Haryana Crime News: लोहारू अस्पताल की मोर्चरी में रखा शव, आरोपियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग को लेकर अंतिम संस्कार से इनकार

लोहारू के गोठड़ा गांव में प्रवीण कुमार की हत्या। परिजनों ने एक करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग कर अंतिम संस्कार रोका।
 
Loharu police station FIR

लोहारू। क्षेत्र के गांव गोठड़ा में 41 वर्षीय प्रवीण कुमार उर्फ सीटू की हत्या के मामले में परिजनों ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, परिवार को सुरक्षा, एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई है।

मांगें पूरी होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने का निर्णय लेते हुए परिजन शव को लोहारू अस्पताल की मोर्चरी में छोड़कर घर चले गए। शुक्रवार को शव का अंतिम संस्कार नहीं किया गया।

प्रवीण की पत्नी मीनू ने मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र भेजकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। वहीं, परिजनों ने अपनी मांगों का पत्र लोहारू एसडीएम को सौंपा। इस दौरान डीएसपी संजीव गौड़, थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सत्यनारायण और प्रवीण के परिजन मौजूद रहे।

शुक्रवार को कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी कि गांव गोठड़ा की गली में एक युवक का खून से लथपथ शव पड़ा है। सूचना मिलते ही ईआरवी की टीम मौके पर पहुंची। थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर घटनास्थल को सुरक्षित करवाया। इसके बाद सीन ऑफ क्राइम और फॉरेंसिक टीम को बुलाकर आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए।

गांव गोठड़ा निवासी सेवानिवृत्त सूबेदार रणबीर सिंह की शिकायत पर लोहारू थाना पुलिस ने उनके बेटे प्रवीण कुमार उर्फ सीटू की हत्या के मामले में पांच नामजद आरोपियों जयकरण, वसंत, महिपाल, सोमवीर तथा पवन निवासी गोठड़ा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

प्लॉट में बैठकर खाया-पीया फिर मारपीट का आरोप : पुलिस को दी शिकायत में रणबीर सिंह ने बताया कि 10 सितंबर की रात करीब नौ बजे उनका बड़ा बेटा प्रवीण कुमार उर्फ सीटू उनके प्लॉट में मौजूद था। शिकायत के अनुसार, वहां पांचों आरोपी बैठे हुए थे। वे कुछ खा-पी रहे थे।

इसी दौरान उनके बेटे के साथ मारपीट की गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, घटना के बाद प्लॉट में सामान बिखरा हुआ मिला। बाद में प्रवीण का शव जयकरण के घर के सामने खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला। प्रवीण के सिर पर चोट के निशान हैं।

दो छोटे बच्चों के पालन-पोषण की चिंता : प्रवीण कुमार अपने पीछे करीब दो साल की बेटी और दो माह के बेटे को छोड़ गया है। पत्नी ने मुख्यमंत्री से कहा कि उसके पति ही परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी मौत के बाद बच्चों के पालन-पोषण और भविष्य को लेकर परिवार के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।

मीनू ने सरकार से एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और स्वयं को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता से बच्चों की परवरिश और परिवार की जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी।