Crime Review Meeting Panchkula: बॉर्डर क्षेत्रों में चौकसी बढ़ाने और बुजुर्गों की सुरक्षा के निर्देश, जानें पुलिस कमिश्नर का एक्शन प्लान

पुलिस कमिश्नर पंकज नैन की अध्यक्षता में हुई क्राइम मीटिंग। साइबर फ्रॉड, लंबित मामलों और सुरक्षा को लेकर दिए गए कड़े निर्देश।
 
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पंचकूला: अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी, तकनीकी रूप से सक्षम और जन-सहभागिता आधारित बनाने के मकसद से पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन की अध्यक्षता में गुरुवार को पंचकूला पुलिस लाइन स्थित जीओ मैस में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों, चौकी प्रभारियों एवं विभिन्न शाखाओं के अधिकारियों की क्राइम मीटिंग आयोजित की गई.

बैठक में अपराध की स्थिति, लंबित मामलों, साइबर अपराध, आर्थिक अपराध, सीसीटीवी निगरानी, वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, क्राइम यूनिटों की कार्रवाई और फील्ड पुलिसिंग समेत महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की गई.

सीसीटीवी कैमरे बढ़ाएं और समयबद्ध निपटान: पुलिस कमिश्नर ने थाना स्तर पर विभिन्न प्रकार के मामलों की समीक्षा करते हुए अपराध के आंकड़ों को बेहतर करने के निर्देश दिए. उन्होंने लंबित मामलों, विशेषकर महिला अपराध पर विशेष ध्यान देने और मामलों का समयबद्ध तरीके से निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. साथ ही सभी थाना क्षेत्रों की सीसीटीवी कैमरा रिपोर्ट की जांच कर थाना प्रभारियों को क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए.

साइबर मामलों में पुलिस कार्रवाई: बैठक में साइबर क्राइम के इस वर्ष के आंकड़ों की समीक्षा की गई तो पाया कि अब तक साइबर अपराध के 103 मामले दर्ज कर 205 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष दोगुने आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की बात कही. इस दौरान पुलिस ने 7,94,19,086 (करीब 8 करोड़) रुपये की राशि होल्ड करवाई, जबकि 4,61,42,258 रुपये शिकायतकर्ताओं को वापस दिलवाए गए हैं. शेष राशि भी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित शिकायतकर्ताओं को वापस दिलाए जाने का भरोसा दिया गया है.

साइबर जागरूकता पर अधिक जोर देने के निर्देश: वहीं, पुलिस कमिश्नर ने साइबर जागरूकता पर अधिक जोर देने के निर्देश दिए. इसके अलावा आर्थिक अपराध शाखा की दोनों इकाइयों के आंकड़ों की समीक्षा भी की गई. बताया गया कि पुलिस ने इस वर्ष आर्थिक अपराध से जुड़े 50 मामलों में कार्रवाई करते हुए 79 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस कमिश्नर ने प्रभावी जांच करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के निर्देश भी दिए.

सितंबर में पुलिस की कार्रवाई: क्राइम यूनिटों के सितंबर महीने के आंकड़ों की भी समीक्षा की गई. क्राइम टीमों ने इस महीने अब तक चोरी, स्नैचिंग, वाहन चोरी, आर्म्स एक्ट, सेंधमारी जैसी आपराधिक वारदातों के 27 मामलों को सुलझाते हुए भारी मात्रा में नशीले पदार्थ, अवैध शराब, चोरी किए 18 दोपहिया वाहन, 2 कार और अन्य सामान बरामद किया है. बरामद सामान की कुल कीमत 1. 25 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई. पुलिस ने 4 देशी कट्टे, पिस्टल और 8 जिंदा कारतूस भी बरामद किए.

अकेले रहने वाले बुजुर्गों के संपर्क में रहें: पुलिस कमिश्नर ने अकेले रह रहे बुजुर्गों के सत्यापन के बाद पुलिस टीमों को निर्देश दिए कि सत्यापन के अलावा नियमित रूप से भी बुजुर्गों से मिलें, उनसे संवाद करें और जरूरत के समय उनकी मदद करें. उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ आमजन के साथ निरंतर संपर्क और सहयोग करना भी पुलिसिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा है.

बॉर्डर क्षेत्रों में चौकसी: इसके अलावा पुलिस कमिश्नर ने आपराधिक तत्वों पर निगरानी रखने के लिए इंटर स्टेट बॉर्डर नाकों पर और अधिक चौकसी बरतने के आदेश दिए. बॉर्डर नाकों पर बेरिकेडिंग समेत अन्य अत्याधुनिक उपकरणों को जोड़ा गया है, जिनकी पुलिस कमिश्नर द्वारा स्वयं जांच की गई. उन्होंने अधिकारियों को बॉर्डर क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों और वाहनों पर प्रभावी निगरानी रखने के निर्देश दिए. वहीं, इससे पहले गन कल्चर, रंगदारी एवं डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के मकसद से शुरू की गई अभेद्य ऐप का अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे. इस कारण पुलिस टीमों द्वारा अब तक 1230 लोगों को ऐप के बारे में जागरूक किया गया और 215 लोगों के फोन में यह ऐप डाउनलोड करवाई गई है.

बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर नजर: अंत में पुलिस कमिश्नर ने सभी पुलिस टीमों को फील्ड में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के निर्देश दिए. उन्होंने बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर निरंतर नजर रखने के निर्देश भी दिए, ताकि पुलिसिंग का प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखाई दे. थाना प्रभारियों को अपने थाना परिसरों को साफ-सुथरा रखने और एसीपी स्तर के अधिकारियों को अपने अधीन थाना क्षेत्रों पर निगरानी रखने को कहा.

बता दें कि बैठक में डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह, डीसीपी क्राइम एवं ट्रैफिक आईपीएस अमरिंदर सिंह, सभी एसीपी, थाना प्रभारी, चौकी इंचार्ज, क्राइम यूनिटों के प्रभारी, दोनों ट्रैफिक थाना प्रभारी और अन्य विभिन्न शाखाओं के प्रभारी उपस्थित रहे.