Electric Car Solar Charging: क्या धूप से चार्ज हो सकती है इलेक्ट्रिक कार? जानिए क्या है सोलर पैनल लगाने की सच्चाई

क्या इलेक्ट्रिक कारों को सिर्फ सोलर पैनल से चलाया जा सकता है? जानिए कार की छत पर सोलर पैनल लगाने से कितनी बिजली बनती है और क्या है इसकी सच्चाई।

 
solar electric car prototype

भारत समेत पूरी दुनिया में इलेक्ट्रिक कारों (EV) की मांग तेजी से बढ़ रही है। इन गाड़ियों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें चलाने की लागत पारंपरिक पेट्रोल-डीजल गाड़ियों के मुकाबले काफी कम होती है। हालांकि, इन्हें घर में बिजली से चार्ज करने पर बिजली का खर्च बढ़ जाता है। ऐसे में स्वाभाविक रूप से लोगों के मन में यह सवाल आता है कि क्या इन इलेक्ट्रिक कारों को सीधे सोलर एनर्जी (सौर ऊर्जा) से नहीं चलाया जा सकता? बिजली के बढ़ते बिलों को देखते हुए कार की छत पर सोलर पैनल लगाना एक आकर्षक विकल्प लग सकता है, लेकिन हकीकत यह है कि फिलहाल केवल छत पर लगे सोलर पैनल के बूते इलेक्ट्रिक कार चलाना आसान नहीं है। इसकी सबसे बड़ी वजह कार की छत का छोटा आकार और उससे बनने वाली सीमित बिजली है।

🔋 कार की छत से कितनी बिजली बनाई जा सकती है? जानिए तकनीकी सीमाएं

इलेक्ट्रिक कार की छत पर सोलर पैनल लगाने में सबसे बड़ी चुनौती जगह की कमी है। आम तौर पर किसी कार की छत का कुल क्षेत्रफल 10 से 25 वर्ग फुट होता है। इतनी कम जगह पर लगे सोलर पैनल से बहुत भारी मात्रा में बिजली पैदा नहीं की जा सकती। दोपहर के समय जब धूप सबसे तेज होती है, तब एक वर्ग फुट जगह पर करीब 92 वॉट सौर ऊर्जा मिल सकती है। हालांकि, सोलर पैनल सूरज की पूरी ऊर्जा को बिजली में नहीं बदल पाते और वर्तमान तकनीक में इनकी कार्यक्षमता (Efficiency) करीब 20 से 25 प्रतिशत ही होती है। इस तरह कार की छत से केवल कुछ सौ वॉट बिजली ही मिल पाती है, जिससे बैटरी धीरे-धीरे चार्ज तो हो सकती है, लेकिन रोजाना लंबी ड्राइव के लिए पर्याप्त बिजली मिलना बेहद मुश्किल है।

🚗 भविष्य की उम्मीद: सोलर इलेक्ट्रिक कारों के प्रोटोटाइप और सोलर ग्लास तकनीक

इस दिशा में दुनिया भर में नए प्रयोग जारी हैं। अमेरिका की क्लेमसन यूनिवर्सिटी के ऑटोमोटिव रिसर्च सेंटर के छात्रों ने बीएमडब्ल्यू की एक सोलर इलेक्ट्रिक कार का प्रोटोटाइप तैयार किया है, जो एक दिन में करीब 5.7 kWh बिजली पैदा कर सकती है। इतनी ऊर्जा से कार लगभग 19 किलोमीटर (12 मील) की दूरी तय कर सकती है। इसके अलावा, फुयाओ ग्रुप जैसी कंपनियां 'सोलर सनरूफ' विकसित कर रही हैं, जिसमें कांच के अंदर ही सोलर सेल फिट किए जाते हैं। इस तकनीक से करीब 720 वॉट तक बिजली मिल सकती है, जिससे कार के अंदरूनी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को ऊर्जा मिलती है और मुख्य बैटरी पर पड़ने वाला भार कुछ हद तक कम हो जाता है।