यमुनानगर शराब कांड: पूर्व जेल अधीक्षक सोमनाथ जगत का सरेंडर, 50 हजार का था इनाम!
जहरीली शराब कांड में फरार कुरुक्षेत्र जेल के पूर्व अधीक्षक सोमनाथ जगत ने कोर्ट में किया सरेंडर। 22 मौतों के मामले और गैंगस्टरों को सुविधा देने के हैं गंभीर आरोप।
कैथल : यमुनानगर जहरीली शराब कांड और जेल से संचालित अवैध नेटवर्क मामले में फरार चल रहे कुरुक्षेत्र जेल के पूर्व अधीक्षक सोमनाथ जगत ने मंगलवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। कुरुक्षेत्र पुलिस अब उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ करेगी।
आरोपी सोमनाथ जगत गुहला के पूर्व विधायक और संसदीय सचिव रह चुके दिल्लू राम बाजीगर के पुत्र हैं। दिल्लू राम गुहला हलके से तीन बार विधायक रह चुके हैं और 9 चुनावों में भाग ले चुके हैं। सोमनाथ भी नौकरी से पहले पिता के साथ राजनीति में सक्रिय थे। फरारी के दौरान स्टेट क्राइम ब्रांच टीम ने कई बार गांव पोलड़ स्थित उसके घर पर दबिश दी थी। मई 2025 में डीएसपी सुरेंद्र के नेतृत्व में टीम सीवन पुलिस के करीब दो दर्जन पुलिसकर्मियों के साथ तलाशी लेने उनके घर भी गई थी, लेकिन आरोपी हाथ नहीं लगा। सीवन थाना के प्रभारी पारस ने बताया कि “स्टेट क्राइम ब्रांच की टीम एक केस में फरार चल रहे आरोपी सोमनाथ जगत की पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है।
जेल से चलता था नेटवर्क, 22 मौतों का मामला
जांच में सामने आया कि सोमनाथ जगत ने जेल अधीक्षक रहते हुए नियमों की अनदेखी की और गैंगस्टरों को मोबाइल सहित कई सुविधाएं उपलब्ध करवाईं। जेल में बंद शमशेर सिंह उर्फ मोनू राणा और उसका साथी अंकित उर्फ मोगली वहीं से जहरीली शराब का नेटवर्क चला रहे थे। नवंबर 2023 में यमुनानगर और अंबाला में इस जहरीली शराब से 22 लोगों की मौत हो गई थी।
हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत
राज्य अपराध अनुसंधान शाखा ने उसे 3 सितंबर 2024 को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वह छुट्टी लेकर फरार हो गया। बाद में उसे भगोड़ा घोषित कर इनाम रखा गया। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि पहले भी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है और सुप्रीम कोर्ट ने भी उस फैसले को बरकरार रखा है।

