Yamunanagar Heavy Rain: यमुनानगर में 3 से 4 फीट जलभराव, घरों में घुसा पानी; लोगों का फूटा गुस्सा
यमुनानगर में हुई मूसलाधार बारिश से सड़कें तालाब बन गईं और घरों में 3-4 फीट पानी भर गया। नगर निगम के सफाई के दावों पर स्थानीय लोगों ने उठाए गंभीर सवाल।
यमुनानगर : यमुनानगर में हुई मूसलाधार बारिश ने नगर निगम के दावों और तैयारियों की ऐसी पोल खोलकर रख दी कि पूरा शहर जलमग्न हो गया। बारिश के कारण शहर की सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं और कई कॉलोनियों व पॉश इलाकों में 3 से 4 फीट तक पानी भर गया। करोड़ों रुपये खर्च कर नालों की सफाई कराने का दावा करने वाले नगर निगम की व्यवस्था बारिश होते ही पूरी तरह ध्वस्त नजर आई।
बारिश के बाद स्थिति इतनी भयावह हो गई कि सड़क और तालाब में अंतर करना मुश्किल हो गया। कई इलाकों में जलभराव इतना भीषण था कि पानी सीधे लोगों के बेडरूम और ड्राइंग रूम तक पहुँच गया।घरों के अंदर रखा कीमती घरेलू सामान पानी में तैरता नजर आया।लोगों को अपने ही घरों से पानी निकालने और सामान बचाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।सड़कों पर खड़े कई वाहन पानी में बंद हो गए, जबकि कुछ गाड़ियां पानी के तेज बहाव में तैरती हुई दिखीं।
स्थानीय लोगों का आरोप: 'कागजों में हुई नालों की सफाई'
स्थानीय निवासियों में नगर निगम के खिलाफ भारी रोष देखने को मिल रहा है। कॉलोनीवासी बलविंदर सिंह का कहना है कि नगर निगम द्वारा बारिश से पहले नालों की सफाई के जो बड़े-बड़े दावे किए गए थे, वे सिर्फ कागजों और बयानों तक सीमित रहे। यदि धरातल पर करोड़ों रुपये खर्च कर नालों की सफाई की गई होती, तो आज शहर का यह हाल न होता।
बारिश के बाद जागी निगम की टीम, जनता ने उठाए सवाल
जलभराव से हाहाकार मचने के बाद नगर निगम की टीमें हरकत में आईं और पंपों व सफाईकर्मियों के जरिए पानी निकासी के काम में जुटी हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल 'खानापूर्ति' है।
ठंडे बस्ते में जाएगा मामला या तय होगी जवाबदेही?
सड़कों पर भरा पानी और जलमग्न हुए घर नगर निगम के करोड़ों रुपये के सफाई अभियान पर बड़े सवाल खड़े कर रहे हैं। फिलहाल परेशान जनता नगर निगम प्रशासन से जवाब मांग रही है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या जिला प्रशासन व निगम के उच्च अधिकारी इस लापरवाही पर किसी की जिम्मेदारी तय करते हैं या फिर हर बार की तरह पानी सूखने के साथ यह मुद्दा भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।