रैडक्रॉस भवन में मनाया विश्व प्राथमिक सहायता दिवस
भिवानी :
उपायुक्त एवं अध्यक्ष साहिल गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन में स्थानीय रेडक्रॉस भवन में विश्व प्राथमिक सहायता दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया।
इस साल का विषय फस्र्ट एड एंड क्लाइमेट चेंज था, जिसका मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न होने वाली आपदाओं, जैसे बाढ़, लू और जंगल की आग, के दौरान प्राथमिक चिकित्सा की तैयारियों पर जोर देना था।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया और पर्यावरण को स्वच्छ बनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रेडक्रॉस के सचिव प्रदीप कुमार ने की, जिन्होंने प्राथमिक चिकित्सा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा प्राथमिक चिकित्सा सिर्फ एक कौशल नहीं, बल्कि एक जीवन रक्षक आदत है।
यह हमें आपात स्थिति में सही समय पर सही कदम उठाने में मदद करती है, खासकर तब जब जलवायु परिवर्तन से जुड़ी आपदाएं बढ़ रही हैं।
सचिव प्रदीप कुमर ने कहा कि इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेडक्रॉस एंड रेड क्रिसेंट सोसाइटीज (आईएफआरसी) द्वारा वर्ष 2000 में शुरू किया गया यह दिवस हर साल सितंबर के दूसरे शनिवार को मनाया जाता है। इसका मकसद लोगों में प्राथमिक चिकित्सा के महत्व और उसके जीवन-रक्षक कौशल के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि जिला शाखा द्वारा विभिन्न शिक्षण संस्थानों में चित्रकला प्रतियोगिताए एवं फर्स्ट एड जागरूकता टीम भी खंड स्तर पर भी आयोजित किए गए। यह दिन न केवल प्राथमिक चिकित्सा के महत्व को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे युवा पीढ़ी भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है।
कार्यक्रम में जिला प्रशिक्षण अधिकारी विकास कुमार, फर्स्ट एड प्रवक्ता संजय कुमार व सीमा रानी ने युवाओं को प्राथमिक सहायता प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान बताया कि कैसे मामूली चोट से लेकर गंभीर आपदाओं तक में फर्स्ट एड महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस अवसर पर युवाओं संकल्प लिया कि वे न केवल खुद प्राथमिक चिकित्सा के प्रति जागरूक रहेंगे, बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
कार्यक्रम के अंत में, सभी प्रतिभागियों ने मिलकर पर्यावरण को स्वच्छ रखने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए काम करने का प्रण लिया। इस दौरान पौधारोपण भी किया गया।