Chery Exeed ET8 REEV India Patent: भारत में एंट्री करने जा रही है 1300 किमी रेंज वाली दमदार कार, रेंज की टेंशन होगी बिल्कुल खत्म

चीन की कार निर्माता कंपनी चेरी ने भारत में अपनी नई Exeed ET8 REEV कार का पेटेंट कराया है। मिलेगी 1300 किमी की दमदार रेंज।
 
range extender electric vehicle India

भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में इन दिनों इलेक्ट्रिक कारों की डिमांड तेजी से बढ़ रही है, लेकिन ग्राहकों के मन में बैटरी रेंज को लेकर हमेशा एक बड़ा डर बना रहता है. इस समस्या का समाधान करने के लिए चीन की मशहूर कार निर्माता कंपनी चेरी (Chery) भारत में एक नई तकनीक के साथ उतरने की तैयारी कर रही है. कंपनी ने अपने प्रीमियम ब्रांड एक्सीड (Exeed) के तहत आने वाली नई कार ET8 REEV का भारत में पेटेंट फाइल कर दिया है. 'कारवाले' की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कंपनी का भारत में दूसरा रेंज एक्सटेंडर इलेक्ट्रिक व्हीकल (REEV) पेटेंट है, जिससे साफ है कि कंपनी भारतीय बाजार को लेकर बेहद गंभीर है.

⛽ 2. बैटरी और पेट्रोल का शानदार कॉम्बिनेशन: सिर्फ एक बार फुल टैंक और चार्ज करने पर तय करेगी 1300 किलोमीटर से ज्यादा का सफर

इस नई कार की सबसे बड़ी यूएसपी इसकी जबरदस्त ड्राइविंग रेंज है, जिससे ग्राहकों को बार-बार चार्जिंग स्टेशन तलाशने की जरूरत नहीं पड़ेगी. रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कार सिर्फ बैटरी के दम पर लगभग 200 किमी तक चल सकती है, लेकिन जब इसका फ्यूल टैंक और बैटरी दोनों फुल हों, तो इसकी कंबाइंड रेंज 1300 किलोमीटर के पार पहुंच जाती है. इस तकनीक में 1.5-लीटर का टर्बो-पेट्रोल इंजन सीधे पहियों को नहीं घुमाता, बल्कि एक जेनरेटर की तरह काम करते हुए बैटरी को चार्ज करता है, जबकि कार के पहिये पूरी तरह इलेक्ट्रिक मोटर से चलते हैं.

🌟 3. प्रीमियम लुक और मस्कुलर डिजाइन से लैस है यह एसयूवी, जेएसडब्ल्यू के साथ पार्टनरशिप की चर्चाएं तेज

लुक और डिजाइन के मामले में भी यह कार बेहद शानदार है. एक्सीड ET8 को एक बॉक्सी और मस्कुलर डिजाइन दिया गया है, जो सड़क पर उतरने पर बेहद धांसू लुक देता है. इसका डिजाइन काफी हद तक कंपनी की फुल-इलेक्ट्रिक कार ET9 जैसा ही है. हालांकि पेटेंट फाइल होने का मतलब यह नहीं है कि कार तुरंत लॉन्च होने जा रही है, लेकिन माना जा रहा है कि जेएसडब्ल्यू (JSW) मोटर्स के साथ पार्टनरशिप के जरिए चेरी भारत में अपनी शानदार गाड़ियों को उतार सकती है. आने वाले समय में यह कार भारतीय सड़कों पर एक बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकती है.