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भिवानी में लेडी टीचर का शव लेने से इनकार 

 

भिवानी में लेडी टीचर मनीषा के मर्डर केस में अभी पुलिस हत्यारों तक नहीं पहुंची। इसके विरोध में मनीषा के मामा कुलदीप और पिता संजय समेत बड़ी संख्या में परिजन सिविल अस्पताल में जमा हैं।

उन्होंने पोस्टमॉर्टम के बाद मनीषा का शव लेने से इनकार कर दिया। वे हत्यारों की गिरफ्तारी पर अडे़ हुए हैं और रोड जाम कर सकते हैं। उन्हें रोकने के लिए सिटी और लोहारू थाने की पुलिस मौके पर तैनात है। सिटी थाना SHO सत्यनारायण उन्हें समझाने में लगे हैं।

मौके पर भिवानी-महेंद्रगढ़ के भाजपा सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह पहुंचे। उन्होंने लोगों की बात सुनी और उन्हें समझाया।

पुलिस की जांच में अब तक 2 बातें सामने आई हैं। पहली, टीचर को पहले अगवा कर कहीं रखा गया। और दूसरी, हत्या कर शव को गांव सिंघानी के खेतों में नहर के पास फेंका गया। उसका मोबाइल फोन अभी बरामद नहीं हुआ है। मनीषा ने आखिरी कॉल 11 अगस्त को अपने पिता को की थी, जिसमें कहा था- मैं लेट हो जाऊंगी।

पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए 6 टीमों का गठन किया है। लोहारू थाने के SHO अशोक के मुताबिक, घटनास्थल का मुआयना और पूछताछ में सामने आया है कि मनीषा को आखिरी बार खरकड़ी रोड की तरफ जाते हुए देखा गया था, जो उसके प्ले स्कूल व नर्सिंग कॉलेज का ही रास्ता है।

अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि मनीषा नर्सिंग कॉलेज पहुंची थी या नहीं। पुलिस CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।