Maruti Jimny EV: 5-डोर इलेक्ट्रिक जिम्नी की टेस्टिंग शुरू; जानें फीचर्स और रेंज
Maruti Jimny EV का 5-डोर प्रोटोटाइप टेस्टिंग के दौरान देखा गया। बंद ग्रिल, LED लाइट्स और 400km तक की रेंज के साथ यह इलेक्ट्रिक SUV ऑफ-रोडिंग का नया अनुभव देगी।
भारत में मारुति सुजुकी जिम्नी की लॉन्चिंग के बाद से ही इसके इलेक्ट्रिक वर्जन को लेकर चर्चाएं हो रही हैं. अब इन चर्चाओं को और बल तब मिला, जब हाल ही में Jimny EV का एक 5-डोर प्रोटोटाइप टेस्टिंग के दौरान देखा गया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टेस्टिंग मॉडल पूरी तरह से कवर था, लेकिन फिर भी इसके डिजाइन और फीचर्स से जुड़ी कई अहम जानकारियों को अंदाजा मिल गया है.
रिपोर्ट के मुताबिक, टेस्टिंग के दौरान दिखे इलेक्ट्रिक जिम्नी के फ्रंट में बंद ग्रिल देखने को मिली, जो आमतौर पर इलेक्ट्रिक गाड़ियों में होती है क्योंकि इनमें पेट्रो-डीजल कार की तरह रेडिएटर की जरूरत नहीं होती. इसके अलावा नई LED लाइट्स और DRLs को हेडलैंप के ऊपर स्टाइलिश तरीके से लगाया गया है. फ्रंट बंपर में फॉग लैंप भी अच्छे से फिट किए गए हैं. हालांकि, इसके डिजाइन में जिम्नी की पहचान यानी बॉक्सी लुक को बरकरार रखा गया है और पीछे की तरफ स्पेयर व्हील भी दिया गया है. 5-डोर डिजाइन इसे पहले से ज्यादा प्रैक्टिकल बनाता है.
क्या भारत में आएगी जिम्नी ईवी?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह इलेक्ट्रिक जिम्नी भारत में लॉन्च होगी? फिलहाल कंपनी ने इस पर कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसे इस दशक के आखिर तक भारतीय बाजार में लाया जा सकता है. अगर ऐसा होता है तो यह इलेक्ट्रिक SUV सेगमेंट में एक नया और दमदार विकल्प बन सकती है, जिसकी रेंज करीब 300 से 400 किलोमीटर तक हो सकती है.
क्या होगी खासियत?
अगर इसके फायदे की बात करें, तो इलेक्ट्रिक मोटर से मिलने वाला इंस्टेंट टॉर्क ऑफ-रोडिंग के लिए काफी उपयोगी होता है. इससे कठिन रास्तों पर बेहतर कंट्रोल मिलता है. इसके अलावा ड्यूल-मोटर AWD (ऑल-व्हील ड्राइव) सेटअप की संभावना भी है, जिससे चारों पहियों को पावर मिलेगी और गाड़ी और ज्यादा ताकतवर बन सकती है. कम स्पीड पर बेहतर कंट्रोल और बेहतरीन एक्सेलेरेशन इसे खतरनाक रास्तों पर भी चलने के काबिल बना सकता है.
जिन्मी ईवी के लिए चुनौतियां?
दूसरी ओर जिम्नी के साथ कुछ चुनौतियां भी हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि जिम्नी भारत में पहले से ही बहुत ज्यादा बिक्री करने वाली कार नहीं रही है. ऐसे में इसका इलेक्ट्रिक वर्जन और महंगा हो सकता है, जिससे इसकी डिमांड और कम हो सकती है. इसके अलावा जिम्नी की पहचान हल्की, सिंपल और मैकेनिकल SUV के रूप में रही है, जबकि बैटरी लगने से इसका वजन बढ़ जाएगा, जो ऑफ-रोडिंग पर असर डाल सकता है.
ये भी है चिंता की बात
एक और बड़ी चिंता है रेंज और चार्जिंग की सुविधा. भारत में अभी हर जगह EV चार्जिंग नेटवर्क मजबूत नहीं है, खासकर उन इलाकों में जहां ऑफ-रोडिंग की जाती है. ऐसे में अगर बैटरी खत्म हो जाए, तो EV में तुरंत कोई बैकअप ऑप्शन नहीं होता, जैसा पेट्रोल-डीजल गाड़ियों में होता है. कुल मिलाकर जिम्नी EV एक रोमांचक कॉन्सेप्ट है, जो ऑफ-रोडिंग और इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजी का नया मेल पेश कर सकता है, लेकिन अगर यह लॉन्च होती है तो इसकी सफलता काफी हद तक कीमत, रेंज और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर करेगी.

