Haryana Crime News: गटर से मिला था शव, पंचकूला कोर्ट ने ब्लाइंड मर्डर केस में सुनाई आजीवन कारावास की सजा
पंचकूला में 2022 के चर्चित हत्याकांड में अदालत ने महिला समेत दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अवैध संबंधों के चलते की गई थी हत्या।
पंचकूला: साल 2022 के हत्या के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायधीश बिक्रमजीत अरोड़ा की कोर्ट ने महिला समेत दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. अदालत ने संजय कुमार गुप्ता और अनीता देवी को धारा 302 सहपठित धारा 34 के तहत आजीवन कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माना, धारा 201 सहपठित धारा 34 के तहत दो वर्ष के कठोर कारावास और 2-2 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है. दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी. जबकि जुर्माना की अदायगी नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है.
2022 में गटर में मिला था शव: थाना चंडीमंदिर में 2 फरवरी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/201/34 के तहत मामला दर्ज किया गया था. पुलिस को पंचकूला के सेक्टर-26 स्थित आशियाना बी-ब्लॉक के पास गटर में एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना मिली थी. पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकलवाया. मृतक की पहचान सियाराम शाह के रूप में हुई और उसके भाई की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच की.
डायरी से मिला अहम सुराग: पंचकूला पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर की जांच में मृतक की जेब से मिली डायरी को अहम सुराग बनाया और इसी आधार पर जांच को आगे बढ़ाते हुए संदिग्धों तक पहुंच बनाई. जांच में सामने आया कि सियाराम शाह की पत्नी अनीता देवी और संजय कुमार गुप्ता के बीच अवैध प्रेम प्रसंग के चलते कथित तौर पर योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया. पहले खाने में नींद की दवा मिलाई गई और फिर सियाराम के गहरी नींद में जाने के बाद उसका गला उसके ही सफेद गमछे से घोंट दिया गया. फिर लोहे के हथियार से उसके गले पर वार किए गए. इसके बाद शव को कंबल में लपेट कर रात करीब दो बजे गटर में फेंक दिया गया, साथ ही वारदात से जुड़े साक्ष्यों को छिपाने का प्रयास किया गया.
हत्यारोपी 24 घंटे में गिरफ्तार: डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह ने बताया कि वारदात के महज 24 घंटे में इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी को सुलझाते हुए दोनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार किया गया था. जांच के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल लोहे की छैंदी, वारदात के समय पहने कपड़े, मृतक का क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन और शव को ले जाते समय की सीसीटीवी फुटेज सहित महत्वपूर्ण साक्ष्य कब्जे में लिए गए. हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के प्रयास सामने आने पर मामले में धारा 201 भी जोड़ी गई.
फॉरेंसिक और तकनीकी मदद: पंचकूला पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने कहा कि पंचकूला पुलिस की जांच में मौके से मिले हर सुराग को वैज्ञानिक और तकनीकी तरीके से जोड़ा गया. मृतक की जेब से मिली डायरी, घटनास्थल के साक्ष्य, आरोपियों से पूछताछ, बरामदगी और सीसीटीवी फुटेज ने जांच को दिशा दी. पुलिस द्वारा साक्ष्य-आधारित जांच के चलते मामले में अदालत के समक्ष ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए गए, जिसके आधार पर दोनों दोषियों को कोर्ट द्वारा उम्रकैद की सजा सुनाई गई. पुलिस कमिश्नर ने कहा कि इससे स्पष्ट है कि अपराध के बाद साक्ष्यों को छिपाने या मिटाने के प्रयास के बावजूद कानून की पहुंच से बचना आसान नहीं है. उनहाने कहा कि पंचकूला पुलिस गंभीर अपराधों में तकनीकी साक्ष्यों, वैज्ञानिक जांच और पेशेवर अनुसंधान से मामलों को निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है.