जाएगी।

📈 फिनटेक शेयरों में जोरदार रिकवरी: पेटीएम, पाइन लैब्स और मोबिक्विक के बढ़े दाम

MDR लागू होने का फैसला टलने की खबर आते ही शेयर बाजार में हलचल मच गई और Paytm (One97 Communications), Pine Labs, Zaggle Prepaid, One MobiKwik Systems और Moneyview जैसी प्रमुख फिनटेक कंपनियों के शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली। पिछले दिनों MDR लगने की आशंका के चलते इन शेयरों में भारी बिकवाली और गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन इस नए फैसले से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और त्योहारी सीजन में कंपनियों को अतिरिक्त राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

🔍 क्या होता है UPI MDR चार्ज और क्या हैं इसके नियम?

MDR (Merchant Discount Rate) वह शुल्क है जो डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने वाले व्यापारियों के लेनदेन पर लगाया जा सकता है। नए प्रस्तावित ढांचे के तहत 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.40 प्रतिशत तक MDR लगाने का प्रावधान है, जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये तय की गई है। हालांकि, आम जनता के लिए पर्सन-टू-पर्सन (P2P) ट्रांसफर और 2,000 रुपये तक के सभी मर्चेंट पेमेंट पूरी तरह फ्री रहेंगे। इस फैसले के टलने से फिलहाल कारोबारियों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के डिजिटल लेनदेन करने का मौका मिलता रहेगा।